24 सितंबर 2026
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गुजरात CM भूपेंद्र पटेल का अधिकारियों को अल्टीमेटम: 'स्वागत' में 5,057 शिकायतें, तय समयसीमा में समाधान करें

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गुजरात CM भूपेंद्र पटेल का अधिकारियों को अल्टीमेटम: 'स्वागत' में 5,057 शिकायतें, तय समयसीमा में समाधान करें

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सितंबर 'स्वागत' सत्र में 5,057 नागरिक शिकायतें सुनीं और ड्रेनेज, प्रदूषण, अटकी सड़क जैसे मुद्दों पर अधिकारियों को एक सप्ताह से एक महीने की सख्त समयसीमा दी। यह सत्र प्रशासनिक जवाबदेही की असली परीक्षा बन गया है।

मुख्य बातें

CM भूपेंद्र पटेल ने 24 सितंबर 2026 को सितंबर के राज्य स्तरीय 'स्वागत' सत्र में 5,057 नागरिक शिकायतों पर कार्रवाई की।
भावनगर के थलसर गांव में अंडरग्राउंड ड्रेनेज, मेहसाणा के कड़ी तालुका में औद्योगिक प्रदूषण, जूनागढ़ में लंबित सड़क और मोरबी में सीवेज जैसे मुद्दे उठे।
राजकोट में कबाड़ व्यापार से यातायात बाधा की शिकायत पर एक सप्ताह में समाधान का आदेश; मोरबी किसान के खेत में सीवेज समस्या 20 दिनों में हल करने का निर्देश।
जूनागढ़ में लबारकुवा-मेनेज गांव की अटकी सड़क दिवाली से पहले पूरी करने का आदेश।
बेचारजी एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत तीन वर्षों से लंबित निर्माण अनुमति मामला एक महीने में निपटाने का निर्देश।
'स्वागत' में 2,277 आवेदन जिला स्तर और 2,780 आवेदन तालुका स्तर से प्राप्त हुए।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 24 सितंबर 2026 को राज्य स्तरीय 'स्वागत' कार्यक्रम में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे नागरिकों की लंबित शिकायतों को तय समयसीमा के भीतर अनिवार्य रूप से सुलझाएं। इस बार के सत्र में भावनगर, मेहसाणा, जूनागढ़, मोरबी और राजकोट के नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं और पूरे गुजरात से कुल 5,057 आवेदनों पर कार्रवाई की गई।

मुख्य शिकायतें और निर्देश

भावनगर के थलसर गांव में अंडरग्राउंड ड्रेनेज की गंभीर समस्या सामने आई। मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था करने, स्थलीय निरीक्षण करने और व्यवहार्यता आकलन के बाद स्थायी ड्रेनेज लाइन बिछाने के आदेश दिए।

मेहसाणा के कड़ी तालुका से औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदूषित पानी छोड़े जाने की शिकायत पर पटेल ने वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव को दोषी इकाइयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जूनागढ़ के मांगरोल तालुका में लबारकुवा-मेनेज गांव की सड़क वर्षों से स्थानीय विरोध के चलते अधूरी पड़ी है। सीएम पटेल ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिया कि सड़क का निर्माण दिवाली से पहले हर हाल में पूर्ण कराया जाए।

राजकोट और मोरबी के मामले

राजकोट नगर निगम क्षेत्र में कबाड़ व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के कारण यातायात बाधित होने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त को तत्काल कार्रवाई और आवश्यकतानुसार स्थल को सील करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस शिकायत का निपटान एक सप्ताह के भीतर होना चाहिए।

मोरबी नगर निगम क्षेत्र के एक किसान ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाला गंदा पानी अपने खेत में छोड़े जाने की शिकायत की। पटेल ने नगर आयुक्त को 900 मीटर की पाइपलाइन बिछाकर यह समस्या 20 दिनों के भीतर सुलझाने का निर्देश दिया।

बेचारजी और अन्य लंबित मुद्दे

मुख्यमंत्री ने बेचारजी एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत एक ऐसी औद्योगिक इकाई का मामला भी उठाया जिसे तीन वर्षों से निर्माण अनुमति नहीं मिली थी। उन्होंने अर्बन डेवलपमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और चीफ टाउन प्लानर को इस मामले को एक महीने के भीतर निपटाने का आदेश दिया।

