18 अगस्त 2026
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ग्वालियर: सूदखोरी से तंग प्रॉपर्टी कारोबारी व कांग्रेस पूर्व प्रदेश सचिव राजेश किरार ने जहर खाकर दी जान, 9 लोगों पर आरोप

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ग्वालियर: सूदखोरी से तंग प्रॉपर्टी कारोबारी व कांग्रेस पूर्व प्रदेश सचिव राजेश किरार ने जहर खाकर दी जान, 9 लोगों पर आरोप

सारांश

ग्वालियर के प्रॉपर्टी कारोबारी और कांग्रेस पूर्व प्रदेश सचिव राजेश किरार ने कथित सूदखोरी से तंग आकर जहर खाया और एसपी ऑफिस पहुँचकर पुलिस को सूचित किया। इलाज के दौरान मौत हो गई। सुसाइड नोट में 9 लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है।

मुख्य बातें

राजेश किरार , ग्वालियर के प्रॉपर्टी कारोबारी और कांग्रेस पूर्व प्रदेश सचिव, की 18 अगस्त 2025 को जहर खाने से मौत हुई।
राजेश एसपी ऑफिस पहुँचकर खुद जहर खाने की जानकारी दी; जयारोग्य अस्पताल में इलाज के दौरान निधन।
परिजनों के अनुसार, ₹1-1.5 करोड़ के कर्ज पर ₹7-8 करोड़ चुकाने के बावजूद कथित सूदखोरों का उत्पीड़न जारी था।
दो पन्नों के सुसाइड नोट में पप्पू गुर्जर सहित 9 लोगों को मौत का जिम्मेदार बताया गया।
डीएसपी रॉबिन जैन ने पुष्टि की; विश्वविद्यालय थाने में मामला दर्ज, जाँच जारी।

ग्वालियर के लक्ष्मीगंज निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव राजेश किरार की 18 अगस्त 2025 को जहरीला पदार्थ खाने के बाद मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, कथित सूदखोरी और लगातार उत्पीड़न से तंग आकर राजेश ने यह कदम उठाया। उनकी जेब से दो पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें 9 लोगों को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार सुबह राजेश किरार जहर खाने के करीब 15 मिनट बाद सीधे एसपी ऑफिस पहुंचे और वहाँ मौजूद पुलिस अधिकारियों को बताया कि उन्होंने जहर खा लिया है। उनके मुँह से झाग निकलता देख पुलिसकर्मी तत्काल हरकत में आए और उन्हें जयारोग्य अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुँचने के कुछ ही देर बाद इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा और विश्वविद्यालय थाने में मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

परिजनों के आरोप: सूदखोरी और उत्पीड़न

परिजनों का आरोप है कि राजेश ने करीब 10-12 साल पहले एक व्यक्ति से ₹1 से 1.5 करोड़ का कर्ज लिया था। इस कर्ज के बदले वे ब्याज सहित ₹7 से 8 करोड़ चुका चुके थे, बावजूद इसके कथित सूदखोर मूल रकम की माँग करते रहे।

परिजनों के अनुसार, राजेश के साथ कई बार सार्वजनिक बेइज्जती और मारपीट भी की गई। इसी उत्पीड़न से तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया — यह परिजनों का कथित आरोप है।

सुसाइड नोट में 9 लोगों पर आरोप

बरामद सुसाइड नोट में पप्पू गुर्जर, रामधार घुरैया, दर्शन सिंह गुर्जर, रुस्तम गुर्जर, विक्रम गुर्जर, राजेंद्र गुर्जर, कुलदीप यादव सहित कुल 9 लोगों को मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया है। परिजनों ने सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

ग्वालियर पुलिस मुख्यालय के डीएसपी रॉबिन जैन ने पुष्टि की कि राजेश किरार सोमवार सुबह एसपी ऑफिस पहुँचे थे और उन्होंने स्वयं पुलिस को जहर खाने की जानकारी दी। डीएसपी जैन के अनुसार, 'राजेश की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसकी पुष्टि की जा रही है। इस मामले में जाँच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।'

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जाँच के साथ-साथ अन्य सभी बिंदुओं पर जाँच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में सूदखोरी से जुड़े मामलों को लेकर पहले से ही सामाजिक चर्चा चल रही है।

आगे क्या होगा

विश्वविद्यालय थाना पुलिस सुसाइड नोट में नामजद सभी व्यक्तियों से पूछताछ करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की दिशा और स्पष्ट होगी। परिजन न्याय की माँग को लेकर प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन समय पर रास्ता नहीं मिला। सुसाइड नोट में 9 नामजद आरोपी और दशकों पुरानी कर्ज की कहानी पुलिस के लिए एक स्पष्ट जाँच-बिंदु है — अब देखना होगा कि क्या कार्रवाई महज औपचारिकता बनती है या वास्तविक जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजेश किरार कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
राजेश किरार ग्वालियर के लक्ष्मीगंज निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव थे। 18 अगस्त 2025 को उन्होंने जहरीला पदार्थ खाया और एसपी ऑफिस पहुँचकर पुलिस को सूचित किया; जयारोग्य अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
राजेश किरार के सुसाइड नोट में क्या लिखा था?
दो पन्नों के सुसाइड नोट में पप्पू गुर्जर, रामधार घुरैया, दर्शन सिंह गुर्जर, रुस्तम गुर्जर, विक्रम गुर्जर, राजेंद्र गुर्जर, कुलदीप यादव सहित 9 लोगों को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। पुलिस नोट की जाँच कर रही है।
परिजनों ने सूदखोरी को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
परिजनों के अनुसार राजेश ने 10-12 साल पहले ₹1 से 1.5 करोड़ का कर्ज लिया था और ब्याज सहित ₹7 से 8 करोड़ चुका चुके थे, फिर भी कथित सूदखोर मूल रकम माँगते रहे। उन्होंने सार्वजनिक बेइज्जती और मारपीट का भी आरोप लगाया है।
पुलिस ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। डीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि सुसाइड नोट की पुष्टि की जा रही है और पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। सभी बिंदुओं की जाँच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जाँच के आधार पर पुलिस नामजद 9 आरोपियों से पूछताछ करेगी। परिजन सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं और मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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