बेंगलुरु: दहेज उत्पीड़न से तंग 26 वर्षीय लक्ष्मी प्रिया ने की आत्महत्या, पति-ससुराल पर मामला दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड इलाके में 26 वर्षीय लक्ष्मी प्रिया ने कथित तौर पर 22 मई 2026 को आत्महत्या कर ली। मृत्यु से कुछ ही देर पहले उन्होंने अपनी छोटी बहन जयश्री को व्हाट्सएप के ज़रिए अपने मोबाइल फोन का पासवर्ड भेजा था — एक संकेत जिसने परिवार को सतर्क कर दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिवार की शिकायत पर व्हाइटफील्ड पुलिस ने पति राजेश आराध्या, ससुर पलक्षराध्या और सास भाग्यम्मा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई त्रासदी
22 मई को दोपहर करीब 2:31 बजे लक्ष्मी प्रिया ने अपनी बहन जयश्री को व्हाट्सएप पर मोबाइल का पासवर्ड भेजा। परिवार ने तत्काल उनसे संपर्क करने की कोशिश की, परंतु कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, जब परिजनों ने पति राजेश आराध्या को फोन किया, तो उसने स्वयं बताया कि लक्ष्मी प्रिया की मौत हो गई है। मौत के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए जाँच जारी है।
तीन साल का कथित उत्पीड़न
शिकायतकर्ता परिजनों के अनुसार, लक्ष्मी प्रिया की शादी 11 मई 2023 को मैसूर के सिंदूर चौल्ट्री में राजेश आराध्या से हुई थी। आरोप है कि विवाह के तुरंत बाद से ही पति और उसके माता-पिता ने मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न शुरू कर दिया। परिवार का कहना है कि यह सिलसिला करीब तीन साल तक चला।
बाद में लक्ष्मी प्रिया एक बच्ची की माँ बनीं। पुलिस के अनुसार, बच्ची के जन्म के बाद वे पिछले छह महीनों से अपने मायके में रह रही थीं — जो कि परिवार में चल रहे तनाव का स्पष्ट संकेत था।
पुलिस की कार्रवाई
व्हाइटफील्ड पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों — राजेश आराध्या, पलक्षराध्या और भाग्यम्मा — के विरुद्ध मानसिक क्रूरता, शारीरिक उत्पीड़न और दहेज उत्पीड़न के आरोपों में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जाँच जारी है।
व्यापक संदर्भ: एक और दहेज त्रासदी
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामले चर्चा में हैं। गौरतलब है कि नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं — शादी के मात्र पाँच महीने बाद। उनके पति समर्थ सिंह एक वकील और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के पुत्र हैं। वह मामला अभी भी जाँच के दायरे में है। दोनों घटनाएँ विवाहित महिलाओं की सुरक्षा और दहेज कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस मौत के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए फोरेंसिक जाँच और गवाहों के बयान दर्ज कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी या अग्रिम जमानत के संदर्भ में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार को न्याय दिलाने की माँग ज़ोर पकड़ रही है।