हेमंत खंडेलवाल का MP भाजपा अध्यक्ष के रूप में एक साल पूरा, CM मोहन यादव और कैलाश विजयवर्गीय ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 जुलाई 2025 को राज्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को उनके पद पर एक वर्ष पूरा होने पर बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने खंडेलवाल के नेतृत्व, सांगठनिक कौशल और पार्टी को मज़बूत करने में उनके योगदान को सराहनीय बताया।
मुख्यमंत्री की बधाई और संदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा कि हेमंत खंडेलवाल की सादगी, संगठन के प्रति अटूट समर्पण और कार्यशैली ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने कहा, 'आपकी लीडरशिप में संगठन ने पिछले एक साल में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं और हमारी विचारधारा और मज़बूत हुई है।'
विजयवर्गीय ने भी की सराहना
भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के शहरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस अवसर पर खंडेलवाल को बधाई दी। विजयवर्गीय ने कहा कि खंडेलवाल का अनुशासित कार्य-तरीका, संगठनात्मक अनुभव और समर्पण पार्टी के लिए अमूल्य है। उन्होंने विश्वास जताया, 'मुझे पूरा भरोसा है कि आपके मार्गदर्शन में संगठन नई ऊँचाइयाँ हासिल करता रहेगा।'
खंडेलवाल का सांगठनिक कार्यकाल
हेमंत खंडेलवाल ने 2 जुलाई 2024 को मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पद संभाला था। उन्होंने वीडी शर्मा की जगह ली, जिन्होंने खजुराहो से लोकसभा सांसद रहते हुए चार वर्षों से अधिक समय तक पार्टी की राज्य इकाई का नेतृत्व किया था। अपने कार्यकाल के दौरान खंडेलवाल ने कैबिनेट मंत्रियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच नियमित संवाद तथा विवादास्पद मुद्दों पर कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़ने की व्यवस्था जैसी कई सांगठनिक पहलें शुरू कीं।
राजनीतिक रूप से सक्रिय भूमिका
खंडेलवाल ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी का बचाव करने में भी सक्रिय भूमिका निभाई। हाल ही में जब विपक्ष ने जमीन खरीद से जुड़े आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को निशाना बनाया, तो खंडेलवाल उनका बचाव करने वाले पहले भाजपा नेता बने।
खंडेलवाल की राजनीतिक पृष्ठभूमि
हेमंत खंडेलवाल भाजपा के संस्थापक सदस्य स्वर्गीय विजय खंडेलवाल के पुत्र हैं, जिन्होंने तत्कालीन बैतूल लोकसभा क्षेत्र से चार बार प्रतिनिधित्व किया था। हेमंत 2008 के उपचुनाव में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। परिसीमन के बाद बैतूल सीट अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हो जाने पर वे राज्य की राजनीति में आए और 2013 में विधायक चुने गए। अध्यक्ष पद संभालने से पूर्व वे भाजपा के राज्य कोषाध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में भाजपा अपनी सांगठनिक पकड़ को और सुदृढ़ करने में जुटी है।