नितेश राणे का राहुल गांधी पर हमला: 'पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं, देशहित के खिलाफ'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने 25 मई 2025 को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। राणे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के बयान पाकिस्तान के रुख से मेल खाते हैं और वे देश की राजनीति में पाकिस्तान-समर्थित एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्य आरोप
राणे ने दावा किया कि राहुल गांधी लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जो पाकिस्तान को 'खुश' करने वाले हैं। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी पाकिस्तान की बातों को यहाँ दोहराते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देते हैं। ऐसा लगता है कि वह पाकिस्तान में बैठे लोगों को संतुष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं।'
राणे ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता के बयान राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की एकता के मुद्दों पर भ्रम पैदा करने वाले हैं, और इससे विपक्ष की राजनीतिक साख पर सवाल उठते हैं।
धार्मिक मुद्दों पर विवादित टिप्पणी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राणे ने धार्मिक विषयों पर भी विवादास्पद बयान दिए। उन्होंने कहा कि जहाँ हिंदुत्व विचारधारा वाली सरकारें सत्ता में हैं, वहाँ सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ पढ़ने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने मस्जिदों और मदरसों को लेकर भी टिप्पणी की, जिस पर राजनीतिक विवाद बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
गो रक्षा और पशु बलि पर कड़ा रुख
राणे ने गो रक्षकों के विरुद्ध कथित घटनाओं पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि गो रक्षकों पर हमले की कोशिश करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार और हिंदुत्व विचारधारा से जुड़े लोग सख्त जवाब देंगे।
पशु बलि के मुद्दे पर राणे ने सरकारी आदेश (जीआर) का हवाला देते हुए कहा, 'अगर कोई हाउसिंग सोसायटी में ऐसी बलि देता है, तो अगली सुबह वह जेल में होगा।' उन्होंने आगे कहा, 'अगर हम हिंदू होने के नाते सबकी भावनाओं का सम्मान करते हैं, अगर हम सूखी होली मनाते हैं, अगर हम दिवाली पर पटाखे नहीं फोड़ते, तो क्या उन्हें लगता है कि यह उनके बाप का पाकिस्तान है? यह हमारा हिंदू राष्ट्र है, यहाँ आप जानवरों की बलि नहीं दे सकते।'
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव चरम पर है और देश में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों ने इससे पहले भी कांग्रेस पर पाकिस्तान के प्रति 'नरम रुख' का आरोप लगाया है।
आगे क्या
राणे के इन बयानों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया आने की संभावना है। धार्मिक टिप्पणियों को लेकर विवाद बढ़ने के आसार हैं और राजनीतिक हलकों में इस पर बहस जारी रहने की उम्मीद है।