गुजरात ने CEIR पोर्टल से 50.75% खोए मोबाइल बरामद किए, प्रमुख राज्यों में दूसरा स्थान
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात प्रशासन ने केंद्रीय दूरसंचार विभाग के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद से खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की 50.75 प्रतिशत रिकवरी दर हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ देश के अधिक आबादी वाले प्रमुख राज्यों में गुजरात दूसरे स्थान पर पहुँच गया है — केवल आंध्र प्रदेश इससे आगे है। यह रिकवरी दर राष्ट्रीय औसत 37.4 प्रतिशत से काफी बेहतर है।
मुख्य आँकड़े: कितने फोन ब्लॉक, कितने वापस मिले
राज्य सरकार के आँकड़ों के अनुसार, CEIR प्रणाली के माध्यम से गुजरात में अब तक कुल 2,38,533 मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए जा चुके हैं। इनमें से 1,47,427 हैंडसेट को ट्रेस किया गया, जबकि 74,823 हैंडसेट उनके असली मालिकों को वापस सौंपे जा चुके हैं। गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में राज्य की रिकवरी दर 41 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 50.75 प्रतिशत हो गई है — यानी एक वर्ष में 9.75 प्रतिशत अंक का सुधार।
CEIR पोर्टल क्या है और यह कैसे काम करता है
दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित CEIR पोर्टल खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रेस करने की केंद्रीकृत प्रणाली है। एक बार हैंडसेट ब्लॉक होने के बाद उसे किसी भी नेटवर्क पर सक्रिय नहीं किया जा सकता, जिससे फोन के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। यह पहल गुजरात पुलिस और दूरसंचार विभाग के बीच सक्रिय समन्वय पर आधारित है।
सम्मान समारोह: शीर्ष जिलों को मिली पहचान
इस उपलब्धि का जश्न मनाने और प्रमुख अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए दूरसंचार विभाग के गुजरात लाइसेंस सर्विस एरिया (LSA) ने गुजरात पुलिस के साथ मिलकर 27 अक्टूबर को एक समारोह आयोजित किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (1 अप्रैल से 30 सितंबर) के प्रदर्शन के आधार पर आनंद जिला पहले, डांग जिला दूसरे और अहमदाबाद शहर तीसरे स्थान पर रहा।
आनंद के साइबर सेल के पुलिस इंस्पेक्टर जयमिन डोडिया ने प्रथम स्थान हासिल किया। डांग की लोकल क्राइम ब्रांच के पुलिस सब-इंस्पेक्टर जे.जी. अनादका दूसरे स्थान पर रहे, जबकि अहमदाबाद के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर भावेशकुमार विष्णुप्रसाद और पुलिस कांस्टेबल हार्दिकसिंह जयंतीलाल ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को शील्ड और प्रशंसा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में CID क्राइम और रेलवे के पुलिस महानिदेशक डॉ. के.एल.एन. राव तथा दूरसंचार विभाग के गुजरात LSA के अतिरिक्त महानिदेशक गिरीश कटारिया उपस्थित रहे।
आम नागरिकों पर असर और साइबर सुरक्षा का पहलू
राज्य सरकार के अनुसार, यह समन्वित प्रयास केवल फोन वापसी तक सीमित नहीं है — इससे साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं पर भी लगाम लगी है। चोरी हुए हैंडसेट को ब्लॉक कर देने से उनका फर्जी सिम के साथ इस्तेमाल नहीं हो सकता, जो ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का एक प्रमुख माध्यम रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में साइबर अपराध के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और केंद्र सरकार डिजिटल नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
आगे की राह
गुजरात की इस सफलता के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य राज्य भी अपनी जिला-स्तरीय पुलिस इकाइयों को CEIR के साथ और प्रभावी ढंग से जोड़ेंगे। राज्य सरकार का इरादा इस रिकवरी दर को आगे और बेहतर करने का है, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को उनके खोए डिवाइस समय पर वापस मिल सकें।