7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गोमती बाढ़: लखनऊ में योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 90 नावें और 12 रैन बसेरे तैनात

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गोमती बाढ़: लखनऊ में योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 90 नावें और 12 रैन बसेरे तैनात

सारांश

गोमती नदी के उफान से लखनऊ के कई मोहल्ले जलमग्न हैं। योगी सरकार ने 90 नावें, 12 अस्थायी रैन बसेरे और 250 सफाईकर्मी तैनात किए हैं। 35 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया। 150 एकड़ में ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव हो चुका है।

मुख्य बातें

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने 7 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के जलभराव-प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत व्यवस्था का निरीक्षण किया।
जिला प्रशासन की 90 नावें प्रभावित इलाकों में संचालित; करीब 35 परिवारों को जोन-6 से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।
12 अस्थायी रैन बसेरे स्थापित; दाउद नगर में 10 , लोहरामऊ और मिल्लत नगर में एक-एक ; 26 लोग इनमें रह रहे हैं।
करीब 20 टैंकर और 10,000 लीटर पैकेज्ड पेयजल की आपूर्ति जारी।
150 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एमएलओ और एंटी लार्वा का छिड़काव; 250 सफाईकर्मी तैनात।
जलस्तर घटने के बाद संक्रामक व मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए अलग-अलग टीमें पहले से निर्धारित।

लखनऊ में गोमती नदी के उफनते जलस्तर से प्रभावित इलाकों में योगी आदित्यनाथ सरकार के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य 7 अक्टूबर 2026 को पूरी गति से जारी रहे। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बुधवार को पूरे दिन जलभराव-प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश जारी किए।

प्रमुख प्रभावित क्षेत्र और निरीक्षण

नगर आयुक्त ने जोन-6 के सैठा तथा जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर और मिल्लत नगर सहित कई इलाकों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने जलभराव की स्थिति के साथ-साथ नावों के संचालन, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और समग्र राहत सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती यूनिवर्सिटी में स्थापित अस्थायी भंडार केंद्र का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ राहत सामग्री के व्यवस्थित रख-रखाव और समयबद्ध वितरण के निर्देश दिए गए।

राहत संसाधन और व्यवस्थाएँ

प्रभावित इलाकों में करीब 20 पानी के टैंकर भेजे गए हैं और 10,000 लीटर पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराया गया है। जलभराव-पीड़ित परिवारों के लिए 12 अस्थायी रैन बसेरे तैयार किए गए हैं — इनमें दाउद नगर में 10 और लोहरामऊ तथा मिल्लत नगर में एक-एक शामिल हैं। जोन-6 में करीब 35 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है और 26 लोग रैन बसेरों में ठहरे हुए हैं।

इसके अतिरिक्त पल्टन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पास 100-100 बेड क्षमता वाले स्थायी रैन बसेरे भी उपलब्ध हैं। इन केंद्रों में बेड, फोल्डिंग कुर्सियाँ, पंखे, कूलर, प्रकाश व्यवस्था और मोबाइल के लिए 12 चार्जिंग पॉइंट जैसी बुनियादी सुविधाएँ दी गई हैं।

नावों और कर्मचारियों की तैनाती

जिला प्रशासन की 90 नावें प्रभावित क्षेत्रों में संचालित हैं। जोन-6 के सैठा, दौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, टांड खेड़ा, सुखलाल खेड़ा, गुलमी खेड़ा और हयातगंज में नावों एवं स्टीमर से लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री वितरण का काम अनवरत जारी है। लक्ष्मी हॉस्पिटल के पीछे एक नाव विशेष रूप से राहत सामग्री वितरण के लिए तैनात की गई है।

दाउद नगर में दो शिफ्टों में 25-25 कर्मचारी और लोहरामऊ तथा मिल्लत नगर में भी 25-25 कर्मचारी राहत कार्यों में लगे हैं। नगर निगम की टीमें राहत सामग्री की लोडिंग, अनलोडिंग और वितरण में प्रशासन का सहयोग कर रही हैं।

