23 जुलाई 2026
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हूती समूह का ईरान के इजरायल हमले को समर्थन, 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

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हूती समूह का ईरान के इजरायल हमले को समर्थन, 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

सारांश

ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं, इजरायल ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया — और अब हूती समूह ने खुलकर ईरान का साथ देते हुए 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' की एकजुटता का ऐलान किया है। मध्य पूर्व में यह बहुमोर्चीय टकराव एक नए और खतरनाक मोड़ पर है।

मुख्य बातें

हूती समूह ने 8 जून 2026 को ईरान के इजरायल-विरोधी सैन्य अभियान का समर्थन किया और 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' की एकजुटता का ऐलान किया।
ईरान ने रविवार शाम इजरायल की दिशा में कई चरणों में मिसाइलें दागीं; IDF ने दावा किया कि सभी मिसाइलें रोक ली गईं।
IRGC ने पुष्टि की कि उसने रमत डेविड एयरबेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया।
इजरायल ने सोमवार तड़के पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर जवाबी हवाई हमले किए।
पश्चिमी तेहरान में 4:43 बजे और 4:45 बजे दो विस्फोट सुने गए; शहरी क्षेत्र में नुकसान की पुष्टि नहीं।
अब तक किसी के घायल होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

यमन के हूती समूह ने 8 जून 2026 को घोषणा की कि वह ईरान द्वारा इजरायल के खिलाफ किए गए सैन्य अभियान का पूर्ण समर्थन करता है। समूह ने कहा कि 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' के सभी घटक किसी भी नई स्थिति से निपटने के लिए निरंतर समन्वय में हैं। यह बयान ऐसे समय में आया जब ईरान-इजरायल तनाव एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है।

हूती समूह का बयान और 'एकजुट मोर्चों का सिद्धांत'

हूती समूह के अल-मसीरा टीवी द्वारा रविवार शाम (स्थानीय समय) जारी बयान में कहा गया कि ईरान का यह सैन्य अभियान बेरूत के दक्षिणी इलाके में इजरायली हवाई हमलों के प्रत्युत्तर में किया गया। समूह के अनुसार यह कदम 'एकजुट मोर्चों के सिद्धांत' को और सुदृढ़ करता है तथा इजरायल की 'मनमानी' को सीधी चुनौती देता है।

समूह ने स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र में बदलते हालात पर लगातार नज़र रखे हुए है और तदनुसार कदम उठाने के लिए तैयार है। उसने इजरायल को आगाह किया कि किसी भी प्रकार की स्थिति बिगाड़ने पर उचित जवाब दिया जाएगा।

ईरान की मिसाइल बौछार और इजरायल की प्रतिक्रिया

रविवार शाम ईरान ने इजरायल की दिशा में कई चरणों में मिसाइलें दागीं, जिसके बाद उत्तरी इजरायल के व्यापक क्षेत्रों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने दावा किया कि उसने इन मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया। अब तक किसी के घायल होने या संपत्ति को नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

IDF के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल ज़ामिर ने कहा कि सेना 'जैसे ही आदेश मिलेगा, दुश्मन पर पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई करेगी।' इसी क्रम में इजरायल ने सोमवार तड़के पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए।

आईआरजीसी का दावा और तेहरान में धमाके

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पुष्टि की कि उसने इजरायल के रमत डेविड एयरबेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। IRGC के अनुसार यह हमला लेबनान में इजरायल द्वारा 'बड़े पैमाने पर किए गए अपराधों' का प्रत्युत्तर था।

इजरायली जवाबी हमलों के बाद पश्चिमी तेहरान के निवासियों ने सोमवार तड़के 4:43 बजे और 4:45 बजे दो विस्फोटों की आवाज़ें सुनीं। तेहरान अग्निशमन विभाग के हवाले से बताया गया कि शहर के किसी भी शहरी क्षेत्र में विस्फोट की पुष्टि नहीं हुई।

क्षेत्रीय स्थिरता पर असर

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब मध्य पूर्व पहले से ही गाज़ा संघर्ष और लेबनान में बढ़ती झड़पों के कारण अस्थिरता के दौर से गुज़र रहा है। 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' — जिसमें हूती, हिज़बुल्लाह और अन्य ईरान-समर्थित गुट शामिल हैं — का एकजुट रुख इस संघर्ष को बहुमोर्चीय रूप दे सकता है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह तनाव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील होता है या कूटनीतिक प्रयासों से इसे नियंत्रित किया जा सकेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो गाज़ा संघर्ष के बाद से लगातार परिपक्व होती रही है। असली सवाल यह है कि क्या यह समन्वित सैन्य ढाँचा अब केवल बयानबाज़ी से आगे बढ़कर सक्रिय हस्तक्षेप की ओर जा रहा है। इजरायल और ईरान के बीच सीधी मिसाइल-और-जवाब की यह कड़ी पहले से कहीं ज़्यादा खतरनाक है, क्योंकि इसमें अब यमन से लेकर लेबनान तक के गुट शामिल हो चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की चुप्पी इस आग को और हवा दे रही है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हूती समूह ने ईरान के हमले का समर्थन क्यों किया?
हूती समूह 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' का हिस्सा है, जो ईरान-समर्थित गुटों का एक गठबंधन है। समूह ने कहा कि ईरान का यह हमला बेरूत के दक्षिणी इलाके में इजरायली हवाई हमलों का उचित जवाब था और 'एकजुट मोर्चों के सिद्धांत' को मज़बूत करता है।
ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमला क्यों किया?
IRGC के अनुसार यह हमला लेबनान में इजरायल द्वारा 'बड़े पैमाने पर किए गए अपराधों' का प्रत्युत्तर था, विशेष रूप से बेरूत के दक्षिणी इलाके में इजरायली हवाई हमलों के जवाब में। IRGC ने इजरायल के रमत डेविड एयरबेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की पुष्टि की।
क्या इजरायल को ईरान की मिसाइलों से नुकसान हुआ?
IDF ने दावा किया कि उसने सभी मिसाइलें रोक लीं। अब तक किसी के घायल होने या संपत्ति को नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है, हालाँकि उत्तरी इजरायल के बड़े हिस्सों में हवाई हमले के सायरन बजे।
इजरायल ने ईरान पर जवाबी हमला कब और कहाँ किया?
इजरायल ने सोमवार तड़के पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। पश्चिमी तेहरान के निवासियों ने 4:43 बजे और 4:45 बजे दो विस्फोटों की आवाज़ें सुनीं, हालाँकि किसी शहरी क्षेत्र में नुकसान की पुष्टि नहीं हुई।
'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' क्या है और इसमें कौन शामिल है?
'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' ईरान-समर्थित सशस्त्र गुटों का एक अनौपचारिक गठबंधन है, जिसमें यमन के हूती, लेबनान का हिज़बुल्लाह और अन्य क्षेत्रीय संगठन शामिल हैं। यह गठबंधन इजरायल और अमेरिका के विरुद्ध समन्वित रणनीति अपनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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