राहुल गांधी किसी से नहीं डरते, PM आवास प्रदर्शन पर भाई जगताप का केंद्र पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य भाई जगताप ने 22 जुलाई को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान जिस तरह हटाया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के सर्वथा विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की और राहुल गांधी को कथित तौर पर गलत तरीके से हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन और कार्रवाई का विवरण
भाई जगताप के अनुसार, राहुल गांधी कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास के बाहर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, जब उन्हें वहाँ से हटाया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई बेहद चिंताजनक है, क्योंकि राहुल गांधी लोकसभा में संवैधानिक रूप से नियुक्त नेता प्रतिपक्ष हैं और जनता ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी है।
जगताप ने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष किसी मुद्दे पर सवाल उठाते हैं, तो सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह जवाब दे, न कि उनकी आवाज दबाए।
गांधी परिवार की विरासत का हवाला
भाई जगताप ने कहा कि राहुल गांधी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि उस परिवार का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा, "यह वही परिवार है, जिसके दो प्रधानमंत्रियों ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान की। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लोकतंत्र के लिए अपना जीवन समर्पित किया। यह लड़ाई लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई है। राहुल गांधी सिर्फ गांधी नहीं, बल्कि आंधी हैं और किसी से डरते नहीं हैं।"
NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर निशाना
भाई जगताप ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ पुलिस ने कथित तौर पर ज्यादती की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र अपने भविष्य और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं, तो उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की और कहा कि युवाओं का भविष्य दांव पर है — सरकार को उनकी समस्याएँ सुननी चाहिए।
संविधान और लोकतंत्र की दुहाई
जगताप ने कहा कि देश का शासन संविधान के आधार पर चलता है और संविधान केवल एक किताब नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने याद दिलाया कि देश की आजादी की लड़ाई भी अहिंसा और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर लड़ी गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि भारत में अस्थिरता की स्थिति पैदा हो, और केंद्र सरकार से अपील की कि वह युवाओं व विपक्ष की आवाज सुने तथा बातचीत के जरिए समाधान निकाले।
आगे क्या
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि NEET पेपर लीक का मुद्दा पहले से ही संसद में तूल पकड़ चुका है। कांग्रेस का आंदोलनात्मक रुख आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।