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भारत की मदद से नेपाल के झापा में स्कूल भवन निर्माण शुरू, 58 मिलियन NPR की सहायता

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भारत की मदद से नेपाल के झापा में स्कूल भवन निर्माण शुरू, 58 मिलियन NPR की सहायता

सारांश

भारत सरकार की 58 मिलियन NPR की अनुदान सहायता से नेपाल के झापा जिले में श्री जनता माध्यमिक विद्यालय का नया भवन बनेगा। HICDP के तहत यह परियोजना भारत-नेपाल विकास साझेदारी का ताजा उदाहरण है, जो शिक्षा क्षेत्र में जमीनी बदलाव लाएगी।

मुख्य बातें

भारत सरकार ने नेपाल के झापा जिले में श्री जनता माध्यमिक विद्यालय के नए भवन निर्माण के लिए 58 मिलियन NPR की अनुदान सहायता दी है।
आधारशिला 23 अप्रैल को कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री हिकमत कुमार कार्की और भारतीय दूतावास की काउंसलर गीतांजलि ब्रैंडन ने संयुक्त रूप से रखी।
यह परियोजना HICDP (उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना) के तहत गौरादहा नगरपालिका के माध्यम से क्रियान्वित होगी।
HICDP की शुरुआत 2003 में हुई थी और यह भारत-नेपाल विकास साझेदारी का प्रमुख स्तंभ है।
जनवरी 2024 में नए समझौते के तहत प्रति परियोजना सहायता सीमा 5 मिलियन NPR से बढ़ाकर 20 मिलियन NPR की गई।
यह परियोजना भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति और नेपाल में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

काठमांडू, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत-नेपाल विकास साझेदारी के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पूर्वी नेपाल के झापा जिले की गौरादहा नगरपालिका में भारत सरकार की लगभग 58 मिलियन नेपाली रुपये की अनुदान सहायता से श्री जनता माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। यह परियोजना भारत की उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना (HICDP) के अंतर्गत क्रियान्वित की जाएगी, जो दशकों से नेपाल में जमीनी स्तर पर विकास का आधार बनी हुई है।

आधारशिला समारोह: किसने रखी नींव?

गुरुवार, 23 अप्रैल को आयोजित आधारशिला समारोह में कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री हिकमत कुमार कार्की, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास की काउंसलर गीतांजलि ब्रैंडन और गौरादहा नगरपालिका के महापौर छत्रपति सुबेदी ने संयुक्त रूप से स्कूल भवन की नींव रखी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्की समेत तमाम हितधारकों ने नेपाल के विकास में भारत के निरंतर योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नई अवसंरचना से गौरादहा नगरपालिका के छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए शैक्षणिक माहौल में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

HICDP: भारत-नेपाल विकास का मजबूत स्तंभ

उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना (HICDP) को वर्ष 2003 में लघु विकास परियोजनाओं के नाम से शुरू किया गया था। यह कार्यक्रम नेपाल में स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से छोटे पैमाने की अवसंरचना और सामुदायिक परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

इस पहल के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता, ग्रामीण विद्युतीकरण, जलविद्युत और नदी प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है — ये सभी वे क्षेत्र हैं जिन्हें नेपाल सरकार ने स्वयं प्राथमिकता सूची में रखा है।

उल्लेखनीय है कि जनवरी 2024 में हुए एक नए समझौते के बाद प्रति परियोजना भारतीय वित्तीय सहायता की सीमा को 5 मिलियन NPR से बढ़ाकर 20 मिलियन NPR कर दिया गया, जो इस साझेदारी की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भारत-नेपाल संबंध: शिक्षा में निवेश क्यों अहम?

