पीएम मोदी का तर्कपूर्ण हमला: 'बंगाल में सबका साथ, सबका विकास और लूट का जवाब होगा'
सारांश
Key Takeaways
- प्रधान मंत्री ने टीएमसी सरकार पर तीखा हमला किया।
- घुसपैठियों के खिलाफ विशेष जांच का आश्वासन दिया।
- बंगाल में रोजगार की स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
- महिलाओं की सुरक्षा के लिए योजनाओं का आश्वासन दिया।
- केंद्र सरकार की नई योजनाओं का लाभ बंगाल को पहुँचाने का वादा किया।
बीरभूम, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल के बीरभूम में एक जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने जनसभा में बीरभूम की भूमि को ऐतिहासिक, क्रांतिकारी और प्रेरणा से भरा बताया।
उन्होंने कहा, "गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर ऐसा समाज देखना चाहते थे, जहाँ हर कोई भयमुक्त हो। टीएमसी के महाजंगलराज ने इसके विपरीत स्थिति पैदा कर दी है। ये 'माँ, माटी और मानुष' की बात करते थे, लेकिन आज माँ रो रही है। माटी पर घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है और मानुष भयभीत है। टीएमसी का महाजंगलराज बीरभूम जैसे क्षेत्रों का साक्षी है। बोगतुई में हुई घटना केवल एक घटना नहीं, बल्कि मानवता के माथे पर कलंक थी। निर्दोष महिलाओं और बच्चों को जिंदा जलाना क्या है? यह टीएमसी के गुंडाराज का खतरनाक सबूत है। माटी आपकी है, लेकिन इस पर कब्जे के लिए गैंगवार चल रही है। बालू, पत्थर और कोयला की जो लूट चल रही है, यह टीएमसी के बड़े नेताओं और उनके आलाकमान के आशीर्वाद से हो रहा है। बंगाल की माटी पर घुसपैठियों का कब्जा बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुँच चुका है।
प्रधानमंत्री ने घुसपैठ का जिक्र करते हुए कहा, "टीएमसी का सिंडिकेट घुसपैठियों को फर्जी सरकारी दस्तावेज मुहैया करा रहा है। पड़ोस से घुसपैठिए अंदर घुसते हैं। पंचायत और सरकारी दफ्तरों में डरा-धमकाकर गलत काम कराए जा रहे हैं। फर्जी दस्तावेज बनाने का यह काला खेल बंगाल और देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। जब भाजपा की सरकार बनेगी, घुसपैठियों के मददगारों के खिलाफ विशेष जांच बैठाई जाएगी। घुसपैठियों के हर मददगार को, चाहे वह कितना भी ताकतवर क्यों न हो, उनकी पहचान की जाएगी। हम घुसपैठियों को खदेड़ेंगे और उनके आका को जेल में डालेंगे। सरकारी योजनाओं और मजदूरी में घुसपैठिए कम पैसे में काम छीन लेते हैं। यहाँ के लोगों को काम की तलाश में पलायन करना पड़ता है। अब यह नहीं चलेगा। रामपुरहाट की स्थिति आप सब देख रहे हैं। मालदा में हाल में जो हुआ, वह पूरे देश ने देखा, जहाँ अधिकारियों को बंधक बना लिया गया। बंगाल के लोगों को इस भय से मुक्ति दिलाना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति का सम्मान न करने का आरोप लगाया, "हमारे एससी-एसटी और ओबीसी समाज की बेटियों के लिए जीना मुश्किल हो गया है। जो टीएमसी देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान कर सकती है, उसकी मानसिकता क्या होगी? राष्ट्रपति मुर्मु संथाल समाज के एक बड़े कार्यक्रम में आई थीं। संविधान के तहत राष्ट्रपति को उचित सम्मान देना आपका दायित्व है। लेकिन यह अहंकारी टीएमसी सरकार राष्ट्रपति को कुछ नहीं समझती।"
उन्होंने कहा, "पिछले साल की घटना आप सभी को याद होगी। बीरभूम में एक आदिवासी बिटिया के साथ जो हुआ, वह बहुत परेशान करने वाला है। जो कोई अपनी बेटी को खोता है, उसकी भरपाई कोई योजना नहीं कर सकती। यही आरजीकर मेडिकल कॉलेज में हुआ था, जहाँ एक डॉक्टर बिटिया को हमसे छीन लिया गया। मैं सभी माताओं-बहनों से कहता हूँ कि यह चुनाव हमारी बेटियों की सुरक्षा के लिए है। भाजपा हर महीने बहनों को मदद देने की बात करती है, और योजनाओं का लाभ बिना किसी कमी के पहुँचाती है। यह मोदी की गारंटी है।
पीएम मोदी ने कहा, "टीएमसी की निर्मम सरकार की विदाई, बंगाल की युवा शक्ति तय कर रही है। पिछले वर्षों में यहाँ के नौजवानों को आंसू बहाने पड़े हैं। 23 और 29 अप्रैल को इसका जवाब मिलेगा। मैं बीरभूम के साथियों को भयरहित बंगाल का विश्वास दिलाने आया हूँ।" उन्होंने आगे कहा, "हमारा बंगाल दुर्भाग्य से पलायन कर रहा है। केंद्र सरकार लाखों नौजवानों को सरकारी नौकरियों के अपॉइंटमेंट दे रही है। पिछले 2 वर्षों में 17 लाख से अधिक नौकरियाँ दी गई हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में ये सब नहीं हो रहा। टीएमसी की सरकार ने नौकरी की लूट का खेल चलाया है।"
उन्होंने कहा, "भारत आज रक्षा निर्माण में नए रिकॉर्ड बना रहा है। वहीं, बीरभूम में टीएमसी से जुड़े लोगों के घरों से कच्चे बम के भंडार मिलते हैं। टीएमसी ने कच्चे बम के निर्माण को कुटीर उद्योग बना दिया है। यह अब नहीं चलेगा। बंगाल को कुदरत ने बहुत कुछ दिया है, लेकिन टीएमसी का सिंडिकेट इसे लूट रहा है। अब चार मईटीएमसी जाएगी। भाजपा सरकार कनेक्टिविटी का नया अध्याय शुरू करेगी, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने कहा, "भारत सरकार 75,000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट लाने जा रही है, लेकिन टीएमसी ने इसे रोक रखा है। अब प्रोजेक्ट पर तेजी से काम होगा। टीएमसी ने मनरेगा के नाम पर भी गरीबों को ठगा है। केंद्र सरकार जी-रामजी कानून लेकर आई है। लोग हमारी सरकार बनाएं, हम कानून लागू करेंगे। गाँव में 125 दिन का रोजगार मिलेगा। टीएमसी आलू की खेती को तबाह कर रही है। केंद्र सरकार ने छोटे किसानों के लिए एफपीओ की योजना बनाई है। बंगाल में सरकार बनते ही किसानों के नए एफपीओ बनाए जाएंगे। टीएमसी सरकार ने जिन योजनाओं में पीएम शब्द जुड़ा है, उनका लाभ बंगाल के लोगों को नहीं मिल रहा है। सभी ने 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा सुना है, लेकिन पश्चिम बंगाल के लिए हमें और काम करना है। इसलिए हमारी सरकार आते ही 'सबका साथ, सबका विकास और जिन्होंने बंगाल को लूटा है, उनका हिसाब' होगा।