भारत ने पाकिस्तान के झूठे आरोपों को किया खारिज: विदेश मंत्रालय
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तान के आरोप बेबुनियाद हैं।
- भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की विश्वसनीयता संदिग्ध है।
- अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष की स्थिति गंभीर है।
- रमजान के दौरान हवाई हमले पाखंड हैं।
- भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने पाकिस्तान के उस दावे की कड़ी खंडन किया है, जिसमें उसने कहा कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा (डूरंड लाइन) पर चल रहे संघर्ष में भारत की भागीदारी है। भारत ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार आतंकवाद के संदर्भ में पाकिस्तान की कोई विश्वसनीयता नहीं है। पाकिस्तान कई वर्षों से आतंकवाद को समर्थन देने वाला देश है।
भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "पाकिस्तान का यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है और अब यह आम बात हो गई है कि पाकिस्तान अपनी गलतियों का दोष भारत पर डालता है।"
उन्होंने कहा, "हम इन झूठे आरोपों को सख्ती से खारिज करते हैं। पाकिस्तान को अपनी गलतियों का खामियाजा भारत पर डालना आदत बन गई है। कोई भी उसकी झूठी कहानी में अब नहीं आ रहा।"
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष तब शुरू हुआ जब 27 फरवरी को अफगान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा 21 फरवरी को अफगान क्षेत्र में की गई सैन्य कार्रवाई के जवाब में थी।
इसके बाद पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' नामक सैन्य अभियान शुरू किया और कहा कि यह अफगान सेना की बिना उकसावे की गोलीबारी का जवाब है।
इस सप्ताह की शुरुआत में भारत ने पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर हवाई हमलों की भी कड़ी निंदा की। भारत ने कहा कि रमजान के महीने में ऐसे हमले करना और साथ ही इस्लामी एकता की बात करना पाखंड है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा, "एक ओर अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामिक एकजुटता के ऊंचे सिद्धांतों की बात करना और दूसरी ओर रमजान के पवित्र महीने में बेरहमी से हवाई हमला करना दिखावटी है।" उन्होंने कहा, "6 मार्च 2026 तक इन हमलों में 185 बेगुनाह लोग मारे गए हैं, जिनमें से लगभग 55 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे हैं।"
उन्होंने कहा, "भारत अफगान इलाके में हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर तथा देश की संप्रभुता के सिद्धांत का खुला उल्लंघन है।"
अफगानिस्तान पर काउंसिल की ब्रीफिंग में बोलते हुए हरीश ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी बातें स्पष्ट थीं कि वे किसके खिलाफ थीं।
पाकिस्तान ने दावा किया कि वह अफगानिस्तान पर हमला कर रहा था, क्योंकि वह अपने इलाके से आतंकवादियों को काम करने दे रहा था।
हालांकि, हरीश ने बताया कि यह इस्लामाबाद ही था, जो पड़ोसियों पर हमला करने के लिए आतंकवादी समूहों का उपयोग कर रहा था।