भारतीय दूतावास ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया कि भारत और नेपाल करीबी पड़ोसी होने के नाते अनेक क्षेत्रों में व्यापक सहयोग बनाए रखते हैं। शिक्षा में निवेश इस द्विपक्षीय रिश्ते की दीर्घकालिक सोच को दर्शाता है, क्योंकि शिक्षित युवा पीढ़ी ही किसी भी राष्ट्र की असली संपदा होती है।

गौरतलब है कि झापा जिला नेपाल के सबसे अधिक आबादी वाले और आर्थिक रूप से सक्रिय जिलों में से एक है। यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अवसंरचना की मांग लंबे समय से रही है। ऐसे में यह परियोजना न केवल एक स्कूल भवन का निर्माण है, बल्कि सैकड़ों बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक ठोस कदम है।

गहरा संदर्भ: HICDP की व्यापक भूमिका

विश्लेषकों के अनुसार, HICDP भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति का व्यावहारिक प्रतिबिंब है। 2003 से लेकर अब तक इस कार्यक्रम के तहत नेपाल में सैकड़ों परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब नेपाल में चीन की बढ़ती आर्थिक उपस्थिति को लेकर क्षेत्रीय समीकरण बदल रहे हैं।

भारत का यह कदम सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी का एक सशक्त उदाहरण है — जहां बड़े बांध या राजमार्ग नहीं, बल्कि स्थानीय स्कूल और अस्पताल आम नागरिकों के दिलों में जगह बनाते हैं। जनवरी 2024 में सहायता सीमा चौगुनी करने का निर्णय इस बात का संकेत है कि भारत नेपाल के साथ अपनी विकास साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

आने वाले महीनों में श्री जनता माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का निर्माण पूरा होने के साथ ही गौरादहा के सैकड़ों विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण सुविधाएं मिलेंगी, और यह परियोजना भारत-नेपाल मित्रता की एक जीवंत मिसाल बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब भारत स्थानीय स्कूलों और अस्पतालों के माध्यम से आम नागरिकों का भरोसा जीत रहा है — और यही सॉफ्ट पावर की असली ताकत है। HICDP की सहायता सीमा को चार गुना बढ़ाना यह संकेत देता है कि भारत नेपाल के साथ रणनीतिक और मानवीय — दोनों स्तरों पर संबंध प्रगाढ़ करना चाहता है। मुख्यधारा की मीडिया इसे एक साधारण विकास समाचार मान सकती है, लेकिन असल में यह दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने वाला एक सुविचारित कदम है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने नेपाल के झापा में कितनी राशि से स्कूल बनाने में मदद की?
भारत सरकार ने नेपाल के झापा जिले की गौरादहा नगरपालिका में श्री जनता माध्यमिक विद्यालय के नए भवन निर्माण के लिए लगभग 58 मिलियन नेपाली रुपये की अनुदान सहायता दी है। यह परियोजना HICDP कार्यक्रम के अंतर्गत क्रियान्वित की जाएगी।
HICDP क्या है और यह नेपाल में कैसे काम करती है?
HICDP यानी उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजना भारत-नेपाल विकास साझेदारी का प्रमुख कार्यक्रम है, जिसे 2003 में शुरू किया गया था। यह स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से नेपाल में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसे क्षेत्रों में छोटे पैमाने की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देती है।
झापा स्कूल भवन की आधारशिला किसने रखी?
श्री जनता माध्यमिक विद्यालय के नए भवन की आधारशिला 23 अप्रैल को कोशी प्रांत के मुख्यमंत्री हिकमत कुमार कार्की, भारतीय दूतावास की काउंसलर गीतांजलि ब्रैंडन और गौरादहा नगरपालिका के महापौर छत्रपति सुबेदी ने संयुक्त रूप से रखी।
जनवरी 2024 में HICDP में क्या बदलाव हुआ?
जनवरी 2024 में हुए एक नए समझौते के तहत HICDP के अंतर्गत प्रति परियोजना भारतीय वित्तीय सहायता की सीमा 5 मिलियन NPR से बढ़ाकर 20 मिलियन NPR कर दी गई। यह बदलाव भारत-नेपाल विकास साझेदारी को और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस स्कूल निर्माण से नेपाल के किन लोगों को फायदा होगा?
इस परियोजना से गौरादहा नगरपालिका, झापा के सैकड़ों छात्रों और शिक्षकों को बेहतर शिक्षण सुविधाएं मिलेंगी। नई अवसंरचना से स्थानीय शैक्षणिक माहौल में उल्लेखनीय सुधार होगा और यह क्षेत्र के समग्र विकास में भी सहायक बनेगी।
राष्ट्र प्रेस
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