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हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला: जल शक्ति में 4,090 पैरा कर्मचारी, शिक्षा-स्वास्थ्य में भी हजारों भर्तियाँ

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हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला: जल शक्ति में 4,090 पैरा कर्मचारी, शिक्षा-स्वास्थ्य में भी हजारों भर्तियाँ

सारांश

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक ही दिन में हजारों सरकारी पदों को भरने की मंजूरी दी गई — जल शक्ति में 4,090 पैरा कर्मचारी, शिक्षा में 4,800 से अधिक पद और स्वास्थ्य में 500 नर्सें। यह हिमाचल में एक बड़ा रोजगार-केंद्रित कदम है।

मुख्य बातें

जल शक्ति विभाग में 4,090 पैरा कर्मचारियों (पंप ऑपरेटर, फिटर, मल्टीपर्पज वर्कर) की नियुक्ति को मंजूरी।
100 सरकारी स्कूलों को CBSE से जोड़ा जाएगा; 3,900 शिक्षक और 900 गैर-शिक्षकीय कर्मचारी भर्ती होंगे।
स्वास्थ्य विभाग में 500 असिस्टेंट स्टाफ नर्स ; मेडिकल एजुकेशन में 30 रेडियोलॉजिस्ट , 13 क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और 6 परफ्यूजनिस्ट के पद भरे जाएंगे।
आरपीजीएमसी टांडा में 24 मेडिकल ऑफिसर (स्पेशलिस्ट/सुपर स्पेशलिस्ट) नियुक्त होंगे।
बैकलॉग कोटे के तहत 320 असिस्टेंट प्रोफेसर और PWD में 172 मल्टी टास्क वर्कर की भर्ती को हरी झंडी।
दिव्यांगजनों के लिए 4% आरक्षण के तहत 27 विभिन्न पद और 11 मल्टी टास्क वर्कर पद भरे जाएंगे।

हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने 10 अक्टूबर 2026 को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों में हजारों पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी। सबसे बड़ा निर्णय जल शक्ति विभाग में 4,090 पैरा कर्मचारियों की भर्ती का रहा, जिसमें पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पज वर्कर शामिल हैं। इन फैसलों से राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

शिक्षा विभाग में व्यापक भर्ती

कैबिनेट बैठक में 100 और सरकारी स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए एक नई योजना तैयार की जाएगी, जिसके अंतर्गत 3,900 शिक्षकों और 900 गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों के पद भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, छूटे हुए एसएमसी शिक्षकों — जिनमें पीजीटी और टीजीटी श्रेणी शामिल है — के लिए लिमिटेड डायरेक्ट रिक्रूटमेंट (एलडीआर) परीक्षा आयोजित करने की भी मंजूरी दी गई।

सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों के पदों को भी एलडीआर के माध्यम से नियमित किया जाएगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बैकलॉग कोटे के तहत 320 असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) के पद भरने का निर्णय लिया गया।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा में नई नियुक्तियाँ

स्वास्थ्य विभाग में 500 असिस्टेंट स्टाफ नर्स के पद भरने की स्वीकृति दी गई। मेडिकल एजुकेशन विभाग में 30 रेडियोलॉजिस्ट, 13 क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और 6 परफ्यूजनिस्ट की नियुक्ति को हरी झंडी मिली। डॉ. आरपीजीएमसी टांडा में 24 मेडिकल ऑफिसर (स्पेशलिस्ट/सुपर स्पेशलिस्ट) के पद भरे जाएंगे।

आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में 10 रेडियोग्राफर की नियुक्ति को भी मंजूरी मिली। गौरतलब है कि ये नियुक्तियाँ ऐसे समय में हो रही हैं जब राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी दर्ज की जा रही है।