सितंबर के इस सत्र में किसानों के खेतों से वर्षा जल निकासी, सफाई, अतिक्रमण और शहरी विकास प्राधिकरणों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ सचिव इस अवसर पर उपस्थित थे।

'स्वागत' कार्यक्रम की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 'स्वागत' (State-Wide Attention on Grievances by Application of Technology) कार्यक्रम मूल रूप से तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में प्रौद्योगिकी के माध्यम से नागरिक शिकायतों के निवारण हेतु शुरू किया गया था। यह इस तरह की पारदर्शी जन-सुनवाई का एक स्थापित मॉडल है जिसे गुजरात सरकार निरंतर जारी रखे हुए है।

राज्य सरकार के अनुसार इस कार्यक्रम से 'सेवा संकल्प अभियान' को और गति मिली है, जो प्रधानमंत्री मोदी की जन-सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इस बार मुख्यमंत्री कार्यालय में 200 से अधिक आवेदक स्वयं उपस्थित थे, जबकि 2,277 आवेदन जिला 'स्वागत' और 2,780 आवेदन तालुका 'स्वागत' के माध्यम से प्राप्त हुए।

यह कार्यक्रम राज्य में प्रशासनिक जवाबदेही को सुनिश्चित करने की दिशा में एक सतत प्रयास है — आने वाले महीनों में निर्देशित समयसीमाओं का अनुपालन इसकी वास्तविक कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर सत्र में दोहराई जाने वाली वही समस्याएं — ड्रेनेज, प्रदूषण, अतिक्रमण — यह सवाल उठाती हैं कि पिछले निर्देशों का क्या हुआ। सार्वजनिक मंच पर समयसीमाएं घोषित करना जवाबदेही का एक स्तर ज़रूर है, परंतु बिना सार्वजनिक अनुपालन रिपोर्ट के यह प्रक्रिया पारदर्शिता से अधिक प्रतीकात्मक बन जाती है। तीन साल से निर्माण अनुमति न मिलने जैसे मामले बताते हैं कि नौकरशाही की जड़ता केवल राजनीतिक इच्छाशक्ति के प्रदर्शन से नहीं टूटती।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात का 'स्वागत' कार्यक्रम क्या है?
'स्वागत' (State-Wide Attention on Grievances by Application of Technology) गुजरात सरकार का प्रौद्योगिकी-आधारित जन-शिकायत निवारण कार्यक्रम है, जिसे मूल रूप से तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में शुरू किया गया था। इसमें प्रतिमाह राज्य, जिला और तालुका स्तर पर नागरिकों की शिकायतें सुनी जाती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में समाधान का निर्देश दिया जाता है।
सितंबर 2026 के 'स्वागत' सत्र में कितनी शिकायतें दर्ज हुईं?
इस सत्र में पूरे गुजरात से कुल 5,057 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 2,277 जिला 'स्वागत' और 2,780 तालुका 'स्वागत' के माध्यम से आए। मुख्यमंत्री कार्यालय में 200 से अधिक आवेदक स्वयं उपस्थित थे।
CM भूपेंद्र पटेल ने राजकोट की शिकायत पर क्या आदेश दिया?
राजकोट नगर निगम क्षेत्र में कबाड़ व्यापार से यातायात बाधित होने की शिकायत पर सीएम पटेल ने नगर आयुक्त को तत्काल कार्रवाई और आवश्यकतानुसार स्थल सील करने का निर्देश दिया। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर शिकायत का निपटान सुनिश्चित करने को कहा।
मोरबी के किसान की सीवेज समस्या का समाधान कब तक होगा?
मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त को 900 मीटर की पाइपलाइन बिछाकर 20 दिनों के भीतर यह समस्या सुलझाने का आदेश दिया है। किसान के खेत में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदा पानी छोड़े जाने की शिकायत सत्र में उठाई गई थी।
जूनागढ़ में अटकी सड़क का निर्माण कब तक पूरा होगा?
सीएम पटेल ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि मांगरोल तालुका के लबारकुवा-मेनेज गांव की वर्षों से लंबित सड़क दिवाली से पहले हर हाल में पूरी की जाए। स्थानीय विरोध के कारण यह निर्माण कार्य रुका हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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