फेड के सख्त रुख के बाद सेंसेक्स-निफ्टी फ्लैट खुले, IT शेयरों में दबाव
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी50 ने गुरुवार, 18 जून को कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट की, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल बना दिया। सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 77,155.62 से 23.96 अंक फिसलकर 77,131.66 पर खुला, जबकि निफ्टी50 11.9 अंक की मामूली गिरावट के साथ 24,073.80 पर खुला।
शुरुआती कारोबार का हाल
सुबह करीब 9 बजकर 18 मिनट पर सेंसेक्स 19.04 अंक (0.02%) की गिरावट के साथ 77,136.58 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी50 4.30 अंक (0.02%) की मामूली बढ़त के साथ 24,090.00 पर था। व्यापक बाजार में तस्वीर थोड़ी बेहतर रही — निफ्टी मिडकैप 0.17% और निफ्टी स्मॉलकैप 0.24% की बढ़त के साथ हरे निशान में थे।
सेक्टरवार प्रदर्शन
सेक्टरों में निफ्टी आईटी सबसे अधिक दबाव में रहा। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचसीएलटेक निफ्टी50 के सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में रहे। इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मेटल और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने बेहतर प्रदर्शन किया।
फेड का फैसला और वैश्विक संकेत
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने फेडरल फंड्स के लक्ष्य को 3.5% से 3.7% के बीच स्थिर रखा। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने ब्याज दर के भविष्य पर कोई स्पष्ट पूर्वानुमान नहीं दिया, हालाँकि डॉट प्लॉट से संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक के अधिकारी 2026 में दर बढ़ोतरी की संभावना देख रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले चार लगातार सत्रों में भारतीय बाजार ने अच्छी बढ़त दर्ज की थी।
दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में और गिरावट आई है। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाएगा और ईरानी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएँगे, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
तकनीकी संकेत और विशेषज्ञ राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की समग्र गति सकारात्मक बनी हुई है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) बढ़कर 60.87 पर पहुँच गया है, जो खरीदारी की मजबूती का संकेत देता है। MACD भी पॉजिटिव क्रॉसओवर के साथ हरी हिस्टोग्राम बार दिखा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर फिलहाल सबसे बड़ा प्रतिरोध है। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो 24,300 से 24,500 तक की तेजी संभव है। नीचे की ओर 23,900 से 23,800 का दायरा मजबूत सपोर्ट के रूप में काम करेगा। आने वाले सत्रों में वैश्विक संकेत और फेड की भाषा बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।