दिल्ली के ख्याला में दहेज उत्पीड़न से तंग काजल ने की आत्महत्या, पति रोहन और ससुर राजेश गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के ख्याला थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसमें करीब 24 वर्षीय काजल ने कथित तौर पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने 25 जून 2026 को एफआईआर दर्ज करने के बाद मृतका के पति रोहन (30) और ससुर राजेश (56) को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना रघुबीर नगर स्थित एक किराए के कमरे में हुई।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई मौत की खबर
24 जून 2026 को ख्याला थाना में डीडी नंबर 46ए के तहत पीसीआर कॉल के ज़रिए एक महिला की मौत की सूचना मिली। सूचना मिलते ही जांच अधिकारी एसआई मोहित बंसल मौके पर पहुंचे। रघुबीर नगर के किराए के कमरे में काजल मृत अवस्था में मिलीं — उनके गले पर फंदे का निशान था और खिड़की की ग्रिल से एक चुन्नी बंधी हुई बरामद हुई।
क्राइम टीम और एफएसएल टीम ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। काजल को गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। इसके बाद एसडीएम, राजौरी गार्डन की मौजूदगी में मृतका के माता-पिता और परिजनों के बयान दर्ज किए गए।
तीन साल से चल रहा था उत्पीड़न
जांच में सामने आया कि काजल की शादी करीब तीन वर्ष पहले रोहन से हुई थी। परिजनों के आरोपों के अनुसार, शादी के बाद से ही उन्हें दहेज और पैसों की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। मांगें पूरी न होने पर उत्पीड़न और बढ़ जाता था।
इसके अलावा, शादी के तीन वर्ष बाद भी संतान न होने के कारण उन्हें ताने दिए जाते थे और इस आधार पर भी प्रताड़ित किया जाता था। पुलिस का मानना है कि लगातार हो रही इस प्रताड़ना के चलते काजल ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
गिरफ्तारी: विशेष टीम ने की कार्रवाई
परिजनों के आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 25 जून 2026 को ख्याला थाना में एफआईआर दर्ज की गई। एसएचओ ख्याला के नेतृत्व और एसीपी तिलक नगर की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की गई। स्थानीय खुफिया जानकारी, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति रोहन (30), जो बर्तन बेचने का काम करते हैं, और उनके पिता राजेश (56) को गिरफ्तार कर लिया।
जांच की स्थिति
पुलिस के अनुसार, मामले के अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दहेज की मांग और संतान न होने के कारण लगातार उत्पीड़न की बात सामने आई है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही समग्र तस्वीर स्पष्ट होगी। दहेज उत्पीड़न के इस मामले ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा रोकने के लिए सख्त कदमों की ज़रूरत को रेखांकित किया है।