हिमाचल राज्यपाल कविंदर गुप्ता का बड़ा फैसला: हेलीकॉप्टर बंद, लोक भवन बना 'ईंधन संरक्षण क्षेत्र'

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हिमाचल राज्यपाल कविंदर गुप्ता का बड़ा फैसला: हेलीकॉप्टर बंद, लोक भवन बना 'ईंधन संरक्षण क्षेत्र'

सारांश

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने पीएम मोदी की ईंधन संरक्षण अपील के समर्थन में लोक भवन को 'ईंधन संरक्षण क्षेत्र' घोषित किया, राज्य हेलीकॉप्टर का उपयोग स्थगित किया और सरकारी काफिला आधा किया — यह राष्ट्रीय आह्वान पर राज्य-स्तरीय ठोस कार्रवाई का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।

मुख्य बातें

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 13 मई 2026 को लोक भवन को 'ईंधन संरक्षण क्षेत्र' घोषित किया।
पश्चिम एशिया संकट और ईंधन कीमतें स्थिर होने तक राज्य हेलीकॉप्टर का उपयोग पूरी तरह स्थगित ।
प्रत्येक रविवार लोक भवन में कोई सरकारी वाहन आयातित ईंधन का उपयोग नहीं करेगा; सभी कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होंगे।
सरकारी काफिले का आकार आधा किया गया; राज्यपाल सप्ताह में एक दिन इलेक्ट्रिक वाहन या कारपूलिंग अपनाएँगे।
संवैधानिक प्रमुखों, मंत्रियों, विधायकों और राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से ईंधन बचत में भागीदारी की अपील।
पीएम मोदी की अपील के बाद कई राज्यों के मंत्री और सांसद सार्वजनिक वाहनों का उपयोग कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 13 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन संरक्षण अपील के समर्थन में कई ठोस कदमों की घोषणा की। उन्होंने लोक भवन को आधिकारिक रूप से 'ईंधन संरक्षण क्षेत्र' घोषित किया और पश्चिम एशिया संकट के शांत होने तक राज्य के हेलीकॉप्टर का उपयोग पूरी तरह स्थगित कर दिया।

मुख्य घोषणाएँ

राज्यपाल गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। उनके अनुसार, प्रत्येक रविवार को लोक भवन में कोई भी सरकारी वाहन आयातित ईंधन का उपयोग नहीं करेगा। रविवार के सभी आधिकारिक कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न किए जाएँगे।

सरकारी काफिले का आकार आधा कर दिया गया है और सभी गैर-ज़रूरी बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर स्थानांतरित कर दी गई हैं, ताकि अनावश्यक यात्रा पर रोक लगाई जा सके।

राज्यपाल का निजी उदाहरण

राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने स्वयं भी इस अभियान में व्यक्तिगत प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने कहा कि वे सप्ताह में एक दिन अपनी सरकारी गाड़ी का उपयोग नहीं करेंगे और इसके स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहन या कारपूलिंग का विकल्प चुनेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण वैश्विक ईंधन बाज़ार में अनिश्चितता बनी हुई है।

संवैधानिक पदाधिकारियों और विश्वविद्यालयों से अपील

राज्यपाल ने सभी संवैधानिक प्रमुखों, मंत्रियों और विधायकों से अपील की है कि वे हर हफ्ते कम से कम एक दिन सरकारी और निजी वाहनों का उपयोग स्वेच्छा से न करें। उन्होंने सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से भी आग्रह किया कि वे अपने-अपने कैंपस में कारपूलिंग, साइकिल चलाने और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करें।

वोकल फॉर लोकल और युवाओं से आह्वान

राज्यपाल गुप्ता ने वोकल फॉर लोकल का उल्लेख करते हुए नागरिकों से अनुरोध किया कि वे विदेशी विकल्पों की जगह स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और घरेलू पर्यटन को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भारत के सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थलों में से एक है।

युवाओं से उन्होंने विशेष अपील की कि वे अपने समुदायों में ईंधन संरक्षण के दूत और राष्ट्र निर्माण के नायक बनें। उनके अनुसार,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये कदम केवल संकट-कालीन दिखावे हैं या दीर्घकालिक नीतिगत बदलाव की शुरुआत। पश्चिम एशिया संकट के शांत होते ही हेलीकॉप्टर और काफिले वापस पुरानी स्थिति में लौट सकते हैं — जब तक इन्हें स्थायी नियमों में नहीं बदला जाता। गौरतलब है कि भारत अपनी कच्चे तेल की ज़रूरत का लगभग 85% आयात करता है, इसलिए ईंधन संरक्षण की यह पहल आर्थिक दृष्टि से भी प्रासंगिक है। यदि यह मॉडल अन्य राज्यों में भी अपनाया जाए, तो राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन बचत का असर सार्थक हो सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने ईंधन संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए हैं?
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने लोक भवन को 'ईंधन संरक्षण क्षेत्र' घोषित किया है, राज्य हेलीकॉप्टर का उपयोग स्थगित किया है और सरकारी काफिले का आकार आधा कर दिया है। इसके अलावा, रविवार को सभी सरकारी वाहन आयातित ईंधन का उपयोग नहीं करेंगे और सभी कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होंगे।
राज्यपाल ने हेलीकॉप्टर का उपयोग क्यों बंद किया है?
राज्यपाल गुप्ता ने पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन कीमतों में अस्थिरता के मद्देनज़र यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा है कि जब तक पश्चिम एशिया संकट शांत नहीं हो जाता और ईंधन की कीमतें स्थिर नहीं हो जातीं, तब तक वे राज्य के हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं करेंगे।
पीएम मोदी की ईंधन संरक्षण अपील का अन्य राज्यों पर क्या असर हुआ है?
पीएम मोदी की अपील के बाद कई राज्यों के मंत्री और सांसद निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक वाहनों से कार्यालय पहुँच रहे हैं। हिमाचल प्रदेश इस दिशा में सबसे व्यापक संस्थागत कदम उठाने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
लोक भवन को 'ईंधन संरक्षण क्षेत्र' घोषित करने का क्या मतलब है?
इसका अर्थ है कि लोक भवन परिसर में हर रविवार को कोई भी सरकारी वाहन आयातित ईंधन का उपयोग नहीं करेगा। सभी आधिकारिक बैठकें और कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए आयोजित किए जाएँगे।
राज्यपाल ने युवाओं और विश्वविद्यालयों से क्या अपील की है?
राज्यपाल गुप्ता ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से कैंपस में कारपूलिंग, साइकिल चलाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का आग्रह किया है। युवाओं से उन्होंने अपील की है कि वे अपने समुदायों में ईंधन संरक्षण के दूत और राष्ट्र निर्माण के नायक बनें।
राष्ट्र प्रेस
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