क्या नीति आयोग के सीईओ की बैठक में ओडिशा के विकास का खाका खींचा गया?

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क्या नीति आयोग के सीईओ की बैठक में ओडिशा के विकास का खाका खींचा गया?

सारांश

क्या ओडिशा के विकास का खाका नीति आयोग की बैठक में खींचा गया? इस उच्च स्तरीय चर्चा में विभिन्न योजनाओं और युवा कौशल विकास पर बात की गई। जानिए बैठक में क्या हुआ खास।

Key Takeaways

  • ओडिशा विकास 2036 के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण के लिए योजनाएँ बनाई जा रही हैं।
  • नवीन ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को प्राथमिकता दी गई।
  • बैठक में राज्य और केंद्रीय संस्थानों के समन्वय को बल दिया गया।
  • युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।

भुवनेश्वर, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बीवीआर सुब्रह्मण्यम और ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग के बीच सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव भी उपस्थित थे। नीति आयोग के सदस्य एस किशोर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से चर्चा में शामिल हुए।

बैठक में विकसित ओडिशा 2036 और विकसित भारत के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार और ओडिशा सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा की गई। राज्य और देश के दीर्घकालिक विकास परिप्रेक्ष्य के साथ-साथ ओडिशा विजन दस्तावेज में उल्लिखित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों पर व्यापक विचार किया गया।

ओडिशा विजन के अंतर्गत, भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप-कटक आर्थिक क्षेत्र (बीसीपीआरपीईआर) के विकास पर चर्चा हुई। इस क्षेत्र को एक एकीकृत आर्थिक और शहरी विकास केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए संबंधित पहलों को गति देने पर जोर दिया गया।

बैठक में आदिवासी समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लक्षित कार्यक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया गया। आधुनिक औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए युवाओं के कौशल-आधारित प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया गया।

ऊर्जा क्षेत्र में नए और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा को अपनाने में तेजी लाने पर विस्तृत चर्चा हुई। कम लागत, दीर्घकालिक और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा प्रणालियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई योजनाओं और कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। इस संबंध में नीति आयोग और आईएसईजी फाउंडेशन के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं, जिसके तहत वर्तमान में गतिविधियां चल रही हैं। फाउंडेशन ने बैठक के दौरान अपने विचार और प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

इस बैठक में राज्य और केंद्रीय संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत करने और ओडिशा को एक सतत, समावेशी, नवाचार-प्रेरित और समृद्ध राज्य बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

ओडिशा सरकार के वित्त, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, विद्यालय एवं जन शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा, आवास एवं शहरी विकास, वाणिज्य एवं परिवहन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और योजना एवं अभिसरण विभागों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया।

Point of View

बल्कि यह पूरे देश के विकास को भी गति देगा।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

नीति आयोग की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बैठक का मुख्य उद्देश्य ओडिशा के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा करना था।
कौन से प्रमुख अधिकारी बैठक में शामिल हुए?
बैठक में नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम, मुख्य सचिव अनु गर्ग, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
ओडिशा विजन दस्तावेज में किन लक्ष्यों का उल्लेख है?
ओडिशा विजन दस्तावेज में दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों का उल्लेख है, जिनमें सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण शामिल हैं।
बैठक में किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया?
बैठक में ऊर्जा, कौशल विकास, और आदिवासी समुदायों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।
क्या इस बैठक का ओडिशा के विकास पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
हाँ, इस बैठक में लिए गए निर्णय ओडिशा के विकास में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएंगे।
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