गुजरात CM भूपेंद्र पटेल का अधिकारियों को अल्टीमेटम: 'स्वागत' में 5,057 शिकायतें, तय समयसीमा में समाधान करें
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 24 सितंबर 2026 को राज्य स्तरीय 'स्वागत' कार्यक्रम में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे नागरिकों की लंबित शिकायतों को तय समयसीमा के भीतर अनिवार्य रूप से सुलझाएं। इस बार के सत्र में भावनगर, मेहसाणा, जूनागढ़, मोरबी और राजकोट के नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं और पूरे गुजरात से कुल 5,057 आवेदनों पर कार्रवाई की गई।
मुख्य शिकायतें और निर्देश
भावनगर के थलसर गांव में अंडरग्राउंड ड्रेनेज की गंभीर समस्या सामने आई। मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था करने, स्थलीय निरीक्षण करने और व्यवहार्यता आकलन के बाद स्थायी ड्रेनेज लाइन बिछाने के आदेश दिए।
मेहसाणा के कड़ी तालुका से औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदूषित पानी छोड़े जाने की शिकायत पर पटेल ने वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव को दोषी इकाइयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जूनागढ़ के मांगरोल तालुका में लबारकुवा-मेनेज गांव की सड़क वर्षों से स्थानीय विरोध के चलते अधूरी पड़ी है। सीएम पटेल ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिया कि सड़क का निर्माण दिवाली से पहले हर हाल में पूर्ण कराया जाए।
राजकोट और मोरबी के मामले
राजकोट नगर निगम क्षेत्र में कबाड़ व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के कारण यातायात बाधित होने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त को तत्काल कार्रवाई और आवश्यकतानुसार स्थल को सील करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस शिकायत का निपटान एक सप्ताह के भीतर होना चाहिए।
मोरबी नगर निगम क्षेत्र के एक किसान ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाला गंदा पानी अपने खेत में छोड़े जाने की शिकायत की। पटेल ने नगर आयुक्त को 900 मीटर की पाइपलाइन बिछाकर यह समस्या 20 दिनों के भीतर सुलझाने का निर्देश दिया।
बेचारजी और अन्य लंबित मुद्दे
मुख्यमंत्री ने बेचारजी एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत एक ऐसी औद्योगिक इकाई का मामला भी उठाया जिसे तीन वर्षों से निर्माण अनुमति नहीं मिली थी। उन्होंने अर्बन डेवलपमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और चीफ टाउन प्लानर को इस मामले को एक महीने के भीतर निपटाने का आदेश दिया।
सितंबर के इस सत्र में किसानों के खेतों से वर्षा जल निकासी, सफाई, अतिक्रमण और शहरी विकास प्राधिकरणों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ सचिव इस अवसर पर उपस्थित थे।
'स्वागत' कार्यक्रम की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 'स्वागत' (State-Wide Attention on Grievances by Application of Technology) कार्यक्रम मूल रूप से तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में प्रौद्योगिकी के माध्यम से नागरिक शिकायतों के निवारण हेतु शुरू किया गया था। यह इस तरह की पारदर्शी जन-सुनवाई का एक स्थापित मॉडल है जिसे गुजरात सरकार निरंतर जारी रखे हुए है।
राज्य सरकार के अनुसार इस कार्यक्रम से 'सेवा संकल्प अभियान' को और गति मिली है, जो प्रधानमंत्री मोदी की जन-सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इस बार मुख्यमंत्री कार्यालय में 200 से अधिक आवेदक स्वयं उपस्थित थे, जबकि 2,277 आवेदन जिला 'स्वागत' और 2,780 आवेदन तालुका 'स्वागत' के माध्यम से प्राप्त हुए।
यह कार्यक्रम राज्य में प्रशासनिक जवाबदेही को सुनिश्चित करने की दिशा में एक सतत प्रयास है — आने वाले महीनों में निर्देशित समयसीमाओं का अनुपालन इसकी वास्तविक कसौटी होगी।