लीक ऑडियो में गोल्डी बरार ने निज्जर हत्या में भूमिका स्वीकारी, नशे का बताया मकसद
सारांश
मुख्य बातें
भगोड़े गैंगस्टर गोल्डी बरार ने कथित तौर पर जून 2023 में कनाडा के सरे (ब्रिटिश कोलंबिया) में हुई खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की है। खालिस्तानी समर्थक परमजीत सिंह पम्मा के साथ हुई कथित बातचीत का एक लीक वीडियो सामने आने के बाद यह खुलासा हुआ है। खुफिया सूत्रों ने कथित तौर पर पुष्टि की है कि ऑडियो में सुनाई देने वाली आवाज़ बरार की ही है।
क्या कहता है लीक ऑडियो
लीक हुई बातचीत में बरार को कथित तौर पर यह कहते सुना जा सकता है कि निज्जर को किशोरों के बीच नशीली दवाओं को बढ़ावा देने और मादक पदार्थों की तस्करी में कथित संलिप्तता के कारण निशाना बनाया गया था। बरार ने कथित रूप से कहा कि युवाओं में नशे को प्रोत्साहन देने के इस आरोप ने उसे गहरी नाराज़गी दी थी।
हालांकि यह स्पष्ट करना ज़रूरी है कि इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। यदि पुष्टि होती है, तो यह निज्जर हत्याकांड की जाँच में एक नया आयाम जोड़ सकता है — जिसमें गिरोह से जुड़ा मकसद सामने आएगा।
निज्जर हत्याकांड की पृष्ठभूमि
45 वर्षीय हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भारत ने उन्हें उनकी मृत्यु से कई वर्ष पहले ही वांछित आतंकवादी घोषित कर दिया था और उनकी खालिस्तान समर्थक गतिविधियाँ भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थीं।
इस हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच गंभीर राजनयिक संकट उत्पन्न हो गया था, क्योंकि हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता के आरोप लगाए गए थे। भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
ऑपरेशन हार्डबॉल और अंतरराष्ट्रीय जाँच
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों को निशाना बनाने वाले अमेरिका-कनाडा के संयुक्त कानून प्रवर्तन अभियान 'ऑपरेशन हार्डबॉल' के तहत बरार और जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की गतिविधियों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया गया है। अमेरिकी जाँच में बिश्नोई नेटवर्क के सदस्यों और निज्जर हत्या के बीच कथित संबंधों का आरोप लगाया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों ने तीन संघीय अभियोग सार्वजनिक किए हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों से जुड़े 37 आरोपियों पर जबरन वसूली, हत्या, अपहरण और मादक पदार्थों की तस्करी सहित विभिन्न अपराधों के आरोप हैं। यह कार्रवाई अमेरिका, कनाडा और यूरोप में फैली वर्षों लंबी बहुराष्ट्रीय जाँच के बाद की गई।
कनाडाई अधिकारियों का रुख
उल्लेखनीय है कि जुलाई में एक वरिष्ठ कनाडाई कानून प्रवर्तन अधिकारी ने कहा था कि जाँचकर्ताओं को भारतीय अधिकारियों को उस अमेरिकी जाँच से जोड़ने वाले कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, जिसमें बिश्नोई और तीन संगठित अपराध समूहों के दर्जनों सदस्यों पर आरोप लगाए गए थे। यह बयान उस समय आया जब भारत-कनाडा राजनयिक तनाव अपने चरम पर था।
गोल्डी बरार कौन है और आगे क्या
गोल्डी बरार पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में भारतीय अधिकारियों को वांछित है। उसे अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के नेटवर्क से जुड़ा एक प्रमुख संचालक माना जाता है। लॉरेंस बिश्नोई और अन्य संगठित अपराध हस्तियों के साथ उसके कथित संबंधों की भारत और विदेशों में जाँच जारी है।
यह कथित स्वीकारोक्ति ऐसे समय में सामने आई है जब निज्जर हत्याकांड से जुड़े हालातों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित हो रहा है। यदि ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि होती है, तो यह मामले की दिशा बदल सकती है।