13 अगस्त 2026
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राहुल गांधी का मोदी पर हमला: 'गले लगाना विदेश नीति नहीं, चीन ने अरुणाचल में रोकी भारतीय गश्त'

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राहुल गांधी का मोदी पर हमला: 'गले लगाना विदेश नीति नहीं, चीन ने अरुणाचल में रोकी भारतीय गश्त'

सारांश

कांग्रेस के पूर्ण अधिवेशन में राहुल गांधी ने PM मोदी की विदेश नीति को 'गले लगाने की कूटनीति' करार दिया। चीन द्वारा अरुणाचल में गश्त रोकने, गलवान पर भ्रामक बयान और मीडिया दबाव के गंभीर आरोपों के साथ यह भाषण स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाला साबित हुआ।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 13 अगस्त को नई दिल्ली में कांग्रेस के पूर्ण अधिवेशन में PM मोदी की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय गश्त पर रोक लगाई और सरकार ने मीडिया को यह खबर न चलाने के लिए कहा।
गलवान संघर्ष पर दावा किया कि PM मोदी के 'एक इंच जमीन नहीं गई' के बयान ने चीन को वार्ता में लाभ दिया।
ईरान संघर्ष में मध्यस्थता का अवसर चूकने का आरोप लगाया; कहा कि पाकिस्तान ने वह भूमिका निभाई।
दावा किया कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय के भीतर से भी जानकारियाँ मिलती हैं — स्वतंत्र पुष्टि नहीं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 13 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के पूर्ण अधिवेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कूटनीति को विदेशी नेताओं को 'गले लगाने' तक सीमित नहीं किया जा सकता। उनका स्पष्ट मत था कि भारत की विदेश नीति व्यक्तिगत संबंधों पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित पर आधारित होनी चाहिए।

मध्यस्थता का चूका अवसर

राहुल गांधी ने ईरान से जुड़े क्षेत्रीय संघर्ष का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यदि भारतीय नेतृत्व ने समय रहते पहल की होती, तो भारत एक प्रभावशाली मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय पाकिस्तान ने यह अवसर भुनाया और प्रधानमंत्री मोदी इस घटनाक्रम से अचंभित रह गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय के भीतर से भी जानकारियाँ प्राप्त होती रहती हैं — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

चीन और अरुणाचल प्रदेश पर गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय गश्त पर प्रतिबंध लगा दिया है और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह तथा स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का 'कठोर रुख' पूरी तरह निष्प्रभावी साबित हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अखबारों और मीडिया संस्थानों को इस खबर को न छापने या प्रसारित न करने के लिए कहा — यह एक गंभीर आरोप है जिसकी सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

गलवान विवाद: प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल

गलवान संघर्ष का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि चीन ने भारत की एक इंच भूमि नहीं ली, जबकि सेना का कहना था कि ज़मीन पर कब्जा हुआ है। उन्होंने कहा, "इससे चीन को क्या संदेश गया? बातचीत के दौरान चीनी पक्ष ने कहा कि हम गलत हैं, क्योंकि हमारे अपने प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोई जमीन नहीं गई। इन लोगों ने हमारी विदेश नीति को बर्बाद कर दिया और देश को अंदर से कमजोर कर दिया।"

लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर टिप्पणी

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल को न तो भारत की सांस्कृतिक परंपराओं की गहरी समझ है और न ही उनके प्रति वास्तविक सम्मान। उनका कहना था कि सरकार तीन हजार साल पुरानी विरासत का उल्लेख तो करती है, लेकिन आधुनिक भारत की ज़मीनी वास्तविकताओं से कट गई है। उन्होंने कहा, "इस भारत को तभी समझा जा सकता है, जब लोगों को बोलने दिया जाए, लेकिन वे ऐसा करने से इनकार करते हैं।"

प्रेस कॉन्फ्रेंस और संसद से जुड़े दावे

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने की परंपरा पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगता था कि इसके पीछे कोई सुविचारित रणनीति होगी, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि मुद्दे महज पाँच मिनट की बातचीत से सुलझाए जा सकते हैं। उन्होंने संसद परिसर में एक कथित घटनाक्रम का भी उल्लेख किया, जहाँ उन्होंने दावा किया कि एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता को दूसरे से यह कहते सुना: "वह किसी सांचे में फिट नहीं बैठता, जबकि हम बैठते हैं।" राहुल गांधी ने अधिवेशन का समापन इस विश्वास के साथ किया कि सत्तारूढ़ दल कांग्रेस की संगठनात्मक ताकत से भली-भाँति परिचित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उन्होंने कोई दस्तावेज़ी प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया, जो इन दावों की विश्वसनीयता को कमज़ोर करता है। गलवान पर उनका तर्क — कि PM के बयान ने चीन को वार्ता में बढ़त दी — रणनीतिक रूप से ठोस है और इस पर गहरी बहस होनी चाहिए। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि विपक्ष वर्षों से इन्हीं मुद्दों को उठाता रहा है, बिना किसी ठोस वैकल्पिक नीति-प्रस्ताव के — जो आलोचना को प्रभावशाली तो बनाता है, पर अधूरा छोड़ता है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने मोदी की विदेश नीति पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने कहा कि PM मोदी की कूटनीति विदेशी नेताओं को 'गले लगाने' तक सिमट गई है और यह राष्ट्रीय हित की कसौटी पर खरी नहीं उतरती। उन्होंने ईरान संघर्ष में मध्यस्थता का अवसर चूकने और गलवान पर भ्रामक बयान देने के आरोप भी लगाए।
चीन और अरुणाचल प्रदेश पर राहुल गांधी का क्या दावा है?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय गश्त पर रोक लगा दी है और केंद्र सरकार ने इस खबर को दबाने के लिए मीडिया संस्थानों पर दबाव डाला। इस दावे की सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल नहीं आई।
गलवान संघर्ष पर राहुल गांधी और PM मोदी के बयानों में क्या विरोधाभास है?
राहुल गांधी के अनुसार PM मोदी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि चीन ने भारत की एक इंच जमीन नहीं ली, जबकि सेना का कहना था कि ज़मीन पर कब्जा हुआ। राहुल गांधी का तर्क है कि इस बयान ने चीन को द्विपक्षीय वार्ता में भारत के विरुद्ध तर्क देने का अवसर दिया।
कांग्रेस का यह पूर्ण अधिवेशन कब और कहाँ हुआ?
यह अधिवेशन 13 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित हुआ। स्वतंत्रता दिवस से ठीक दो दिन पहले आयोजित इस अधिवेशन में राहुल गांधी ने विदेश नीति, चीन और लोकतंत्र पर केंद्रित भाषण दिया।
राहुल गांधी ने PMO से जानकारी मिलने का क्या दावा किया?
राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय के भीतर से भी सूचनाएँ मिलती हैं। यह एक गंभीर दावा है, लेकिन उन्होंने इसके समर्थन में कोई दस्तावेज़ी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
राष्ट्र प्रेस
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