4 अगस्त 2026
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गौतमबुद्धनगर: मनमानी फीस वृद्धि पर 7 निजी स्कूलों पर ₹7 लाख का जुर्माना, UP अधिनियम 2018 का उल्लंघन

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गौतमबुद्धनगर: मनमानी फीस वृद्धि पर 7 निजी स्कूलों पर ₹7 लाख का जुर्माना, UP अधिनियम 2018 का उल्लंघन

सारांश

गौतमबुद्धनगर में 45 नोटिस के बाद भी नहीं माने 7 निजी स्कूल — जिला शुल्क नियामक समिति ने UP अधिनियम 2018 के तहत प्रत्येक पर ₹1 लाख का जुर्माना ठोका। 7.23% की तय सीमा से अधिक फीस वृद्धि और एनुअल चार्ज की अलग वसूली पड़ी महँगी।

मुख्य बातें

जिला शुल्क नियामक समिति ने 4 अगस्त 2026 को 7 निजी विद्यालयों पर कुल ₹7 लाख का अर्थदंड लगाया।
शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए अधिकतम फीस वृद्धि सीमा 7.23 प्रतिशत निर्धारित है — 6 स्कूलों ने इसका उल्लंघन किया।
बाल भारती पब्लिक स्कूल पर वेबसाइट पर फीस स्ट्रक्चर न डालने और अलग से एनुअल चार्ज वसूलने पर जुर्माना।
संबंधित विद्यालयों को पहले 45 नोटिस जारी किए जा चुके थे, फिर भी उल्लंघन जारी रहा।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी — भविष्य में उल्लंघन पर और कठोर कार्रवाई होगी।

गौतमबुद्धनगर जिले में जिला शुल्क नियामक समिति ने 4 अगस्त 2026 को 7 निजी विद्यालयों पर कुल ₹7 लाख का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के उल्लंघन के तहत की गई है, जिसमें इन विद्यालयों ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए निर्धारित अधिकतम 7.23 प्रतिशत की फीस वृद्धि सीमा का उल्लंघन किया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस बैठक में प्रत्येक दोषी विद्यालय पर ₹1 लाख का व्यक्तिगत जुर्माना लगाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

समिति की समीक्षा में पाया गया कि 6 विद्यालयों ने सरकार द्वारा तय 7.23 प्रतिशत की अधिकतम सीमा से अधिक फीस वृद्धि की। वहीं एक विद्यालय ने कम्पोजिट फीस के अतिरिक्त अलग से एनुअल चार्ज भी वसूला, जो अधिनियम के प्रावधानों के सीधे विरुद्ध है। गौरतलब है कि संबंधित विद्यालयों को पहले ही कुल 45 नोटिस जारी किए जा चुके थे, इसके बावजूद नियमों की अनदेखी जारी रही।

समिति ने इसे प्रथम बार का उल्लंघन मानते हुए प्रत्येक विद्यालय पर ₹1-₹1 लाख का अर्थदंड लगाने का निर्णय लिया।

किन विद्यालयों पर हुई कार्रवाई

जिन 6 विद्यालयों पर निर्धारित सीमा से अधिक फीस वृद्धि के कारण जुर्माना लगाया गया, वे हैं:

एपीजे स्कूल, सेक्टर-16, नोएडा
स्पर्श ग्लोबल स्कूल, सेक्टर-20, ग्रेटर नोएडा वेस्ट
रामाज्ञा स्कूल, सेक्टर-50, नोएडा
विश्व भारती स्कूल, सेक्टर-28, नोएडा
श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा
सेंट जॉन्स स्कूल, सेक्टर-2, ग्रेटर नोएडा

इसके अतिरिक्त, बाल भारती पब्लिक स्कूल, सेक्टर-21, नोएडा पर भी ₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया। इस विद्यालय ने शैक्षिक वर्ष 2025-26 का फीस स्ट्रक्चर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया था और कम्पोजिट फीस के अलावा अलग से एनुअल चार्ज भी वसूल रहा था।