स्वच्छता और बीमारी से बचाव के उपाय

यादव चौराहे से मामा कॉलोनी तक करीब 250 सफाईकर्मी लगातार काम कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। करीब 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एमएलओ और एंटी लार्वा का छिड़काव हो चुका है, जिसमें जोन-3 और जोन-6 के क्षेत्र शामिल हैं। जहाँ सामान्य मशीनें नहीं पहुँच सकतीं, वहाँ ड्रोन से दवा का छिड़काव किया जा रहा है। छह मैनुअल और छह बड़ी फॉगिंग मशीनों के अलावा LSA की दो बड़ी मशीनों से भी दवा का छिड़काव जारी है।

जलस्तर घटने के बाद की तैयारी

नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों के साथ-साथ जलस्तर कम होने के बाद की स्थिति से निपटने की तैयारी भी पूरी रखी जाए। प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र के लिए अलग-अलग समर्पित टीमें निर्धारित की जा रही हैं। पानी उतरते ही इन टीमों द्वारा सड़कों और बस्तियों में जमा कीचड़, कचरे की सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर, एंटी लार्वा और आवश्यक दवाओं का छिड़काव तथा फॉगिंग कराई जाएगी। यह कदम जलभराव के बाद संक्रामक एवं मच्छरजनित बीमारियों के संभावित प्रसार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि गोमती हर मानसून में इन्हीं मोहल्लों को क्यों डुबोती है। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी बाढ़ प्रबंधन और नदी किनारे अतिक्रमण उत्तर प्रदेश के कई शहरों की पुरानी समस्या है। राहत वितरण की संख्याएँ — 90 नावें, 12 रैन बसेरे, 250 सफाईकर्मी — प्रभावशाली लगती हैं, परंतु दीर्घकालिक समाधान — नाला चौड़ीकरण, नदी तट संरक्षण और जल निकासी अवसंरचना — की कोई ठोस योजना अभी तक सामने नहीं आई है। जब तक संरचनात्मक कमियाँ दूर नहीं होतीं, हर बरसात में यही राहत चक्र दोहराया जाता रहेगा।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में गोमती नदी की बाढ़ से कौन-कौन से इलाके प्रभावित हैं?
जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर और मिल्लत नगर, तथा जोन-6 के सैठा, दौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, टांड खेड़ा, सुखलाल खेड़ा, गुलमी खेड़ा और हयातगंज मुख्य रूप से प्रभावित हैं। इन इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
योगी सरकार ने लखनऊ बाढ़ राहत के लिए क्या इंतज़ाम किए हैं?
सरकार ने 90 नावें, 12 अस्थायी रैन बसेरे, करीब 20 पानी के टैंकर और 10,000 लीटर पैकेज्ड पेयजल की व्यवस्था की है। 250 सफाईकर्मी और 150 एकड़ में ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव भी हो चुका है।
लखनऊ में कितने परिवारों को बाढ़ से निकाला गया है?
जोन-6 से करीब 35 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। इसके अलावा 26 लोग अस्थायी रैन बसेरों में रह रहे हैं।
जलभराव के बाद बीमारियों से बचाव के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
ब्लीचिंग पाउडर, एंटी लार्वा और एमएलओ का छिड़काव ड्रोन व फॉगिंग मशीनों से किया जा रहा है। जलस्तर घटने के बाद संक्रामक व मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए अलग-अलग टीमें पहले से तैयार की जा रही हैं।
लखनऊ के रैन बसेरों में क्या सुविधाएँ मिल रही हैं?
रैन बसेरों में बेड, फोल्डिंग कुर्सियाँ, पंखे, कूलर, प्रकाश व्यवस्था और मोबाइल चार्जिंग के लिए 12 पॉइंट उपलब्ध कराए गए हैं। पल्टन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पास 100-100 बेड क्षमता वाले स्थायी रैन बसेरे भी संचालित हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले