3 अगस्त 2026
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फेड के सख्त रुख के बाद सेंसेक्स-निफ्टी फ्लैट खुले, IT शेयरों में दबाव

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फेड के सख्त रुख के बाद सेंसेक्स-निफ्टी फ्लैट खुले, IT शेयरों में दबाव

सारांश

फेड ने दरें स्थिर रखीं, डॉट प्लॉट ने 2026 में बढ़ोतरी के संकेत दिए — और भारतीय बाजार ने सतर्क रहकर फ्लैट शुरुआत की। IT सेक्टर दबाव में, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप की बढ़त बताती है कि घरेलू निवेशक अभी भी बाजार में टिके हैं।

मुख्य बातें

सेंसेक्स 18 जून को 77,131.66 पर खुला, पिछले बंद से 23.96 अंक नीचे।
निफ्टी50 24,073.80 पर खुला; सुबह 9:18 बजे तक 24,090 पर मामूली बढ़त के साथ कारोबार।
निफ्टी मिडकैप 0.17% और निफ्टी स्मॉलकैप 0.24% की बढ़त में।
निफ्टी आईटी सबसे अधिक दबाव में; इंफोसिस , टीसीएस , टेक महिंद्रा , एचसीएलटेक टॉप लूज़र।
फेड ने फंड्स रेट 3.5%–3.7% पर स्थिर रखा; डॉट प्लॉट 2026 में बढ़ोतरी का संकेत।
निफ्टी के लिए 24,100 प्रमुख प्रतिरोध; 23,800–23,900 मजबूत सपोर्ट ज़ोन।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी50 ने गुरुवार, 18 जून को कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट की, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल बना दिया। सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 77,155.62 से 23.96 अंक फिसलकर 77,131.66 पर खुला, जबकि निफ्टी50 11.9 अंक की मामूली गिरावट के साथ 24,073.80 पर खुला।

शुरुआती कारोबार का हाल

सुबह करीब 9 बजकर 18 मिनट पर सेंसेक्स 19.04 अंक (0.02%) की गिरावट के साथ 77,136.58 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी50 4.30 अंक (0.02%) की मामूली बढ़त के साथ 24,090.00 पर था। व्यापक बाजार में तस्वीर थोड़ी बेहतर रही — निफ्टी मिडकैप 0.17% और निफ्टी स्मॉलकैप 0.24% की बढ़त के साथ हरे निशान में थे।

सेक्टरवार प्रदर्शन

सेक्टरों में निफ्टी आईटी सबसे अधिक दबाव में रहा। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचसीएलटेक निफ्टी50 के सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में रहे। इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मेटल और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने बेहतर प्रदर्शन किया।

फेड का फैसला और वैश्विक संकेत

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने फेडरल फंड्स के लक्ष्य को 3.5% से 3.7% के बीच स्थिर रखा। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने ब्याज दर के भविष्य पर कोई स्पष्ट पूर्वानुमान नहीं दिया, हालाँकि डॉट प्लॉट से संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक के अधिकारी 2026 में दर बढ़ोतरी की संभावना देख रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले चार लगातार सत्रों में भारतीय बाजार ने अच्छी बढ़त दर्ज की थी।

दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में और गिरावट आई है। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाएगा और ईरानी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएँगे, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

तकनीकी संकेत और विशेषज्ञ राय

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की समग्र गति सकारात्मक बनी हुई है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) बढ़कर 60.87 पर पहुँच गया है, जो खरीदारी की मजबूती का संकेत देता है। MACD भी पॉजिटिव क्रॉसओवर के साथ हरी हिस्टोग्राम बार दिखा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर फिलहाल सबसे बड़ा प्रतिरोध है। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो 24,300 से 24,500 तक की तेजी संभव है। नीचे की ओर 23,900 से 23,800 का दायरा मजबूत सपोर्ट के रूप में काम करेगा। आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेत और फेड की भाषा बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन डॉट प्लॉट का 2026 में बढ़ोतरी का संकेत भारतीय बाजार के लिए एक छिपी चेतावनी है — खासकर तब जब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) पहले ही सतर्क हैं। IT सेक्टर की गिरावट आकस्मिक नहीं है; अमेरिकी ग्राहकों के बजट पर दबाव और मंदी की आशंका भारतीय टेक कंपनियों की आय अनुमानों को सीधे प्रभावित करती है। दूसरी ओर, अमेरिका-ईरान समझौते से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत के लिए राहत की खबर है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। असली सवाल यह है कि क्या यह राहत फेड की सख्ती के असर को संतुलित करने के लिए काफी होगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18 जून को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ खुले?
सेंसेक्स 77,131.66 पर और निफ्टी50 24,073.80 पर खुला — दोनों पिछले बंद से मामूली नीचे। सुबह 9:18 बजे तक सेंसेक्स 77,136.58 और निफ्टी 24,090 के करीब कारोबार कर रहे थे।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ा?
फेड ने फेडरल फंड्स रेट 3.5%–3.7% पर स्थिर रखा, लेकिन डॉट प्लॉट ने 2026 में बढ़ोतरी के संकेत दिए। इससे वैश्विक बाजारों में सतर्कता आई और भारतीय बाजार ने फ्लैट शुरुआत की, खासकर IT शेयरों पर दबाव बढ़ा।
आज किन सेक्टरों में गिरावट और किनमें बढ़त रही?
निफ्टी आईटी सबसे अधिक दबाव में रहा, जिसमें इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएलटेक प्रमुख नुकसान में थे। वहीं निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मेटल और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने बेहतर प्रदर्शन किया।
अमेरिका-ईरान समझौते का बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा?
दोनों देशों के बीच अंतरिम समझौते के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट आई, जो भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे पिछले चार सत्रों में भारतीय बाजार में अच्छी तेजी देखी गई थी।
निफ्टी के लिए अगला बड़ा स्तर क्या है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,100 सबसे बड़ा प्रतिरोध स्तर है। इसके ऊपर टिकने पर 24,300 से 24,500 तक की तेजी संभव है, जबकि 23,800–23,900 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।
राष्ट्र प्रेस
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