गोमती बाढ़: लखनऊ में योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 90 नावें और 12 रैन बसेरे तैनात
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ में गोमती नदी के उफनते जलस्तर से प्रभावित इलाकों में योगी आदित्यनाथ सरकार के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य 7 अक्टूबर 2026 को पूरी गति से जारी रहे। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बुधवार को पूरे दिन जलभराव-प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश जारी किए।
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र और निरीक्षण
नगर आयुक्त ने जोन-6 के सैठा तथा जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर और मिल्लत नगर सहित कई इलाकों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने जलभराव की स्थिति के साथ-साथ नावों के संचालन, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और समग्र राहत सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती यूनिवर्सिटी में स्थापित अस्थायी भंडार केंद्र का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ राहत सामग्री के व्यवस्थित रख-रखाव और समयबद्ध वितरण के निर्देश दिए गए।
राहत संसाधन और व्यवस्थाएँ
प्रभावित इलाकों में करीब 20 पानी के टैंकर भेजे गए हैं और 10,000 लीटर पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराया गया है। जलभराव-पीड़ित परिवारों के लिए 12 अस्थायी रैन बसेरे तैयार किए गए हैं — इनमें दाउद नगर में 10 और लोहरामऊ तथा मिल्लत नगर में एक-एक शामिल हैं। जोन-6 में करीब 35 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है और 26 लोग रैन बसेरों में ठहरे हुए हैं।
इसके अतिरिक्त पल्टन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पास 100-100 बेड क्षमता वाले स्थायी रैन बसेरे भी उपलब्ध हैं। इन केंद्रों में बेड, फोल्डिंग कुर्सियाँ, पंखे, कूलर, प्रकाश व्यवस्था और मोबाइल के लिए 12 चार्जिंग पॉइंट जैसी बुनियादी सुविधाएँ दी गई हैं।
नावों और कर्मचारियों की तैनाती
जिला प्रशासन की 90 नावें प्रभावित क्षेत्रों में संचालित हैं। जोन-6 के सैठा, दौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, टांड खेड़ा, सुखलाल खेड़ा, गुलमी खेड़ा और हयातगंज में नावों एवं स्टीमर से लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री वितरण का काम अनवरत जारी है। लक्ष्मी हॉस्पिटल के पीछे एक नाव विशेष रूप से राहत सामग्री वितरण के लिए तैनात की गई है।
दाउद नगर में दो शिफ्टों में 25-25 कर्मचारी और लोहरामऊ तथा मिल्लत नगर में भी 25-25 कर्मचारी राहत कार्यों में लगे हैं। नगर निगम की टीमें राहत सामग्री की लोडिंग, अनलोडिंग और वितरण में प्रशासन का सहयोग कर रही हैं।
स्वच्छता और बीमारी से बचाव के उपाय
यादव चौराहे से मामा कॉलोनी तक करीब 250 सफाईकर्मी लगातार काम कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। करीब 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एमएलओ और एंटी लार्वा का छिड़काव हो चुका है, जिसमें जोन-3 और जोन-6 के क्षेत्र शामिल हैं। जहाँ सामान्य मशीनें नहीं पहुँच सकतीं, वहाँ ड्रोन से दवा का छिड़काव किया जा रहा है। छह मैनुअल और छह बड़ी फॉगिंग मशीनों के अलावा LSA की दो बड़ी मशीनों से भी दवा का छिड़काव जारी है।
जलस्तर घटने के बाद की तैयारी
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों के साथ-साथ जलस्तर कम होने के बाद की स्थिति से निपटने की तैयारी भी पूरी रखी जाए। प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र के लिए अलग-अलग समर्पित टीमें निर्धारित की जा रही हैं। पानी उतरते ही इन टीमों द्वारा सड़कों और बस्तियों में जमा कीचड़, कचरे की सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर, एंटी लार्वा और आवश्यक दवाओं का छिड़काव तथा फॉगिंग कराई जाएगी। यह कदम जलभराव के बाद संक्रामक एवं मच्छरजनित बीमारियों के संभावित प्रसार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।