सापुतारा मानसून फेस्टिवल 2026: 8 से 29 अगस्त तक आदिवासी संस्कृति, एडवेंचर और स्थानीय कारोबार का उत्सव
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के एकमात्र हिल स्टेशन सापुतारा में 8 अगस्त से 29 अगस्त 2026 तक मानसून फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आदिवासी लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, एडवेंचर गतिविधियाँ, स्थानीय व्यंजन और हस्तशिल्प प्रदर्शनी जैसे आकर्षण शामिल होंगे। लगभग एक माह तक चलने वाले इस उत्सव से पर्यटन को गति मिलने के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों और छोटे कारोबारियों की आजीविका को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्य आकर्षण और कार्यक्रम
गुजरात पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस फेस्टिवल में पर्यटकों के लिए विविध गतिविधियों की व्यवस्था की गई है। मानसून के दौरान सापुतारा की हरी-भरी पहाड़ियाँ, बादलों से ढके शिखर, कलकल करते झरने और ठंडी हवाएँ एक अलग ही अनुभव देती हैं। एक अधिकारी के अनुसार, फेस्टिवल में आदिवासी लोकनृत्य की प्रस्तुतियाँ, स्थानीय व्यंजनों का स्वाद, हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी और एडवेंचर गतिविधियाँ — सभी एक साथ उपलब्ध होंगी।
गौरतलब है कि गुजरात पर्यटन विभाग प्रतिवर्ष इस फेस्टिवल का आयोजन करता है, जो समय के साथ गुजरात और महाराष्ट्र दोनों राज्यों के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो चुका है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
सापुतारा निवासी चेतन राठौड़ ने बताया कि यह फेस्टिवल स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर बनता है। फेस्टिवल के दौरान छोटे दुकानदारों, लारी-गल्ला संचालकों और अन्य स्थानीय व्यवसायियों की आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है। उन्होंने गुजरात सरकार और गुजरात टूरिज्म का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पर्यटकों की प्रतिक्रिया
सूरत से परिवार सहित सापुतारा पहुँचे धर्मेंद्र भगत ने यहाँ के मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि मानसून में सापुतारा का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है और 8 अगस्त से शुरू होने वाला मानसून फेस्टिवल इसे और भी खास बना देता है। भगत ने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार और मित्रों के साथ सापुतारा आएँ और इस अनूठे उत्सव का हिस्सा बनें।
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीजन में हिल स्टेशनों की ओर पर्यटकों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है और गुजरात अपने एकमात्र हिल स्टेशन को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में सक्रिय है।
क्या होगा आगे
फेस्टिवल 29 अगस्त 2026 तक चलेगा और देशभर के पर्यटकों को आमंत्रित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यापक होगा, जिससे डांग जिले के आदिवासी समुदाय की संस्कृति और शिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।