ग्वालियर: सूदखोरी से तंग प्रॉपर्टी कारोबारी व कांग्रेस पूर्व प्रदेश सचिव राजेश किरार ने जहर खाकर दी जान, 9 लोगों पर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
ग्वालियर के लक्ष्मीगंज निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव राजेश किरार की 18 अगस्त 2025 को जहरीला पदार्थ खाने के बाद मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, कथित सूदखोरी और लगातार उत्पीड़न से तंग आकर राजेश ने यह कदम उठाया। उनकी जेब से दो पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें 9 लोगों को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार सुबह राजेश किरार जहर खाने के करीब 15 मिनट बाद सीधे एसपी ऑफिस पहुंचे और वहाँ मौजूद पुलिस अधिकारियों को बताया कि उन्होंने जहर खा लिया है। उनके मुँह से झाग निकलता देख पुलिसकर्मी तत्काल हरकत में आए और उन्हें जयारोग्य अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुँचने के कुछ ही देर बाद इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा और विश्वविद्यालय थाने में मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
परिजनों के आरोप: सूदखोरी और उत्पीड़न
परिजनों का आरोप है कि राजेश ने करीब 10-12 साल पहले एक व्यक्ति से ₹1 से 1.5 करोड़ का कर्ज लिया था। इस कर्ज के बदले वे ब्याज सहित ₹7 से 8 करोड़ चुका चुके थे, बावजूद इसके कथित सूदखोर मूल रकम की माँग करते रहे।
परिजनों के अनुसार, राजेश के साथ कई बार सार्वजनिक बेइज्जती और मारपीट भी की गई। इसी उत्पीड़न से तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया — यह परिजनों का कथित आरोप है।
सुसाइड नोट में 9 लोगों पर आरोप
बरामद सुसाइड नोट में पप्पू गुर्जर, रामधार घुरैया, दर्शन सिंह गुर्जर, रुस्तम गुर्जर, विक्रम गुर्जर, राजेंद्र गुर्जर, कुलदीप यादव सहित कुल 9 लोगों को मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया है। परिजनों ने सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
ग्वालियर पुलिस मुख्यालय के डीएसपी रॉबिन जैन ने पुष्टि की कि राजेश किरार सोमवार सुबह एसपी ऑफिस पहुँचे थे और उन्होंने स्वयं पुलिस को जहर खाने की जानकारी दी। डीएसपी जैन के अनुसार, 'राजेश की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसकी पुष्टि की जा रही है। इस मामले में जाँच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।'
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जाँच के साथ-साथ अन्य सभी बिंदुओं पर जाँच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में सूदखोरी से जुड़े मामलों को लेकर पहले से ही सामाजिक चर्चा चल रही है।
आगे क्या होगा
विश्वविद्यालय थाना पुलिस सुसाइड नोट में नामजद सभी व्यक्तियों से पूछताछ करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की दिशा और स्पष्ट होगी। परिजन न्याय की माँग को लेकर प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं।