क्या सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त की जाएगी? ग्रेटर नोएडा हादसे पर अनिल गोयल का बयान
सारांश
Key Takeaways
- सरकार ने सख्त कार्रवाई की है।
- निर्माणकर्ता की गिरफ्तारी हुई है।
- लापरवाही में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई।
- सुरक्षा के मानकों को सुधारने की योजना।
- एसआईटी का गठन किया गया है।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा में एक इंजीनियर की मौत के घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए त्वरित और कठोर कदम उठाए हैं। भाजपा विधायक डॉ. अनिल गोयल ने जानकारी दी कि सरकार ने जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नोएडा के सीईओ का तबादला कर दिया है, संबंधित निर्माणकर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है और लापरवाही में शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा, "दिल्ली सरकार ने भी इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है और ट्रैफिक पुलिस, पीडब्ल्यूडी और एमसीडी को तत्काल इस मुद्दे पर ध्यान देने और बिना किसी देरी के सभी गड्ढों और अन्य खतरनाक स्थानों को सुधारने का निर्देश दिया गया है।"
डॉ. अनिल गोयल ने कहा कि हादसे के तुरंत बाद सरकार ने एसआईटी का गठन किया, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा सके।
उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में खामी पाई गई है, वहां की सभी जिम्मेदारियों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्य सर्किल या विभाग की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिया गया है कि किसी भी सड़क पर अंधेरा न रहे। सभी मार्गों पर स्ट्रीट लाइटनिर्माणकर्ताओं को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी निर्माणाधीन साइटों पर सुरक्षा के सभी मानकों का पूरी तरह पालन करें। निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो।
डॉ. अनिल गोयल ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है और इस प्रकार की घटनाओं से सबक लेकर व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा।