कांवड़ यात्रा 2025: स्वामी रामदेव ने कांवड़ियों से माँगा नशामुक्ति का संकल्प, बताया सच्ची शिवभक्ति का अर्थ
सारांश
मुख्य बातें
योগগुरु स्वामी रामदेव ने 29 जुलाई 2025 को हरिद्वार में श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के अवसर पर शिवभक्तों से अनुशासन, स्वच्छता और सात्विक आचरण अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा महज एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भगवान शिव के जीवन-आदर्शों को आत्मसात करने का सुअवसर है।
नशा और उपद्रव शिवभक्ति नहीं — स्वामी रामदेव
स्वामी रामदेव ने कहा कि श्रावण मास देवाधिदेव महादेव की उपासना का पवित्रतम काल है। उनके अनुसार गंगा स्वयं शिव का प्रवाहमान स्वरूप है और गंगाजल से अभिषेक कर श्रद्धालु उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं। उन्होंने कहा, भांग, गांजा या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन शिवभक्ति नहीं, बल्कि भगवान शिव का अनादर है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिस प्रकार भगवान कृष्ण के नाम पर दुराचार और भगवान राम के नाम पर छल-कपट धर्म की मूल भावना के विरुद्ध है, उसी प्रकार शिव के नाम पर यात्रा के दौरान हुड़दंग मचाना पूरे सनातन समाज की छवि को नुकसान पहुँचाता है।
राम, कृष्ण और शिव के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान
स्वामी रामदेव ने कहा कि भगवान राम सत्य, मर्यादा और धर्म के प्रतीक हैं — उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने पर ही रामराज्य की कल्पना साकार होगी। उन्होंने आगे कहा कि कृष्णत्व और शिवत्व को जीवन में धारण करने से ही सनातन संस्कृति की वास्तविक प्रतिष्ठा संभव है। उनका संदेश था कि श्रद्धालु अपनी यात्रा को भक्ति, सेवा और अनुशासन का माध्यम बनाएँ।
नशे की आदत छोड़ने का संकल्प लें — कांवड़ियों से अपील
स्वामी रामदेव ने विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं से अपील की जो किसी प्रकार के नशे की आदत से ग्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा का यह पावन अवसर ही सर्वोत्तम समय है जब वे जीवनभर नशामुक्त रहने का संकल्प लें। महादेव के आदियोगी स्वरूप के योग और संयम को अपने जीवन में उतारना ही सच्ची शिवभक्ति है।
पतंजलि का निशुल्क भंडारा
पतंजलि की ओर से कांवड़ियों के लिए देशी गाय के घी से बनी जलेबी, लड्डू और बूंदी का निशुल्क भंडारा आयोजित किया गया है। स्वामी रामदेव ने सभी श्रद्धालुओं से इस प्रसाद को ग्रहण करने और पूरी श्रद्धा के साथ यात्रा संपन्न करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री के प्रति आभार
स्वामी रामदेव ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा और शिवभक्ति को वर्तमान समय में जो सम्मान मिला है, वह पहले कभी नहीं मिला था। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी कांवड़िये स्वच्छता, अनुशासन और सनातन संस्कृति के शाश्वत मूल्यों का पालन करते हुए इस यात्रा की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखेंगे।