हिमायनी पुरी का दिल्ली हाई कोर्ट में एपस्टीन से जुड़े समाचारों पर 10 करोड़ का मानहानि मुकदमा
सारांश
Key Takeaways
- हिमायनी पुरी ने मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
- उनका नाम जेफरी एपस्टीन से जोड़ा गया था।
- उन्होंने 10 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगा है।
- दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई 17 मार्च को होगी।
- सोशल मीडिया पर झूठी जानकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का उदाहरण।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की संतान हिमायनी पुरी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि का एक मुकदमा प्रस्तुत किया है। उन्होंने मुकदमे में जेफरी एपस्टीन से संबंधित ऑनलाइन समाचार रिपोर्टों, पोस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री को हटाने की गुहार लगाई है। हिमायनी पुरी ने हर्जाने के रूप में 10 करोड़ रुपए की मांग की है। दिल्ली उच्च न्यायालय इस मामले की सुनवाई मंगलवार, 17 मार्च को कर सकता है।
हिमायनी पुरी ने अपनी याचिका में उल्लेख किया है कि इंटरनेट पर प्रसारित कई पोस्ट और रिपोर्टों में यह गलत दावा किया गया है कि उनका जेफरी एपस्टीन या उसकी आपराधिक गतिविधियों से कोई वित्तीय या नेटवर्क संबंध है।
उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए कहा कि ऐसी सामग्री उनके व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। याचिका में कहा गया है कि इस प्रकार की झूठी जानकारी के प्रसार से उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और इससे समाज में उनकी छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
याचिका में हिमायनी पुरी ने हर्जाने में 10 करोड़ रुपए की मांग की है। उन्होंने अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि संबंधित पक्षों को भविष्य में इस तरह के आरोपों को दोहराने या प्रकाशित करने से रोका जाए।
इसके अलावा, हिमायनी पुरी ने कई सोशल मीडिया कंपनियों और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा की भी मांग की है। याचिका में यह भी अपील की गई है कि दुनिया भर के विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर प्रकाशित उन सभी पोस्ट, लेखों और वीडियो को हटाने के निर्देश दिए जाएं, जिनमें उनका नाम एपस्टीन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में शीघ्र सुनवाई हो सकती है और अदालत इस पर मंगलवार, 17 मार्च को सुनवाई कर सकती है। मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्धारित किया जाएगा कि संबंधित डिजिटल सामग्री को हटाने और इसके आगे के प्रसार पर रोक लगाने के लिए क्या निर्देश दिए जाएं।