29 अक्टूबर 2026
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भारत-ओमान नौसेना स्टाफ वार्ता का आठवाँ दौर नई दिल्ली में संपन्न, हिंद महासागर सुरक्षा पर मंथन

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भारत-ओमान नौसेना स्टाफ वार्ता का आठवाँ दौर नई दिल्ली में संपन्न, हिंद महासागर सुरक्षा पर मंथन

सारांश

भारतीय नौसेना और ओमान की रॉयल नेवी के बीच आठवें दौर की स्टाफ वार्ता नई दिल्ली में संपन्न हुई। दो दिवसीय बैठक में हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, संयुक्त अभियान, प्रशिक्षण और जल सर्वेक्षण सहयोग पर मंथन हुआ — यह दोनों देशों के बीच नियमित नौसैनिक संवाद की एक और मजबूत कड़ी है।

मुख्य बातें

भारतीय नौसेना और ओमान की रॉयल नेवी के बीच आठवें दौर की स्टाफ वार्ता 27-28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई।
भारतीय पक्ष का नेतृत्व कमोडोर कार्तिक श्रीमल और ओमानी पक्ष का नेतृत्व कमोडोर अहमद जुमा सलीम अल खतरि ने किया।
वार्ता में संयुक्त ऑपरेशनल गतिविधियों , प्रशिक्षण , सूचना आदान-प्रदान और जल सर्वेक्षण सहयोग पर चर्चा हुई।
हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री चुनौतियों से मिलकर निपटने की क्षमता विकसित करना वार्ता का प्रमुख उद्देश्य था।
यह बैठक दोनों देशों के बीच नियमित रक्षा संवाद श्रृंखला की आठवीं कड़ी है।

भारतीय नौसेना और ओमान की रॉयल नेवी के बीच 27-28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आठवें दौर की द्विपक्षीय स्टाफ वार्ता संपन्न हुई, जिसमें हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग, संयुक्त अभियानों और सूचना-साझाकरण को मजबूत करने पर केंद्रित चर्चा हुई। दोनों नौसेनाओं के बीच यह नियमित रक्षा संवाद श्रृंखला का नवीनतम और महत्वपूर्ण पड़ाव है।

वार्ता का नेतृत्व और भागीदारी

इस वार्ता की सह-अध्यक्षता भारतीय नौसेना की ओर से कमोडोर कार्तिक श्रीमल, कमोडोर (एफसी) और ओमान की रॉयल नेवी की ओर से कमोडोर अहमद जुमा सलीम अल खतरि, महानिदेशक (संचालन एवं योजना) ने की। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति इस वार्ता के सामरिक महत्व को रेखांकित करती है।

भारतीय नौसेना ने 29 अक्टूबर को इस बैठक की आधिकारिक जानकारी दी। दो दिवसीय यह वार्ता दोनों देशों के नौसैनिक ढाँचे के भीतर एक संस्थागत संवाद प्रक्रिया का हिस्सा है, जो नियमित अंतराल पर आयोजित होती है।

मुख्य एजेंडा बिंदु

बैठक में संयुक्त ऑपरेशनल गतिविधियों को बढ़ाने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने, सूचनाओं के आदान-प्रदान की प्रणाली में सुधार लाने और जल सर्वेक्षण के क्षेत्र में सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। जल सर्वेक्षण को समुद्री गतिविधियों की योजना और सुरक्षित नौवहन के लिहाज़ से अहम माना जाता है।

दोनों नौसेनाओं के परिचालन स्तर पर संपर्क बढ़ाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ। गौरतलब है कि हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा की चुनौतियाँ — जिनमें तस्करी, समुद्री डकैती और अवैध गतिविधियाँ शामिल हैं — दोनों देशों के लिए साझा सरोकार हैं।

भारत-ओमान समुद्री सहयोग की पृष्ठभूमि

भारत और ओमान के बीच हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा सहयोग की गहरी जड़ें हैं। ओमान की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति — अरब सागर और खाड़ी क्षेत्र के मुहाने पर — इसे भारत के समुद्री हितों के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार बनाती है। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग वैश्विक स्तर पर प्राथमिकता बन चुकी है।

यह आठवाँ दौर है, जो दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच नौसैनिक स्तर पर संस्थागत सहयोग लगातार परिपक्व हो रहा है। पिछले दौरों में भी ऑपरेशनल तालमेल, तकनीकी सहयोग और सूचना-साझाकरण पर ध्यान केंद्रित रहा है।

आगे की राह

इस वार्ता में तय की गई रूपरेखा के आधार पर दोनों नौसेनाओं के बीच संयुक्त गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाए जाने की उम्मीद है। भारतीय नौसेना और ओमान की रॉयल नेवी के बीच यह संवाद दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक और ठोस कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ओमान जैसे रणनीतिक रूप से अवस्थित साझेदार के साथ संस्थागत संवाद भारत की 'SAGAR' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) नीति को ज़मीन पर उतारने की कोशिश है। हालाँकि वार्ता के ठोस परिणामों — जैसे संयुक्त गश्त या सूचना-साझाकरण प्रोटोकॉल — का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया गया, जो पारदर्शिता की एक सीमा भी उजागर करता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ओमान नौसेना स्टाफ वार्ता का आठवाँ दौर कब और कहाँ हुआ?
यह वार्ता 27 और 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई। भारतीय नौसेना ने 29 अक्टूबर को इसकी आधिकारिक जानकारी दी।
इस वार्ता में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
वार्ता में संयुक्त ऑपरेशनल गतिविधियाँ बढ़ाने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने, सूचनाओं के आदान-प्रदान और जल सर्वेक्षण सहयोग पर चर्चा हुई। हिंद महासागर में साझा समुद्री चुनौतियों से मिलकर निपटने की क्षमता विकसित करना मुख्य उद्देश्य था।
वार्ता की अध्यक्षता किसने की?
भारतीय पक्ष से कमोडोर कार्तिक श्रीमल (कमोडोर, एफसी) और ओमान की रॉयल नेवी की ओर से कमोडोर अहमद जुमा सलीम अल खतरि (महानिदेशक, संचालन एवं योजना) ने सह-अध्यक्षता की।
भारत और ओमान के बीच समुद्री सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
ओमान की रणनीतिक स्थिति अरब सागर और खाड़ी क्षेत्र के मुहाने पर है, जो हिंद महासागर में भारत के समुद्री हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। समुद्री डकैती, तस्करी और अवैध गतिविधियाँ दोनों देशों के लिए साझा चुनौतियाँ हैं, जिनसे निपटने के लिए परिचालन तालमेल ज़रूरी है।
यह कितनी बार होने वाली वार्ता है और इसका महत्व क्या है?
यह दोनों देशों के बीच नियमित रक्षा संवाद श्रृंखला का आठवाँ दौर है। यह संस्थागत संवाद दोनों नौसेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल, तकनीकी सहयोग और सूचना-साझाकरण को लगातार परिपक्व बनाने का माध्यम है।
राष्ट्र प्रेस
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