अन्य विभागों में भर्ती का ब्यौरा

लोक निर्माण विभाग (PWD) में 172 मल्टी टास्क वर्कर नियुक्त किए जाएंगे। पशुपालन विभाग में 116 विभिन्न पद और बागवानी विभाग में 40 हॉर्टिकल्चर एक्सटेंशन ऑफिसर तथा 5 वरिष्ठ सहायक पदों को भरने की मंजूरी दी गई। कोषागार, लेखा एवं लॉटरी विभाग में 18 सहायक कोषागार अधिकारियों की नियुक्ति होगी।

दुर्गाशरण्य कांगड़ा अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान के लिए विभिन्न श्रेणियों में 26 नए पद सृजित कर उन्हें भरने का निर्णय लिया गया। दिव्यांग व्यक्तियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण के तहत विभिन्न श्रेणियों के 27 पद और 11 मल्टी टास्क वर्कर पदों को भी मंजूरी मिली।

आम जनता और रोजगार पर असर

इन सभी निर्णयों को मिलाकर देखें तो हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक ही बैठक में हजारों पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त किया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में बेरोजगारी और सरकारी पदों पर रिक्तियों को लेकर युवाओं में असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। सुक्खू सरकार के इन फैसलों से शिक्षा, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और बुनियादी ढाँचे जैसे अहम क्षेत्रों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

आगे देखना यह होगा कि इन भर्तियों की प्रक्रिया कितनी शीघ्रता से पूरी होती है और नियुक्त कर्मचारी कब तक कार्यभार संभालते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति होगी। हिमाचल में अतीत में भर्ती प्रक्रियाएँ अदालती विवादों और प्रशासनिक देरी के कारण वर्षों तक लंबित रही हैं। यह भी देखना होगा कि पैरा कर्मचारियों को नियमितीकरण की उम्मीद है या नहीं — क्योंकि 'पैरा' श्रेणी अक्सर अनिश्चित सेवा शर्तों का पर्याय बन जाती है। बिना स्पष्ट समयसीमा और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के, ये घोषणाएँ कागज पर बड़ी और ज़मीन पर धीमी साबित हो सकती हैं।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल कैबिनेट ने जल शक्ति विभाग में कितने पैरा कर्मचारियों की नियुक्ति को मंजूरी दी?
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने जल शक्ति विभाग में 4,090 पैरा कर्मचारियों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। इनमें पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पज वर्कर शामिल हैं।
हिमाचल में 100 स्कूलों को CBSE से जोड़ने पर कितने पद भरे जाएंगे?
100 सरकारी स्कूलों को CBSE से संबद्ध करने की नई योजना के तहत 3,900 शिक्षकों और 900 गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों के पद भरे जाएंगे। इसके लिए एक नई भर्ती योजना तैयार की जाएगी।
हिमाचल कैबिनेट के 10 अक्टूबर के फैसलों से स्वास्थ्य विभाग को क्या मिला?
स्वास्थ्य विभाग में 500 असिस्टेंट स्टाफ नर्स के पद भरने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा मेडिकल एजुकेशन विभाग में 30 रेडियोलॉजिस्ट, 13 क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और 6 परफ्यूजनिस्ट, तथा डॉ. आरपीजीएमसी टांडा में 24 मेडिकल ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे।
एलडीआर (लिमिटेड डायरेक्ट रिक्रूटमेंट) परीक्षा किन शिक्षकों के लिए होगी?
एलडीआर परीक्षा छूटे हुए एसएमसी शिक्षकों — जिनमें पीजीटी और टीजीटी श्रेणी शामिल है — के लिए आयोजित की जाएगी। साथ ही सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों के पद भी इसी माध्यम से भरे जाएंगे।
हिमाचल कैबिनेट के इन फैसलों से दिव्यांगजनों को क्या लाभ मिलेगा?
दिव्यांग व्यक्तियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण के तहत विभिन्न श्रेणियों के 27 पद और 11 मल्टी टास्क वर्कर पदों को भरने की मंजूरी दी गई है। यह आरक्षण विभिन्न विभागों में लागू होगा।
राष्ट्र प्रेस
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