सोना ₹1,60,620 प्रति 10 ग्राम पर पहुँचा, एक हफ्ते में ₹8,257 की उछाल; चाँदी ₹2,46,630 के पार
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 22 अगस्त 2026 को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में सोने और चाँदी की कीमतों में तीव्र उछाल दर्ज की गई। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना इस सप्ताह ₹8,257 महँगा होकर ₹1,60,620 प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया, जबकि चाँदी ₹12,788 की बढ़त के साथ ₹2,46,630 प्रति किलो पर बंद हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, बॉन्ड यील्ड में गिरावट और वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश की बढ़ती माँग इस तेज़ी की प्रमुख वजह है।
सोने की कीमतों का साप्ताहिक विवरण
IBJA के मुताबिक, 24 कैरेट सोना पिछले सप्ताह ₹1,52,363 प्रति 10 ग्राम पर था, जो इस सप्ताह बढ़कर ₹1,60,620 हो गया — यानी ₹8,257 की साप्ताहिक बढ़त। 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,39,565 से बढ़कर ₹1,47,128 प्रति 10 ग्राम हो गई। 18 कैरेट सोना ₹1,14,272 से ₹1,20,465 प्रति 10 ग्राम पर पहुँचा।
इस सप्ताह सोने का न्यूनतम भाव 19 अगस्त को सुबह के सत्र में ₹1,52,884 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि उच्चतम भाव 21 अगस्त को शाम के सत्र में ₹1,60,620 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
चाँदी में भी ऐतिहासिक उछाल
चाँदी की कीमत भी इस सप्ताह ₹12,788 की बढ़त के साथ ₹2,33,842 से उछलकर ₹2,46,630 प्रति किलो पर पहुँच गई। सप्ताह का उच्चतम स्तर 21 अगस्त को शाम के सत्र में ₹2,46,630 प्रति किलो रहा, वहीं न्यूनतम स्तर 19 अगस्त को सुबह के सत्र में ₹2,27,392 प्रति किलो था। गौरतलब है कि IBJA प्रतिदिन दो सत्रों — सुबह और शाम — में सोने-चाँदी के भाव जारी करता है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का रुख
वैश्विक बाज़ार में भी कीमती धातुओं में मज़बूती बनी हुई है। आँकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का भाव 4,600 डॉलर प्रति औंस और चाँदी का भाव 69 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुँच गया है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेज़ी के पीछे दो मुख्य कारण हैं — बॉन्ड यील्ड में गिरावट और वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Demand) की बढ़ती माँग। जब बॉन्ड यील्ड गिरती है, तो सोने जैसी गैर-ब्याज-देने वाली परिसंपत्तियाँ अधिक आकर्षक हो जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितता बनी रहेगी, कीमती धातुओं को खरीदारों का समर्थन मिलता रहेगा।
आगे क्या
यदि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में यही रुझान बना रहा और डॉलर में कमज़ोरी जारी रही, तो घरेलू बाज़ार में भी सोने-चाँदी की कीमतें और ऊँचाई छू सकती हैं। निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों को IBJA के दैनिक भाव पर नज़र रखने की सलाह दी जाती है।