कानूनी ढाँचा और सरकार का रुख

उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए अधिकतम 7.23 प्रतिशत तक ही फीस वृद्धि की अनुमति है। जिला प्रशासन ने सभी निजी विद्यालयों को इस अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को लेकर अभिभावकों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आम जनता पर असर

गौतमबुद्धनगर एक तेज़ी से बढ़ता शहरी जिला है जहाँ बड़ी संख्या में मध्यमवर्गीय परिवार निजी विद्यालयों पर निर्भर हैं। अधिनियम से अधिक फीस वसूली सीधे इन परिवारों की जेब पर असर डालती है। समिति की यह कार्रवाई अभिभावकों को एक संरक्षण संकेत देती है कि नियामक तंत्र सक्रिय है।

आगे क्या होगा

दंडित विद्यालयों को अर्थदंड जमा करने के साथ-साथ अपनी फीस संरचना को अधिनियम के अनुरूप संशोधित करना होगा। जिला शुल्क नियामक समिति ने संकेत दिया है कि आगामी शैक्षिक सत्रों में भी इसी प्रकार की नियमित समीक्षा जारी रहेगी। द्वितीय बार उल्लंघन पर जुर्माने की राशि और अधिक हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर ज़रूरी थी। असली सवाल यह है कि ₹1 लाख का जुर्माना उन स्कूलों के लिए कितना प्रभावी निरोधक है जो लाखों की अतिरिक्त फीस वसूल चुके हैं। UP शुल्क विनियमन अधिनियम 2018 के पास दंड बढ़ाने का प्रावधान है, लेकिन 'प्रथम बार उल्लंघन' की उदारता बार-बार दोहराई जाती रही तो यह कानून दाँत के बिना शेर बन जाएगा। अभिभावकों को राहत तब मिलेगी जब अतिरिक्त वसूली की वापसी भी सुनिश्चित हो — केवल जुर्माना नहीं।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्धनगर में किन स्कूलों पर जुर्माना लगाया गया है?
एपीजे स्कूल (सेक्टर-16, नोएडा), स्पर्श ग्लोबल स्कूल (सेक्टर-20, ग्रेटर नोएडा वेस्ट), रामाज्ञा स्कूल (सेक्टर-50, नोएडा), विश्व भारती स्कूल (सेक्टर-28, नोएडा), श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल (गौर सिटी), सेंट जॉन्स स्कूल (सेक्टर-2, ग्रेटर नोएडा) और बाल भारती पब्लिक स्कूल (सेक्टर-21, नोएडा) — इन सातों पर ₹1-₹1 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
UP में निजी स्कूल कितनी फीस बढ़ा सकते हैं?
उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए अधिकतम 7.23 प्रतिशत तक ही फीस वृद्धि की अनुमति है। इससे अधिक वृद्धि करने पर कानूनी कार्रवाई और अर्थदंड का प्रावधान है।
बाल भारती पब्लिक स्कूल पर क्यों जुर्माना लगा?
बाल भारती पब्लिक स्कूल, सेक्टर-21, नोएडा ने शैक्षिक वर्ष 2025-26 का फीस स्ट्रक्चर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया था। इसके साथ ही विद्यालय कम्पोजिट फीस के अतिरिक्त अलग से एनुअल चार्ज भी वसूल रहा था, जो शुल्क विनियमन अधिनियम का उल्लंघन है।
क्या इन स्कूलों को पहले कोई चेतावनी दी गई थी?
हाँ, जिला शुल्क नियामक समिति ने संबंधित विद्यालयों को पहले ही कुल 45 नोटिस जारी कर नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद इन विद्यालयों ने उल्लंघन जारी रखा, जिसके बाद जुर्माने की कार्रवाई की गई।
भविष्य में नियम तोड़ने पर क्या होगा?
जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में उल्लंघन पाए जाने पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस बार इसे 'प्रथम बार का उल्लंघन' मानते हुए ₹1 लाख प्रति विद्यालय जुर्माना लगाया गया है; अगली बार दंड की राशि अधिक हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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