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हैदराबाद पुलिस की अपील: यौन उत्पीड़न मामले में पीड़िता की पहचान न उजागर करें

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हैदराबाद पुलिस की अपील: यौन उत्पीड़न मामले में पीड़िता की पहचान न उजागर करें

सारांश

हैदराबाद में मलकाजगिरी पुलिस ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि वे यौन उत्पीड़न के मामले में पीड़िता की पहचान को उजागर न करें। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी को इस दिशा में जिम्मेदारी निभाने की सलाह दी है।

मुख्य बातें

मलकाजगिरी पुलिस ने पहचान उजागर न करने की अपील की है।
भारतीय दंड संहिता की धारा 72 के तहत पहचान उजागर करना अपराध है।
जांच प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से चल रही है।
पीड़िता की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
आरोपी की खोज जारी है।

हैदराबाद, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नरेट ने सभी मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी ऐसी सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण न करें, जिससे हैदराबाद के एक पायलट प्रशिक्षण संस्थान में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली ट्रेनी पायलट की पहचान उजागर हो।

पुलिस उप आयुक्त सी.एच. श्रीधर ने कहा कि उन्हें पीड़िता और उसके परिवार से जानकारी मिली है कि इस मामले में कुछ गलत और भ्रामक सूचना फैल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला अभी जांच के चरण में है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। इस समय किसी भी प्रकार की अटकलें या असत्यापित जानकारी जांच को प्रभावित कर सकती हैं और अनावश्यक समस्याएँ उत्पन्न कर सकती हैं।

पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 72 के तहत, किसी दुष्कर्म पीड़िता की पहचान का सार्वजनिक रूप से खुलासा करना एक गंभीर अपराध है। सुप्रीम कोर्ट ने निपुण सक्सेना बनाम भारत संघ मामले में यह स्पष्ट किया है कि पीड़िता की पहचान को उजागर करने वाले किसी भी विवरण पर रोक है, चाहे वह परिवार, निवास स्थान, शैक्षणिक संस्थान या कार्यस्थल से संबंधित हो।

सी.एच. श्रीधर ने अपील की कि अप्रत्यक्ष रूप से पहचान उजागर करने से बचा जाए। उदाहरणस्वरूप, किसी प्रशिक्षण संस्थान, क्षेत्र या परिवार का विवरण देना भी पीड़िता की पहचान का खुलासा कर सकता है। उन्होंने मीडिया और जनता से अनुरोध किया कि वे ऐसी कोई भी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित न करें, जिससे पीड़िता, उसके परिवार या उसके काम या पढ़ाई से जुड़ी कोई जानकारी सामने आ सके।

पुलिस ने जोर देते हुए कहा कि इस समय सबसे महत्वपूर्ण है कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से आगे बढ़े और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। बेगमपेट पुलिस ने एक एविएशन अकादमी के पूर्व फ्लाइट प्रशिक्षक के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई तब की गई जब एक महिला ट्रेनी पायलट ने उन पर गंभीर आरोप लगाए।

पीड़िता की शिकायत के अनुसार, आरोपी ने उसे कोर्स में अच्छे अंक दिलाने का झांसा देकर फंसाया और इसके बदले में उससे यौन संबंध बनाने की मांग की। पीड़िता ने बताया कि यह घटना पिछले वर्ष हुई थी।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू की और संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म, जैसे कि सोशल मीडिया और वीडियो साझा करने वाली वेबसाइटों पर अपलोड या साझा की गई किसी भी सामग्री को हटाने के लिए लोगों को चेतावनी दी है, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो सकती है।

बताया जा रहा है कि आरोपी वर्तमान में अपने गृह राज्य केरल में है और पुलिस उसकी तलाश में सक्रिय है। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में जांच पूरी निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है और पीड़िता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट होता है कि पीड़िता की सुरक्षा और जांच की पारदर्शिता दोनों अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मीडिया और आम जनता को इस दिशा में जिम्मेदार व्यवहार करना चाहिए।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर करने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने सभी मीडिया हाउस और जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण न करें, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो।
क्या पहचान उजागर करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
जी हाँ, भारतीय दंड संहिता की धारा 72 के तहत, पीड़िता की पहचान उजागर करना एक अपराध है।
इस मामले की जांच कब तक चलेगी?
जांच प्रक्रिया अभी चल रही है और पुलिस ने इसके निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने का आश्वासन दिया है।
आरोपी की तलाश किस स्थिति में है?
आरोपी वर्तमान में केरल में है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
क्या मीडिया को पीड़िता के बारे में जानकारी साझा करने से बचना चाहिए?
हाँ, मीडिया को पीड़िता की पहचान और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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