क्या गुलाबी ठंड की शुरुआत होते ही वाराणसी में लोग मलइयो खाने पहुंच रहे हैं?

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क्या गुलाबी ठंड की शुरुआत होते ही वाराणसी में लोग मलइयो खाने पहुंच रहे हैं?

सारांश

जैसे ही ठंड का मौसम वाराणसी में दस्तक देता है, स्थानीय लोग और पर्यटक मलइयो का आनंद लेने के लिए उमड़ पड़ते हैं। यह मिठाई गर्माहट प्रदान करती है और ठंड के दिनों में विशेष रूप से पसंद की जाती है। जानिए इसके पीछे की खासियत और वाराणसी की इस अनूठी मिठाई की कहानी।

Key Takeaways

  • मलइयो ठंड के मौसम की खास मिठाई है।
  • यह वाराणसी में ही मिलती है और इसकी विशेष विधि है।
  • ओस की बूंदों से तैयार किया जाता है, जो सेहत के लिए लाभकारी है।
  • मलइयो का स्वाद मुँह में जाते ही घुल जाता है।
  • यह स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए पसंदीदा है।

वाराणसी, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। जैसे ही ठंड का मौसम शुरू होता है, वाराणसी में पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की भीड़ मलइयो का आनंद लेने के लिए उमड़ पड़ती है। मलइयो एक विशेष मिठाई है, जो इस ठंड के मौसम में ही उपलब्ध होती है और इसे लोग बेहद पसंद करते हैं। गुलाबी ठंड की शुरुआत होते ही, यहाँ के लोग इस स्वादिष्ट मिठाई का आनंद लेने के लिए निकल पड़ते हैं।

मलइयो केवल ठंड के मौसम में, केवल तीन से चार महीने के लिए मिलती है। यह मिठाई पिस्ता और बादाम के मिश्रण से बनाई जाती है, जो ठंड में शरीर को गर्माहट प्रदान करती है। द्वारिकापुर और मीलकर बहार दुकान पर मलइयो का स्वाद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं।

बोकारो से वाराणसी आए देवेंद्र नामक पर्यटक ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "हमने इसे पहली बार चखा, यह बहुत स्वादिष्ट है। यह अत्यधिक मीठा नहीं था, लेकिन स्वाद में बहुत अच्छा लगा।"

राम आसरे नामक एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि वाराणसी में कई लोग मलइयो बेचते हैं, लेकिन हर जगह इसका स्वाद एक जैसा नहीं होता। मलइयो केवल वाराणसी में ही मिलती है क्योंकि इसे बनाने की विधि बहुतों के पास नहीं है।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, "मलइयो वाराणसी का सबसे प्रिय व्यंजन है। यह मुँह में जाते ही घुल जाता है। इसे खाए बिना वाराणसी वाले अपनी सुबह नहीं मानते।"

दुकानदारों ने बताया कि ठंड के मौसम में यह एक बेहतरीन मिठाई है। ओस के कारण दूध को ठंडा करके, उसमें रबड़ी, मलाई, केसर और इलायची मिलाई जाती है और इसे अच्छी तरह से मथकर मलाई निकाली जाती है। इसकी विशेषता यह है कि यह मुँह में डालते ही घुल जाती है।

दुकानदारों ने यह भी बताया कि इसे रात भर ओस की बूंदों के बीच रखकर ठंडा किया जाता है। यह भी उल्लेखनीय है कि ओस की बूंदें आंखों के लिए लाभकारी मानी जाती हैं, जिससे यह मिठाई स्वस्थ भी होती है।

Point of View

बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक अनूठा अनुभव प्रदान करती है। वाराणसी की खासियतों में से एक, मलइयो को बनाने की खास विधि और इसका अद्भुत स्वाद इसे खास बनाते हैं।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

मलइयो क्या है?
मलइयो एक खास मिठाई है जो केवल ठंड के मौसम में मिलती है, इसे दूध, मलाई, रबड़ी और मेवों से बनाया जाता है।
मलइयो कहाँ से मिलती है?
मलइयो केवल वाराणसी में मिलती है, इसकी विशेष बनाने की विधि केवल यहाँ के लोगों के पास होती है।
मलइयो खाने का सही समय क्या है?
गुलाबी ठंड की शुरुआत होते ही इसे सुबह के समय खाना सबसे अच्छा होता है।
क्या मलइयो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है?
हाँ, क्योंकि इसे ओस की बूंदों से ठंडा किया जाता है, जो आंखों के लिए लाभकारी होती हैं।
मलइयो का स्वाद कैसा होता है?
मलइयो का स्वाद मीठा और मलाईदार होता है, जो मुँह में डालते ही घुल जाता है।
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