शाहनवाज हुसैन का वार: इंडिया ब्लॉक की रैली 'टांय-टांय फिस्स', विपक्ष पर संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के वरिष्ठ प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली, जामिया मिलिया इस्लामिया में जारी छात्र प्रदर्शन और अनंत सिंह को जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) से निकाले जाने पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। हुसैन ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि इंडिया ब्लॉक का मुद्दा अब 'टांय-टांय फिस्स' हो गया है।
इंडिया ब्लॉक की रैली पर भाजपा का हमला
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर देश के लोगों को गुमराह करने में लगा है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने की आदत बन गई है — पहले चुनाव आयोग (ECI), फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), फिर SIR और अब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को निशाना बनाया जा रहा है। हुसैन ने सर्वोच्च न्यायालय के खिलाफ मार्च निकालने की योजना को लेकर भी विपक्ष की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र का अर्थ केवल वोट देना नहीं है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना भी है।' भाजपा प्रवक्ता ने इंडिया ब्लॉक के 10 लाख लोगों को जुटाने के दावे को खोखला बताया और कहा कि दिल्ली में विपक्ष के पास एक भी विधायक नहीं है, इसलिए वह दूसरे राज्यों से भीड़ लाने की कोशिश करता है।
त्योहारी सीजन में रैली पर आपत्ति
हुसैन ने यह भी कहा कि त्योहारों के मौसम में देशभर से लोग खरीदारी के लिए दिल्ली आते हैं और ऐसे समय में इस रैली से व्यापारियों तथा आम नागरिकों को परेशानी हो सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में दीपावली से पहले बाज़ारों में भारी भीड़ रहती है और यातायात पहले से ही प्रभावित होता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताते हुए दावा किया कि देश में लोकतंत्र मज़बूत बना रहेगा और मोदी अगले चुनाव में भी भारी बहुमत से जीत हासिल करेंगे। राहुल गांधी उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटाने में कभी सफल नहीं होंगे — यह भी उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा।
जामिया छात्र प्रदर्शन पर भाजपा का रुख
जामिया मिलिया इस्लामिया में जारी छात्र प्रदर्शन पर हुसैन ने कहा कि संबंधित आदेश जारी हो चुका है, इसलिए अब विरोध जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। उनके अनुसार, छात्रों की मांगों को ध्यान में रखते हुए पहले ही समझौता हो चुका था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें छात्रों को उकसाने का काम कर रही हैं और छात्रों को राजनीतिक प्रभाव में आने के बजाय मामले को समझकर प्रदर्शन समाप्त करना चाहिए।
जेडीयू और अनंत सिंह विवाद
अनंत सिंह को जनता दल (यूनाइटेड) से निकाले जाने पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर शाहनवाज हुसैन ने इसे जेडीयू का 'आंतरिक मामला' बताया। उन्होंने कहा कि जेडीयू ने अपना निर्णय स्वयं लिया है और तेजस्वी यादव को इस पर चुटकी लेने की ज़रूरत नहीं है। हुसैन ने स्पष्ट किया कि पार्टी के आंतरिक निर्णयों का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्हें अनावश्यक राजनीतिक टिप्पणी का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
आगे का राजनीतिक परिदृश्य
गौरतलब है कि 1 नवंबर की यह रैली ऐसे समय में प्रस्तावित है जब इंडिया ब्लॉक के घटक दलों के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठते रहे हैं। भाजपा का यह तीखा हमला आगामी चुनावी गणनाओं को देखते हुए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। विपक्ष इस रैली के ज़रिए अपनी एकता और ज़मीनी ताकत का प्रदर्शन करना चाहता है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे 'खोखला' साबित करने में जुटा है।