ग्वालियर में ₹800 करोड़ की 23 किमी एलिवेटेड हाईवे: सिंधिया ने किया निरीक्षण, नवंबर 2028 तक पूरी होगी परियोजना
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 21 सितंबर 2026 को ग्वालियर में निर्माणाधीन 23 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड हाईवे का स्थलीय निरीक्षण किया और इसे दिल्ली व मुंबई के बाद देश की तीसरी इस श्रेणी की परियोजना बताया। ₹800 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के नवंबर 2028 तक पूर्ण होने की संभावना है और यह शहर में यातायात के दबाव को उल्लेखनीय रूप से कम करेगी।
परियोजना का विस्तार और संरचना
यह एलिवेटेड हाईवे दो चरणों में बनाया जा रहा है — पहला चरण 13 किलोमीटर का जो दक्षिण विधानसभा से होकर गुजरता है, और दूसरा चरण 10 किलोमीटर का जो ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र से गुजर रहा है। सिंधिया ने स्पष्ट किया कि यह महज एलिवेटेड रोड नहीं, बल्कि एलिवेटेड हाईवे है — जो शहर के ऊपर से गुजरेगी और दक्षिण व ग्वालियर विधानसभाओं को आपस में जोड़ेगी।
निरीक्षण के दौरान सिंधिया ने संबंधित कंपनी के अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 'काम भले लेट हो जाए, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।'
परियोजना की पृष्ठभूमि
यह परियोजना वर्ष 2020 में तत्कालीन केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंजूर की गई थी। गौरतलब है कि ग्वालियर एक ऐतिहासिक और घनी आबादी वाला शहर है जहाँ वर्षों से यातायात भीड़भाड़ एक बड़ी समस्या रही है। यह परियोजना उस दीर्घकालिक समस्या का संरचनात्मक समाधान है।
महाराजा बाड़ा मल्टीलेवल कार पार्किंग
एलिवेटेड हाईवे के अलावा सिंधिया ने महाराजा बाड़ा में निर्माणाधीन मल्टीलेवल कार पार्किंग का भी निरीक्षण किया। यह परियोजना स्मार्ट सिटी योजना के तहत ₹77 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही है। इसके पूर्ण होने पर 429 वाहनों — जिनमें 353 चार-पहिया और 76 दो-पहिया वाहन शामिल हैं — की पार्किंग क्षमता उपलब्ध होगी।
निरीक्षण के दौरान सिंधिया ने विशेष रूप से बेसमेंट-तीन में पानी की समस्या और उसकी निकासी व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनता के पैसे का जवाबदेह उपयोग
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने दोनों परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान यह संदेश दिया कि 'जनता का एक-एक पैसा गुणवत्तापूर्ण कार्य में उपयोग होना चाहिए।' उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गति ज़रूरी है, किंतु गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है।
आगे क्या
एलिवेटेड हाईवे के नवंबर 2028 तक पूर्ण होने पर ग्वालियर के नागरिकों को यातायात से राहत मिलने की उम्मीद है। मल्टीलेवल कार पार्किंग के चालू होने के बाद महाराजा बाड़ा क्षेत्र में पार्किंग संकट भी काफी हद तक सुलझने की संभावना है। दोनों परियोजनाएँ मिलकर शहर की शहरी अवसंरचना को नई दिशा देने का काम करेंगी।