16 अगस्त 2026
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दाहोद में ₹2.56 करोड़ की बेहिसाबी नकदी जब्त, अर्टिगा कार से हुई बरामदगी; आयकर विभाग को सूचना

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दाहोद में ₹2.56 करोड़ की बेहिसाबी नकदी जब्त, अर्टिगा कार से हुई बरामदगी; आयकर विभाग को सूचना

सारांश

दाहोद के लिमखेड़ा में नियमित वाहन जांच के दौरान एक अर्टिगा कार से ₹2.56 करोड़ से अधिक की बेहिसाबी नकदी बरामद हुई। चालक वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। रकम दाहोद की एक अंगड़िया फर्म से वडोदरा ले जाई जा रही थी। पुलिस ने आयकर विभाग को सूचित कर जांच शुरू की।

मुख्य बातें

17 मई को दाहोद जिले के लिमखेड़ा में पुलिस ने अर्टिगा कार से ₹2,56,80,500 की बेहिसाबी नकदी जब्त की।
कार में तीन संदिग्ध पार्सल मिले; चालक राजूभाई निनामा कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
रकम दाहोद की एक अंगड़िया फर्म से वडोदरा ले जाई जा रही थी; निर्देश भरत चोपड़ा का बताया गया।
पुलिस ने बीएनएसएस की धाराओं के तहत रकम जब्त कर सरकारी ट्रेजरी में जमा कराई और आयकर विभाग को सूचित किया।
पिछले सप्ताह गुजरात एसीबी ने सब-रजिस्ट्रार आकाश देसाई समेत चार लोगों को ₹2.5 लाख की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था।

गुजरात के दाहोद जिले के लिमखेड़ा इलाके में पुलिस ने वाहन जांच अभियान के दौरान एक अर्टिगा कार से ₹2,56,80,500 की बेहिसाबी नकदी बरामद की है। 17 मई को धनपुर चौकड़ी के निकट हुई इस कार्रवाई में चालक वैध दस्तावेज पेश करने में विफल रहा, जिसके बाद पूरी रकम जब्त कर सरकारी ट्रेजरी में जमा करा दी गई।

कैसे हुई बरामदगी

लिमखेड़ा पुलिस धनपुर चौकड़ी के पास नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक अर्टिगा कार को रोककर तलाशी ली गई। कार में तीन संदिग्ध पार्सल मिले, जिन्हें पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में खोला गया। पार्सलों में नोटों के बंडल भरे हुए थे।

अधिकारियों की निगरानी में नोटों की गिनती की गई, जिसमें कुल रकम ₹2,56,80,500 निकली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह नकदी दाहोद की एक अंगड़िया फर्म से वडोदरा ले जाई जा रही थी।

चालक की पहचान और पूछताछ

कार चालक की पहचान राजूभाई निनामा के रूप में हुई। पूछताछ में वह इतनी बड़ी रकम के लिए कोई वैध दस्तावेज या कानूनी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। निनामा ने पुलिस को बताया कि दाहोद निवासी भरत चोपड़ा ने उसे यह रकम वडोदरा पहुँचाने के लिए सौंपी थी।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

लिमखेड़ा पुलिस ने बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत पूरी नकदी जब्त कर उसे सरकारी ट्रेजरी में जमा करा दिया। स्टेशन डायरी में मामला दर्ज करते हुए आयकर विभाग को भी आधिकारिक रूप से सूचित किया गया है। पुलिस अब नकदी के स्रोत, उसके संभावित उपयोग और इससे जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।

गुजरात में भ्रष्टाचार के मामलों का व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब गुजरात में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले लगातार सुर्खियों में हैं। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही गुजरात की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने ₹2.5 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में सब-रजिस्ट्रार आकाश देसाई समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। उस मामले में एक शिकायतकर्ता आवासीय संपत्ति के दस्तावेज पंजीकरण के लिए कार्यालय गया था, जहाँ दस्तावेजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के बदले रिश्वत की माँग की गई थी। शिकायतकर्ता के मना करने पर उसने एसीबी से संपर्क किया, जिसके बाद यह गिरफ्तारी हुई।

दाहोद की यह नकदी बरामदगी और पिछले सप्ताह की रिश्वतखोरी की घटना मिलकर गुजरात में वित्तीय अनियमितताओं की जांच एजेंसियों की सक्रियता को रेखांकित करती हैं। आयकर विभाग की संलिप्तता के साथ यह मामला अब और व्यापक दायरे में जाँचा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि अंगड़िया नेटवर्क के ज़रिए बेहिसाबी नकदी का यह प्रवाह कितना व्यापक है और क्या जांच एजेंसियाँ सिर्फ वाहक तक सीमित रहेंगी या फर्म और उसके संचालकों तक पहुँचेंगी। गुजरात में एक ही सप्ताह में रिश्वतखोरी और बड़े पैमाने पर नकदी बरामदगी की घटनाएँ यह संकेत देती हैं कि वित्तीय अनियमितताओं की जड़ें गहरी हैं। आयकर विभाग को सूचना देना प्रक्रियागत कदम है — परंतु यदि स्रोत और गंतव्य की जांच बिना राजनीतिक दबाव के हो, तभी इस कार्रवाई की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दाहोद में कार से कितनी नकदी बरामद हुई और कहाँ?
गुजरात के दाहोद जिले के लिमखेड़ा में धनपुर चौकड़ी के पास वाहन जांच के दौरान एक अर्टिगा कार से ₹2,56,80,500 की बेहिसाबी नकदी बरामद की गई। यह कार्रवाई 17 मई को हुई।
यह नकदी कहाँ से कहाँ ले जाई जा रही थी?
प्रारंभिक जांच के अनुसार यह रकम दाहोद की एक अंगड़िया फर्म से वडोदरा ले जाई जा रही थी। चालक राजूभाई निनामा ने बताया कि दाहोद निवासी भरत चोपड़ा ने उसे यह रकम पहुँचाने का निर्देश दिया था।
पुलिस ने इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई की?
लिमखेड़ा पुलिस ने बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत पूरी नकदी जब्त कर सरकारी ट्रेजरी में जमा कराई। स्टेशन डायरी में मामला दर्ज किया गया और आयकर विभाग को आधिकारिक रूप से सूचित किया गया।
क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
अभी तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना नहीं है। पुलिस नकदी के स्रोत, उपयोग और इससे जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। चालक राजूभाई निनामा से पूछताछ जारी है।
गुजरात में हाल ही में भ्रष्टाचार के और कौन-से मामले सामने आए हैं?
पिछले सप्ताह गुजरात की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सब-रजिस्ट्रार आकाश देसाई समेत चार लोगों को ₹2.5 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह मामला आवासीय संपत्ति दस्तावेज पंजीकरण में रिश्वत माँगने से जुड़ा था।
राष्ट्र प्रेस
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