सरकारी समिति ने सीएनजी पर उत्पाद शुल्क हटाने की सिफारिश की, सस्ता बनेगा ईंधन विकल्प

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सरकारी समिति ने सीएनजी पर उत्पाद शुल्क हटाने की सिफारिश की, सस्ता बनेगा ईंधन विकल्प

सारांश

सीएनजी पर उत्पाद शुल्क हटाने की सिफारिश से ईंधन की कीमतों में कमी आने की संभावना है, जिससे हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम 2030 तक प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

Key Takeaways

  • सीएनजी पर एक्साइज ड्यूटी को हटाने की सिफारिश।
  • सीएनजी को सस्ता और आकर्षक बनाने का प्रयास।
  • 2030 तक प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य।
  • सरकार द्वारा पाइप्ड गैस को बढ़ावा देना।
  • सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय सरकारी समिति ने कीमतों में कमी लाने और हरित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए संपीड़ित प्राकृतिक गैस अर्थात् कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) पर लगने वाली उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) को समाप्त करने की सिफारिश की है। इस कदम का उद्देश्य 2030 तक देश के ईंधन मिश्रण में प्राकृतिक गैस की 15 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना है।

समिति की प्रमुख सिफारिशों में 14 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी का समाप्ति शामिल है, जिससे सीएनजी एक सस्ता और आकर्षक ईंधन विकल्प बन सकेगा। इसके अतिरिक्त, सीएनजी वाहनों पर जीएसटी को घटाकर 5 प्रतिशत करने का सुझाव दिया गया है ताकि इनका उपयोग बढ़ सके और ये इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें।

सिफारिशों में यह भी कहा गया है कि सीएनजी और पेट्रोल के बीच मूल्य का अंतर बनाए रखा जाए, ताकि लोग पेट्रोल की बजाय सीएनजी को अपनाने के लिए प्रेरित हों। इस टैक्स राहत का लाभ लगभग 1.9 करोड़ परिवारों और 38.41 लाख उपभोक्ताओं को मिलने की संभावना है।

वास्तव में, वर्तमान में सीएनजी पर 14 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट होने के कारण कुछ क्षेत्रों, विशेषकर दक्षिण भारत में, यह ईंधन महंगा पड़ता है और इसकी प्रतिस्पर्धा कम हो जाती है।

इसी बीच, सरकार परिवारों को एलपीजी की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है, क्योंकि पश्चिम एशिया संकट के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। मार्च से अब तक लगभग 4.58 लाख नए कनेक्शन चालू किए गए हैं, जबकि 5.1 लाख नए उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

15 अप्रैल तक लगभग 35,000 उपभोक्ताओं ने मायपीएनजीडी.इन वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। राज्यों को घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन देने में सहायता करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सरकार स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पीएनजीआरबी और राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

पीएनजीआरबी द्वारा अधिकृत संस्थाओं के नेतृत्व में, सीजीडी नेटवर्क अब देश के लगभग 307 भौगोलिक क्षेत्रों तक फैल चुका है, जो द्वीपों को छोड़कर देश के लगभग 100 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र को कवर करता है और 34 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 784 जिलों तक पहुंचता है।

सरकार ने इस क्षेत्र के विकास के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं, जिनमें सस्ती घरेलू गैस की आपूर्ति, सप्लाई प्रक्रिया को सरल बनाना, सरकारी और रक्षा आवासों में पीएनजी को अनिवार्य करना, और सीजीडी प्रोजेक्ट्स को पब्लिक यूटिलिटी का दर्जा देना शामिल है।

Point of View

जिसे लंबे समय तक टिकाऊ विकास के लिए देखा जा सकता है।
NationPress
17/04/2026

Frequently Asked Questions

सीएनजी पर उत्पाद शुल्क हटाने का क्या लाभ है?
इससे सीएनजी सस्ता होगा, जिससे उपभोक्ताओं को लाभ होगा और प्राकृतिक गैस का उपयोग बढ़ेगा।
यह सिफारिश कब लागू होगी?
अभी तक कोई निश्चित तारीख नहीं है, लेकिन सरकार इस पर तेजी से विचार कर रही है।
क्या इससे पेट्रोल की कीमतें प्रभावित होंगी?
इस सिफारिश का उद्देश्य पेट्रोल की कीमतों को स्थिर बनाए रखना है, ताकि लोग सीएनजी को अपनाएं।
सरकार ने प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ाने के लिए और क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार और पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियाँ बनाई हैं।
सीएनजी के उपयोग से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
सीएनजी का उपयोग करने से वायु प्रदूषण में कमी आएगी और यह एक स्वच्छ ऊर्जा विकल्प है।
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