ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने CWC सदस्यों को दिया मंत्र: हर फैसले में 'बच्चे का हित' सर्वोपरि
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा की उपमुख्यमंत्री एवं महिला व बाल विकास मंत्री प्रवती परिदा ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को भुवनेश्वर में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के नवनियुक्त सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उनके प्रत्येक निर्णय और कार्रवाई के केंद्र में 'बच्चे का सर्वोत्तम हित' ही होना चाहिए। यह अवसर था स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन (SIWC) परिसर में आयोजित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे बैच के उद्घाटन का, जिसमें राज्य के 27 जिलों के 58 CWC सदस्य भाग ले रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
SIWC परिसर में आयोजित इस उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री परिदा ने नवनियुक्त सदस्यों से सीधी बातचीत की और बच्चों से जुड़े मामलों में उनके जमीनी अनुभव, चुनौतियाँ तथा दृष्टिकोण को समझने का प्रयास किया। उन्होंने प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित एवं पोषणकारी वातावरण सुनिश्चित करने के सरकार के संकल्प को दोहराया।
परिदा ने सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपनी जिम्मेदारियाँ संवेदनशीलता, निष्ठा और सहानुभूति के साथ निभाएँ। उन्होंने बच्चों के अधिकारों, सम्मान और कल्याण की रक्षा के लिए सभी संबंधित पक्षों की समन्वित और करुणापूर्ण कोशिशों की अनिवार्यता पर बल दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य CWC सदस्यों की क्षमता को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम में बाल संरक्षण के तरीकों, कानूनी दायित्वों और बाल कल्याण उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति बाल-अनुकूल, अधिकार-आधारित और संवेदनशील दृष्टिकोण को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। गौरतलब है कि इससे पहले के पहले बैच में 78 नवनियुक्त सदस्यों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
व्यापक संदर्भ और महत्व
यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर में बाल संरक्षण तंत्र की प्रभावशीलता पर बहस जारी है। CWC, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के तहत गठित एक अर्ध-न्यायिक निकाय है, जो देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के मामलों की सुनवाई करता है।
यह Nवीं ऐसी राज्य-स्तरीय पहल है जिसमें CWC सदस्यों की क्षमता-निर्माण पर ध्यान दिया गया है, जो दर्शाता है कि ओडिशा सरकार बाल संरक्षण ढाँचे को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आम जनता और बच्चों पर असर
प्रशिक्षित CWC सदस्य 27 जिलों में बच्चों के मामलों में अधिक संवेदनशील और कानूनी रूप से सुदृढ़ निर्णय लेने में सक्षम होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के क्षमता-निर्माण कार्यक्रम बाल तस्करी, उपेक्षा और दुर्व्यवहार जैसे संवेदनशील मामलों में बेहतर परिणाम सुनिश्चित कर सकते हैं।
आगे की राह
पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के समापन के बाद ये 58 सदस्य अपने-अपने जिलों में वापस लौटकर CWC की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान देंगे। उपमुख्यमंत्री परिदा की इस पहल से उम्मीद है कि ओडिशा का बाल संरक्षण तंत्र और अधिक मजबूत और जवाबदेह बनेगा।