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कांग्रेस अराजकता फैलाकर राजनीति करती है: हरियाणा मंत्री गौरव गौतम का राहुल गांधी के धरने पर पलटवार

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कांग्रेस अराजकता फैलाकर राजनीति करती है: हरियाणा मंत्री गौरव गौतम का राहुल गांधी के धरने पर पलटवार

सारांश

हरियाणा मंत्री गौरव गौतम ने राहुल गांधी के PM आवास के बाहर धरने को 'अराजकता की राजनीति' करार दिया। उन्होंने विपक्ष को संसद में मुद्दे उठाने की नसीहत दी और कहा कि युवाओं को गुमराह करने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्य बातें

हरियाणा मंत्री गौरव गौतम ने 22 जुलाई को चंडीगढ़ में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन की निंदा की।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने PM नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरना दिया था।
मंत्री ने कांग्रेस पर युवाओं को गुमराह कर अराजकता फैलाने की साजिश का आरोप लगाया।
गौतम ने विपक्ष को सलाह दी कि देशहित के मुद्दे संसद के भीतर उठाए जाएं, जहाँ सत्र चल रहा है।
मंत्री ने चेतावनी दी कि बाहरी ताकतों के सहारे देश को कमजोर करने की कोशिश को 'हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'

हरियाणा सरकार के मंत्री गौरव गौतम ने 22 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर किए गए धरना प्रदर्शन की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का यह आचरण उसकी उस पुरानी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें देश में अराजकता का वातावरण बनाकर राजनीतिक लाभ उठाया जाता है।

मंत्री का सीधा आरोप

मंत्री गौतम ने चंडीगढ़ में बुधवार को कहा, 'कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही अराजकता का माहौल पैदा करके देश में राजनीति करना चाहती है। विपक्ष का रवैया अपमानजनक रहा है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विपक्ष के पास देशहित से जुड़ा कोई वास्तविक मुद्दा है, तो केंद्र सरकार ने हमेशा उसका समर्थन किया है। गौतम ने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों को सड़क पर नहीं, बल्कि संसद के भीतर उठाया जाना चाहिए।

युवाओं को गुमराह करने का आरोप

मंत्री गौतम ने विपक्ष पर युवाओं को बहलाने-फुसलाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 'जिस तरह से युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, वह बिल्कुल भी ठीक नहीं है।' उनके अनुसार, यह एक सुनियोजित साजिश है जिसका उद्देश्य लोगों को भड़काकर देश में अस्थिरता फैलाना है। गौतम ने कहा कि इस तरह की किसी भी स्थिति को 'किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।'

संसद को बताया सही मंच

मंत्री ने जोर देकर कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और हर मुद्दे पर खुलकर चर्चा का अवसर उपलब्ध है। उन्होंने कहा, 'देश के लोगों ने आपको चुनकर भेजा है कि देशहित के बारे में बात करें। अगर युवाओं से जुड़ा कोई मुद्दा है तो उसे संसद में उठाएं।' उनका मानना है कि युवाओं के मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद ही सबसे उचित और प्रभावी मंच है।

बाहरी ताकतों पर चेतावनी

गौतम ने अपने बयान में यह भी कहा कि यदि कोई बाहरी ताकत का सहारा लेकर देश को कमजोर करने की कोशिश करेगा, तो उसे 'हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।' उन्होंने धरनास्थल पर लगाए जा रहे नारों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस इस प्रकार की बातों को फैलाने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अराजकता को पनपने नहीं दिया जाएगा।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है और विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश में है। गौरतलब है कि कांग्रेस और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। मंत्री गौतम का यह बयान भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसमें विपक्षी प्रदर्शनों को 'अराजकता' के रूप में चित्रित किया जा रहा है। आगे देखना होगा कि कांग्रेस इस पलटवार का क्या जवाब देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब तक सत्र में विपक्ष को पर्याप्त बोलने का समय और स्थगन प्रस्तावों पर सुनवाई का अवसर न मिले। 'बाहरी ताकतों' का उल्लेख बिना किसी ठोस साक्ष्य के एक गंभीर आरोप है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर बिना पड़ताल के उद्धृत कर देती है। असली सवाल यह है कि क्या संसद का मंच विपक्ष के लिए वास्तव में खुला है — यह जाँच-परख का विषय है, न कि केवल सत्तापक्ष के दावे का।
RashtraPress
6 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा मंत्री गौरव गौतम ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री गौरव गौतम ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह हमेशा से अराजकता का माहौल पैदा करके राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया अपमानजनक है और युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी ने PM मोदी के आवास के बाहर धरना क्यों दिया?
स्रोत के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया, हालाँकि धरने का विशिष्ट कारण इस बयान में स्पष्ट नहीं किया गया है। मंत्री गौतम ने इसे युवाओं से जुड़े मुद्दों की आड़ में अराजकता फैलाने की कोशिश बताया।
मंत्री गौतम ने विपक्ष को क्या सलाह दी?
मंत्री गौतम ने विपक्ष को सलाह दी कि देशहित और युवाओं से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया जाए, क्योंकि संसद का सत्र चल रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पर प्रदर्शन की बजाय संसद ही इन मुद्दों पर चर्चा का सबसे उचित मंच है।
केंद्र सरकार का विपक्षी प्रदर्शनों पर क्या रुख है?
मंत्री गौतम के बयान के अनुसार, केंद्र सरकार किसी भी प्रकार की अराजकता को पनपने नहीं देगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाहरी ताकतों के सहारे देश को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को 'हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'
यह विवाद किस राजनीतिक संदर्भ में सामने आया है?
यह घटनाक्रम संसद के मानसून सत्र के दौरान सामने आया है, जब BJP और कांग्रेस के बीच तनाव चरम पर है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जबकि सत्तापक्ष विपक्षी प्रदर्शनों को 'अराजकता की राजनीति' बता रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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