डॉक्टर दिवस पर महाराष्ट्र में 5,000 स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती मंजूर, 1,400 डॉक्टरों को तत्काल नियुक्ति पत्र
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने 1 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर मुंबई स्थित राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान घोषणा की कि मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में 5,000 नए पदों की भर्ती को मंजूरी दे दी है। राज्य के चिकित्सा केंद्रों में लंबे समय से चली आ रही कर्मचारियों की कमी को दूर करने की दिशा में यह अब तक का सबसे बड़ा एकल कदम माना जा रहा है।
तत्काल नियुक्तियाँ और भर्ती की समयसीमा
मंत्री आबिटकर ने बताया कि 1,400 डॉक्टरों को 1 जुलाई को ही नियुक्ति पत्र जारी किए जा रहे हैं, जबकि अतिरिक्त 600 डॉक्टरों की भर्ती शीघ्र पूरी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में 1,900 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के रिक्त पद भी जल्द भरे जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में इसी सप्ताह से तेज़ी लाई जाएगी।
अस्पताल निर्माण और लंबित धनराशि
विधायक सुधीर मुनगंटीवार के एक प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि उप-जिला अस्पतालों के लिए लंबित धनराशि एक सप्ताह के भीतर जारी कर दी जाएगी। राज्य ने लंबित निर्माण परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निधि आवंटित की है — विशेष रूप से उन अस्पताल भवनों को जो 50%, 70%, 75% और 90% तक पूर्ण हो चुके हैं। मंत्री आबिटकर ने आश्वासन दिया कि नई नियुक्तियों और धनराशि जारी होने के बाद राज्य के सभी अस्पताल आवश्यक कर्मचारियों, चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं से सुसज्जित हो जाएंगे।
संविदा कर्मचारियों के बकाये और एजेंसियों पर कार्रवाई
कोविड-19 महामारी के दौरान अग्रिम पंक्ति में सेवा देने वाली आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य संविदा कर्मचारियों के बकाया का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि वेतन, भविष्य निधि (PF) और ESIC अनुपालन में उल्लंघन करने वाली तृतीय-पक्ष भर्ती एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है — अब तक दो से तीन एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। आवश्यकता पड़ने पर दोषी संगठनों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे।
नर्सिंग कॉलेजों के लिए SOP और छात्राओं की सुरक्षा
विधायक प्रवीण दटके द्वारा गोंदिया के जिला सामान्य अस्पताल के अंतर्गत सरकारी नर्सिंग प्रशिक्षण विद्यालय में कथित तौर पर हुई खाद्य विषाक्तता की घटना पर उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के उत्तर में मंत्री आबिटकर ने घोषणा की कि स्वास्थ्य विभाग जल्द ही महाराष्ट्र के सभी नर्सिंग कॉलेजों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करेगा। इस SOP का उद्देश्य सख्त अनुशासन, नियमितता और विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगा।
आगे क्या होगा
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी लंबे समय से चिंता का विषय रही है। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद CHO पदों की भर्ती की समयसीमा तय हुई है। अब सभी की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि क्या घोषित समयसीमाओं के भीतर नियुक्तियाँ वास्तव में पूरी हो पाती हैं।