अहमदाबाद: स्कूल के वॉशरूम में 5 वर्षीय बच्चे से यौन शोषण, सफाई कर्मचारी पाशा भांगी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद ग्रामीण जिले के घुमा इलाके के एक निजी स्कूल में तैनात सफाई कर्मचारी को लगभग 5 वर्षीय नाबालिग छात्र के साथ कथित यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार, 27 जून को यह जानकारी साझा की। आरोपी की पहचान 54 वर्षीय पाशा भांगी के रूप में हुई है, जो अहमदाबाद के सरखेज इलाके में सनाथल टोल टैक्स के पास मनमोहन नगर का निवासी है।
घटना कैसे सामने आई
पुलिस के अनुसार, मामला तब उजागर हुआ जब बच्चे के माता-पिता ने उसके व्यवहार में असामान्य बदलाव महसूस किया। डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस तपनसिंह डोडिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "लगभग एक हफ्ते पहले स्कूल से घर लौटते समय बच्चा घबराया हुआ लग रहा था। माता-पिता ने उससे बातचीत की और सवाल-जवाब किए, जिसके बाद बच्चे ने बताया कि उसके साथ यौन शोषण और शारीरिक उत्पीड़न हुआ है।"
डोडिया के अनुसार, यह कथित घटना स्कूल के वॉशरूम में उस समय हुई जब आरोपी वहाँ सफाई के लिए ड्यूटी पर था। आरोप है कि आरोपी ने बच्चे को धमकाया और कहा कि वह इस बारे में किसी को न बताए।
मामला दर्ज और गिरफ्तारी
बच्चे के माता-पिता की शिकायत पर बोपल पुलिस स्टेशन में 25 जून को भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पाशा भांगी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी मूल रूप से पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका के डेडार गाँव का निवासी है और लगभग 1 वर्ष से इस स्कूल में कार्यरत था। इससे पहले भी वह अन्य स्थानों पर सफाई से संबंधित कार्यों में लगा रहा था।
आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि
डोडिया ने बताया कि 2021 में वस्त्रपुर पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और दंगा करने का मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसके व्यवहार में कुछ असामान्यताएँ भी सामने आई हैं और मामले की जाँच जारी है।
बच्चों की सुरक्षा पर पुलिस का संदेश
डोडिया ने बताया कि पुलिस टीमें स्कूलों में 'गुड टच' और 'बैड टच' के बारे में नियमित जागरूकता सत्र आयोजित करती हैं। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों के व्यवहार में किसी भी बदलाव पर सतर्क रहें और उनसे खुलकर बातचीत करें।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में स्कूल परिसर से जुड़े मामलों की संख्या चिंताजनक बनी हुई है। जाँच के नतीजे और न्यायालय की कार्यवाही आगे की दिशा तय करेगी।