HDFC Securities म्यूचुअल फंड NAV गड़बड़ी: 50 लाख निवेशकों को दिखा 70% तक का झूठा नुकसान, CTO ने दी सफाई
सारांश
मुख्य बातें
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के 50 लाख से अधिक निवेशकों को 20 अगस्त 2026 की सुबह उस समय गहरा झटका लगा, जब उनके म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो में 30% से 70% तक की भारी गिरावट अचानक दिखाई देने लगी। हालांकि कंपनी ने बाद में स्पष्ट किया कि यह वास्तविक नुकसान नहीं, बल्कि नेट एसेट वैल्यू (NAV) डेटा में आई तकनीकी खामी के कारण केवल एक डिस्प्ले संबंधी त्रुटि थी।
क्या हुआ उस सुबह
गुरुवार की सुबह जब निवेशकों ने एचडीएफसी इन्वेस्टराइट प्लेटफॉर्म खोला, तो उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू असामान्य रूप से कम दिखाई दे रही थी। एक निवेशक के अनुसार, बुधवार तक मुनाफे में चल रहा उनका पोर्टफोलियो गुरुवार सुबह लगभग 30% यानी करीब ₹1 लाख के नुकसान में दिखाई दे रहा था। उनके पोर्टफोलियो में दो म्यूचुअल फंड थे — एक का NAV सामान्य था, जबकि दूसरे का NAV अचानक करीब 50% तक गिरा हुआ दिख रहा था।
एक अन्य निवेशक ने बताया कि निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड - ग्रोथ का NAV करीब ₹185 से घटकर ₹111.18 दिखाई देने लगा, जिससे पोर्टफोलियो रिटर्न लगभग 30% नकारात्मक हो गया।
कंपनी की प्रतिक्रिया
एचडीएफसी सिक्योरिटीज की मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) मंगलम गणेश ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, 'यह समस्या हमारे डेटा सर्विस प्रोवाइडर से मिलने वाले NAV डेटा की वजह से हुई थी। हमने पुष्टि की है कि यह उनके स्तर पर एक ग्लोबल समस्या थी। दोपहर लगभग 12:40 बजे तक इस समस्या को ठीक कर दिया गया।'
उन्होंने आगे कहा, 'हम यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हमारे ग्राहकों की असल म्यूचुअल फंड होल्डिंग पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है और यह केवल डेटा सर्विस प्रोवाइडर से गलत NAV मिलने के कारण डिस्प्ले की समस्या थी।'
इस दौरान एचडीएफसी सिक्योरिटीज ऐप पर ग्राहकों को एक सूचना भी दिखाई दी, जिसमें लिखा था — 'महत्वपूर्ण अपडेट... हम MF NAV समस्या पर काम कर रहे हैं... आपके धैर्य के लिए धन्यवाद।'
सोशल मीडिया पर निवेशकों की चिंता
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी बड़ी संख्या में निवेशकों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। एक उपयोगकर्ता ने दावा किया कि एचडीएफसी सिक्योरिटीज के माध्यम से रखे गए उनके निप्पॉन मल्टीकैप फंड का NAV अचानक 71% तक गिरा हुआ दिख रहा था। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ जब बाज़ार में कोई बड़ी गिरावट नहीं थी, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।
आम निवेशकों पर असर
एचडीएफसी सिक्योरिटीज देश की प्रमुख ब्रोकरेज कंपनियों में से एक है और कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार उसके प्लेटफॉर्म पर 50 लाख से अधिक ग्राहक पंजीकृत हैं। कुछ घंटों तक चली इस तकनीकी खामी ने लाखों निवेशकों के बीच भ्रम और घबराहट की स्थिति उत्पन्न कर दी। यह ऐसे समय में हुआ जब खुदरा निवेशकों की म्यूचुअल फंड में भागीदारी लगातार बढ़ रही है और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी निर्भरता पहले से कहीं अधिक है।
कंपनी की ओर से समय पर स्पष्टीकरण और डेटा प्रदाता द्वारा समस्या ठीक किए जाने के बाद निवेशकों को राहत मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना ने डेटा प्रदाताओं पर ब्रोकरेज कंपनियों की निर्भरता और रियल-टाइम डेटा सत्यापन तंत्र की कमज़ोरियों को उजागर किया है।
आगे क्या होगा
इस घटना के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या एचडीएफसी सिक्योरिटीज अपने डेटा सत्यापन तंत्र को और मज़बूत करेगी, ताकि भविष्य में इस तरह की डिस्प्ले त्रुटियाँ दोबारा न हों। कंपनी की ओर से इस दिशा में किसी ठोस कदम की घोषणा अभी बाकी है।