27 जुलाई 2026
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कांवड़ यात्रा 2026: काली सेना प्रमुख की चेतावनी — हरिद्वार में गैर-हिंदू दुकान मिली तो होगी कार्रवाई

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कांवड़ यात्रा 2026: काली सेना प्रमुख की चेतावनी — हरिद्वार में गैर-हिंदू दुकान मिली तो होगी कार्रवाई

सारांश

कांवड़ यात्रा शुरू होने से महज तीन दिन पहले काली सेना प्रमुख स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने हरिद्वार में गैर-हिंदू दुकानदारों को सीधी चेतावनी दी है — दुकान मिली तो जबरदस्ती हटाएंगे। यात्रा 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगी और उत्तराखंड पुलिस ने 6,000 कर्मी तैनात किए हैं।

मुख्य बातें

काली सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने 27 जुलाई 2026 को हरिद्वार में गैर-हिंदू दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि कांवड़ मेला क्षेत्र में गैर-हिंदू दुकान मिलने पर उसे जबरदस्ती हटाया जाएगा और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कांवड़ यात्रा 2026 — 30 जुलाई से 11 अगस्त (सावन शिवरात्रि) तक — में देशभर से शिवभक्त हरिद्वार आते हैं।
उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा के लिए लगभग 6,000 कर्मी तैनात किए हैं; मुख्य मार्गों पर सीसीटीवी और वॉच टावर लगाए गए हैं।
कांवड़ मार्गों पर मांस और शराब की दुकानों पर सख्त पाबंदी लागू है।

काली सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने 27 जुलाई 2026 को हरिद्वार में कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले गैर-हिंदू दुकानदारों और व्यापारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि कांवड़ मेला क्षेत्र में कोई गैर-हिंदू दुकान पाई गई, तो उसे जबरदस्ती हटाया जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगी।

स्वामी आनंद स्वरूप ने क्या कहा

स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा, 'काली सेना ने पहले ही घोषणा की थी कि अगर कांवड़ मेले में कोई गैर-हिंदू दुकान मिलती है, तो हम उसे जबरदस्ती हटा देंगे। अगर वे हमारी मांगें मान लेते हैं तो ठीक है, वरना कांवड़ यात्रा शुरू होने तक चेकिंग होती रहेगी।' उन्होंने आगे कहा, 'अगर उस चेकिंग में कोई गैर-हिंदू मिलता है, तो उसकी फिटनेस की जांच की जाएगी और उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी, क्योंकि यह एक तीर्थ स्थल है और यह हिंदुओं का मेला है।'

उन्होंने यह भी कहा, 'जो कोई भी गैर-हिंदू है, वह हमारी यात्रा को अपवित्र करने और उसका अनादर करने के लिए यहां आ रहा है।' साथ ही उन्होंने हिंदू श्रद्धालुओं से अपील की कि वे गैर-हिंदुओं से कांवड़ न खरीदें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बिना नेमप्लेट वाली दुकानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय अधिकारियों से अपील

स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने स्थानीय प्रशासन से मांग की कि गैर-हिंदू विक्रेताओं को पवित्र सामान बेचने से रोका जाए। उनका दावा है कि गैर-हिंदू व्यापारी हिंदू तीर्थयात्रा की पवित्रता को भंग करना चाहते हैं। गौरतलब है कि इस प्रकार की मांगें पिछले कुछ वर्षों में कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा उठाई जाती रही हैं, जो सामाजिक तनाव का विषय बनती हैं।

कांवड़ यात्रा 2026 का विवरण

इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई 2026 को पवित्र सावन माह के पहले दिन से आरंभ होगी और 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि पर जल अभिषेक के साथ संपन्न होगी। देशभर से लाखों शिवभक्त हरिद्वार पहुंचते हैं और गंगा नदी का पवित्र जल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में अभिषेक करते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था

उत्तराखंड पुलिस ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए लगभग 6,000 कर्मियों को तैनात किया है। प्रशासन ने मुख्य कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी नेटवर्क और वॉच टावर सहित कड़ी निगरानी व्यवस्था की है। तय कांवड़ मार्गों पर मांस और शराब की दुकानों पर सख्त पाबंदी लागू की गई है।

व्यापक परिप्रेक्ष्य

यह ऐसे समय में आया है जब कांवड़ यात्रा मार्गों पर दुकानदारों की धार्मिक पहचान को लेकर विवाद राष्ट्रीय स्तर पर बहस का विषय बन चुका है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार की चेतावनियां सांप्रदायिक सौहार्द के लिए चिंताजनक हैं, जबकि संगठन के समर्थक इसे धार्मिक परंपरा की रक्षा का प्रयास बताते हैं। प्रशासन की भूमिका और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काली सेना प्रमुख ने हरिद्वार में क्या चेतावनी दी है?
काली सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा है कि कांवड़ मेला क्षेत्र में कोई गैर-हिंदू दुकान मिलने पर उसे जबरदस्ती हटाया जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बिना नेमप्लेट वाली दुकानों को भी इस कार्रवाई के दायरे में बताया।
कांवड़ यात्रा 2026 कब शुरू होगी और कब समाप्त होगी?
कांवड़ यात्रा 2026 पवित्र सावन माह के पहले दिन 30 जुलाई को शुरू होगी और 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि पर जल अभिषेक के साथ समाप्त होगी। इस दौरान देशभर से शिवभक्त हरिद्वार आकर गंगा जल लेकर जाते हैं।
हरिद्वार कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?
उत्तराखंड पुलिस ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए लगभग 6,000 कर्मियों को तैनात किया है। मुख्य कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी नेटवर्क और वॉच टावर लगाए गए हैं, और तय मार्गों पर मांस व शराब की दुकानों पर सख्त पाबंदी है।
काली सेना ने स्थानीय प्रशासन से क्या मांग की है?
स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने स्थानीय अधिकारियों से अपील की है कि गैर-हिंदू विक्रेताओं को कांवड़ यात्रा मार्ग पर पवित्र सामान बेचने से रोका जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू श्रद्धालुओं को गैर-हिंदुओं से कांवड़ नहीं खरीदनी चाहिए।
क्या इस प्रकार की मांगें पहले भी उठाई गई हैं?
हां, पिछले कुछ वर्षों में कांवड़ यात्रा मार्गों पर दुकानदारों की धार्मिक पहचान को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा इसी तरह की मांगें उठाई जाती रही हैं। यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक और कानूनी बहस का विषय बन चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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