ग्रामीण सड़क निर्माण में UP सरकार का बड़ा फैसला: केशव प्रसाद मौर्य ने दिए 'पूर्ण गहराई पुनर्निर्माण तकनीक' के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 23 मई 2026 को लखनऊ में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के ग्रामीण सड़क नेटवर्क को पूरी तरह बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब प्रदेश में ग्रामीण सड़कों का निर्माण अत्याधुनिक 'पूर्ण गहराई पुनर्निर्माण तकनीक' के आधार पर शत-प्रतिशत कराया जाए। मौर्य ने कहा कि गांवों को मजबूत सड़क संपर्क देना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में क्या हुए निर्देश
बैठक में ग्राम्य विकास आयुक्त तथा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने, जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद बनाए रखने और कार्यों में आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए — उनकी गुणवत्ता जमीन पर स्पष्ट दिखाई देनी चाहिए।
क्या है 'पूर्ण गहराई पुनर्निर्माण तकनीक'
इस तकनीक के तहत पुरानी सड़क की गिट्टी और निर्माण सामग्री को आधुनिक मशीनों से पुनर्चक्रित किया जाएगा। उसमें सीमेंट और विशेष मिश्रण मिलाकर अत्यंत मजबूत आधार तैयार किया जाएगा। मौर्य के अनुसार, इससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और सड़कें अधिक टिकाऊ बनेंगी। यह तकनीक ग्रामीण संपर्क मार्गों की तस्वीर बदलने में मील का पत्थर साबित होगी।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की स्थिति
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तीसरे चरण का कार्य अब अंतिम दौर में है और उत्तर प्रदेश ने इसमें उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। प्रदेश अब तेज़ी से चौथे चरण की ओर बढ़ रहा है, जिसका उद्देश्य दूरस्थ मजरों और ग्रामीण इलाकों को भी मुख्य मार्गों से जोड़ना है। मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर गांव तक पक्की सड़क' के संकल्प को उत्तर प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है।
गुणवत्ता से समझौता नहीं
मौर्य ने बैठक में स्पष्ट किया कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनके अनुसार, मजबूत सड़कें ही गांवों के विकास और प्रदेश की प्रगति का सबसे बड़ा आधार हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में ग्रामीण संपर्क की कमी लंबे समय से विकास की राह में बाधा रही है, और यह निर्देश उस चुनौती से सीधे निपटने की कोशिश है।