जुबीन गर्ग का राजनीतिकरण जनभावनाओं के खिलाफ: असम CM हिमंता बिस्वा सरमा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 20 मई 2026 को गुवाहाटी स्थित स्मारक स्थल 'जुबीन क्षेत्र' पर पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि दिवंगत गायक जुबीन गर्ग की विरासत को राजनीतिक रंग देने की कोशिशों ने आम जनता की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई है। उन्होंने कहा कि लोग चाहते हैं कि यह महान कलाकार हर तरह के राजनीतिक जुड़ावों से परे रहें।
स्मारक स्थल और व्यक्तिगत जुड़ाव
सरमा ने बताया कि 'जुबीन क्षेत्र' का चयन अत्यंत सोच-समझकर किया गया था और गायक की अंतिम यात्रा की व्यवस्था के दौरान उन्होंने स्वयं कई बार उस स्थान का दौरा किया। उन्होंने कहा, "इस जगह को बहुत सोच-समझकर चुना गया था और उस दौरान मैं यहाँ कई बार आया था। हम यहाँ जुबीन गर्ग के अंतिम संस्कार और अंतिम यात्रा की व्यवस्था करने आए थे।"
उन्होंने खेद व्यक्त किया कि बाद में कुछ राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों ने इस स्थान को विवादों का केंद्र बना दिया, जिससे एक समय वहाँ जाना भी असहज हो गया।
राजनीति ने कला को पीछे धकेला
मुख्यमंत्री के अनुसार, स्मारक स्थल पर होने वाली चर्चाएँ धीरे-धीरे गायक के जीवन और सांस्कृतिक योगदान से हटकर राजनीतिक बहसों की ओर मुड़ गईं। सरमा ने कहा, "एक समय ऐसा आया जब चर्चाओं में जुबीन गर्ग से ज्यादा राजनीति हावी होने लगी। मुझे पता था कि चुनावों के बाद राजनीति धीरे-धीरे कम हो जाएगी और गर्ग की असली पहचान, उनकी कला, उनका व्यक्तित्व और उनका योगदान, स्वाभाविक रूप से फिर से सामने आ जाएगा।"
यह ऐसे समय में आया है जब असम में हाल के चुनावों के बाद सांस्कृतिक हस्तियों के राजनीतिकरण को लेकर बहस तेज हो गई है।
विपक्ष पर आरोप
सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मतदान केंद्रों और पार्टी कार्यालयों में जुबीन गर्ग की तस्वीरों का इस्तेमाल किया, जिसे जनता ने पसंद नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने बाद में खुद को गायक से जोड़ने की कोशिश की, वे उनके जीवित रहते उनकी आलोचना करते थे। उनके शब्दों में, "जो लोग यहाँ आए और राजनीति की, उन्होंने अक्सर जुबीन गर्ग की आलोचना की थी, जब वे जीवित थे। उनकी दोस्ती का मकसद कुछ और ही था।"
गौरतलब है कि सरमा के ये बयान एकतरफा राजनीतिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं और विपक्ष की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भारतीय जनता पार्टी का रुख
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुरू से ही स्पष्ट रुख अपनाया था कि वह जुबीन गर्ग के नाम पर राजनीति नहीं करेगी। उन्होंने कहा, "लोग चाहते हैं कि कलाकार राजनीति से दूर रहें। बीजेपी ने साफ रुख अपनाया था कि हम जुबीन गर्ग के नाम पर राजनीति नहीं करेंगे और समय ने साबित कर दिया है कि यह फैसला सही था।"
आगे की राह
सरमा ने संतोष व्यक्त किया कि अब लोग राजनीतिक बहसों के बजाय गायक की यादों, संगीत और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने पर ध्यान दे रहे हैं। उनके अनुसार, जुबीन गर्ग उनके लिए हमेशा खास रहे हैं और भविष्य में भी रहेंगे। यह देखना होगा कि 'जुबीन क्षेत्र' आने वाले समय में असम की सांस्कृतिक स्मृति का केंद्र बन पाता है या राजनीतिक विवादों की छाया उस पर बनी रहती है।