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क्या भारत में जीएसटी में सुधार और ब्याज दरों में कमी से घरेलू खपत को बढ़ावा मिलेगा?

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क्या भारत में जीएसटी में सुधार और ब्याज दरों में कमी से घरेलू खपत को बढ़ावा मिलेगा?

सारांश

क्या जीएसटी में सुधार और ब्याज दरों में कमी भारत में घरेलू खपत को बढ़ावा देगा? मॉर्गन स्टेनली की नई रिपोर्ट में इस बात का संकेत है कि यह सुधार देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। जानें इस रिपोर्ट में क्या कहा गया है।

मुख्य बातें

जीएसटी में सुधार से घरेलू मांग में वृद्धि।
आयकर में कटौती का प्रभाव सकारात्मक होगा।
मौद्रिक नीति में नरमी से आर्थिक वृद्धि को मदद मिलेगी।
महंगाई में कमी की संभावना है।
नौकरियों में वृद्धि से उपभोक्ता खर्च बढ़ेगा।

नई दिल्ली, 18 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जीएसटी की दरों में सुधार, आयकर में कटौती, मौद्रिक नीति में नरमी, नौकरियों में वृद्धि और वास्तविक मजदूरी के बढ़ने से भारत में घरेलू मांग और खपत के लिए आउटलुक और भी बेहतर हो रहा है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

वैश्विक निवेश फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जीएसटी में सुधार से वृद्धि दर, महंगाई दर और राजकोषीय संतुलन पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है, और यह मौद्रिक नीति को भी प्रभावित करेगा।

छोटी अवधि में वॉल्यूम वृद्धि पर थोड़ा असर पड़ सकता है क्योंकि उपभोक्ता नई जीएसटी व्यवस्था पर स्पष्टता आने तक अपने खर्च को टाल सकते हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि नई जीएसटी दरें लागू होने के बाद, संभावित स्थगित मांग में सुधार के साथ-साथ चीजों के सस्ते होने के कारण भी समर्थन मिलेगा, क्योंकि अप्रत्यक्ष कर सीधे तौर पर अफोर्डेबिलिटी से जुड़े हैं।

मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषण के अनुसार, "इस सुधार का असर देश की जीडीपी के 0.5-0.6 प्रतिशत के बराबर होगा।"

वैश्विक निवेश फर्म ने आगे कहा कि महंगाई में 40 आधार अंक की गिरावट देखने को मिल सकती है और आय में कमी के कारण केंद्र और राज्य के राजकोषीय संतुलन पर असर हो सकता है। हालांकि, इसकी आंशिक भरपाई हाई जीडीपी ग्रोथ और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर संग्रह में सुधार से हो सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया, "हम उम्मीद करते हैं कि विकास पर शुद्ध प्रभाव सकारात्मक होगा क्योंकि अप्रत्यक्ष कर कटौती का गुणक 1.1 है, जिसका अर्थ है 50-70 आधार अंकों की संभावित वृद्धि।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए भाषण में जीएसटी व्यवस्था में व्यापक बदलावों का संकेत देते हुए कहा, "इस दिवाली, मैं आपके लिए दोहरी दिवाली मनाने जा रहा हूं। देशवासियों को एक बड़ा तोहफा मिलने वाला है, आम घरेलू वस्तुओं पर जीएसटी में भारी कटौती होगी।"

प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी दरों की समीक्षा की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और इसे "समय की मांग" बताया। उन्होंने घोषणा की, "जीएसटी दरों में भारी कमी की जाएगी। आम लोगों के लिए कर कम किया जाएगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि जीएसटी में सुधार और ब्याज दरों की कमी से भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। यह कदम आम जनता के लिए राहत देने वाला साबित होगा और देश की विकास दर को भी बढ़ावा देगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी में सुधार का क्या असर होगा?
जीएसटी में सुधार से वृद्धि दर, महंगाई दर और राजकोषीय संतुलन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
क्या जीएसटी में कमी से महंगाई में सुधार होगा?
हां, जीएसटी में कमी से महंगाई में 40 आधार अंक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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