प्यू सर्वे 2025: 51% भारतीयों का पुतिन पर सबसे अधिक भरोसा, ट्रंप पर विश्वास 52% से घटकर 39% हुआ
सारांश
मुख्य बातें
प्यू रिसर्च सेंटर के ताज़ा वैश्विक सर्वे के अनुसार, भारत में अमेरिका के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है — 45 फीसदी भारतीयों की अमेरिका के बारे में अच्छी राय है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 54 फीसदी से कम है। इसी सर्वे में 51 फीसदी भारतीयों ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर वैश्विक नेताओं में सर्वाधिक विश्वास जताया।
सर्वे की पृष्ठभूमि और कार्यप्रणाली
यह सर्वे 8 फरवरी से 13 मई 2025 के बीच 36 देशों में किया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से अमेरिका की वैश्विक छवि पर पड़ने वाले असर को मापने के लिए यह सर्वे विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल 36 देशों में औसतन 57 फीसदी वयस्कों ने अमेरिका के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया।
गौरतलब है कि सर्वे के आंकड़े 100 फीसदी नहीं जुड़ते, क्योंकि कुछ प्रतिभागियों ने कोई राय नहीं दी या प्रश्न का उत्तर नहीं दिया।
भारत में ट्रंप और अमेरिका पर भरोसे की स्थिति
वैश्विक मामलों में सही निर्णय लेने को लेकर ट्रंप पर भारतीयों का भरोसा पिछले वर्ष के 52 फीसदी से घटकर इस वर्ष 39 फीसदी रह गया। 36 फीसदी भारतीयों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें वैश्विक मुद्दों पर ट्रंप के फैसलों पर भरोसा नहीं है। ट्रंप की टैरिफ नीति को केवल 18 फीसदी भारतीयों ने सराहा।
नीति-वार अप्रूवल की बात करें तो इमिग्रेशन नीति को 17 फीसदी, गाजा नीति को 18 फीसदी, ग्रीनलैंड नीति को 23 फीसदी, यूक्रेन नीति को 26 फीसदी, ईरान नीति को 28 फीसदी और अन्य नीतियों को 32 फीसदी भारतीयों का समर्थन मिला। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ नियम पर रोक लगाई है, जिससे पहले भारत पर 50 फीसदी तक का टैरिफ प्रभाव पड़ा था।
वैश्विक नेताओं पर भारतीयों का विश्वास
दुनिया के प्रमुख नेताओं में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर 51 फीसदी भारतीयों ने सर्वाधिक विश्वास जताया। इसके बाद इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर 34 फीसदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर 33 फीसदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर 25 फीसदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की पर 20 फीसदी भारतीयों ने भरोसा जताया।
47 फीसदी भारतीयों का मानना था कि अमेरिका दूसरे देशों के मामलों में आवश्यकता से अधिक दखल देता है, जबकि 30 फीसदी इससे असहमत थे। वहीं, 54 फीसदी भारतीयों ने कहा कि अमेरिकी सरकार व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान करती है।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य: अमेरिका बनाम चीन
वैश्विक स्तर पर अमेरिका के बारे में सकारात्मक सोच पिछले वर्ष के 49 फीसदी से घटकर 37 फीसदी रह गई। इसके विपरीत, सर्वेक्षण में शामिल देशों में चीन के बारे में सकारात्मक दृष्टिकोण रखने वालों का अनुपात पिछले वर्ष के 38 फीसदी से बढ़कर 46 फीसदी हो गया। भारत में चीन के बारे में अनुकूल राय पिछले वर्ष के 21 फीसदी से मामूली बढ़कर 23 फीसदी हुई।
पाकिस्तान में 82 फीसदी लोगों की ट्रंप के बारे में नकारात्मक राय रही — सर्वेक्षण में शामिल देशों में यह सर्वाधिक था — जबकि चीन के प्रति 90 फीसदी पाकिस्तानियों ने अनुकूल राय व्यक्त की।
भारत की सापेक्ष स्थिति
गिरावट के बावजूद, भारत का रुख 36 देशों के औसत से बेहतर रहा। भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल रहा जहाँ अमेरिका के प्रति अपेक्षाकृत अधिक सकारात्मक सोच देखी गई, विशेषकर चीन की तुलना में। वैश्विक स्तर पर 76 फीसदी लोगों को ट्रंप पर भरोसा नहीं था कि वे दुनिया के लिए सही काम करेंगे, जबकि केवल 23 फीसदी ने उन पर विश्वास जताया। यह सर्वे भारत-अमेरिका संबंधों की बदलती जमीन को रेखांकित करता है और आने वाले महीनों में द्विपक्षीय कूटनीति पर इसके असर की बारीकी से निगरानी होगी।