13 सितंबर 2026
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लोकायन 2026: आईएनएस सुदर्शिनी ने लिवोर्नो से समुद्री यात्रा फिर शुरू की, इटली नौसेना से बढ़ा सहयोग

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लोकायन 2026: आईएनएस सुदर्शिनी ने लिवोर्नो से समुद्री यात्रा फिर शुरू की, इटली नौसेना से बढ़ा सहयोग

सारांश

लोकायन 2026 अभियान पर निकला आईएनएस सुदर्शिनी इटली के लिवोर्नो से आगे बढ़ा — जहाँ इटली के नौसेना प्रमुख ने पोत का दौरा किया और दोनों देशों के नौसैनिकों ने परस्पर प्रशिक्षण साझा किया। यह यात्रा भारत की समुद्री कूटनीति का भूमध्यसागरीय विस्तार है।

मुख्य बातें

आईएनएस सुदर्शिनी लोकायन 2026 वैश्विक समुद्री अभियान के तहत इटली के लिवोर्नो से 13 सितंबर 2026 को रवाना हुआ।
इटली के नौसेना प्रमुख एडमिरल ज्यूसेपे बेरुत्ती बर्गोत्तो ने पोत का औपचारिक दौरा किया और चालक दल से बातचीत की।
सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने रियर एडमिरल अल्बेर्तो ताराबोत्तो से मुलाकात कर समुद्री अनुभव साझा किए।
भारतीय प्रशिक्षु नौसैनिकों ने इटली के पोत आईटीएस विर्जिनियो फासन और इटली की नौसेना अकादमी का दौरा किया।
लिवोर्नो के मेयर लुका सालवेत्ती और उप प्रीफेक्ट एदोआर्दो लोम्बार्दी से राजनयिक बातचीत भी हुई।

भारतीय नौसेना का पारंपरिक पाल पोत आईएनएस सुदर्शिनी इटली के लिवोर्नो बंदरगाह से अपनी अगली मंजिल की ओर रवाना हो गया है। यह पोत लोकायन 2026 वैश्विक समुद्री अभियान के तहत विभिन्न देशों की यात्रा कर रहा है, जिसका उद्देश्य भारत की समुद्री विरासत, नौसैनिक परंपराओं और संस्कृति का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रचार-प्रसार करना है। 13 सितंबर 2026 को रवानगी से पहले लिवोर्नो में हुए प्रवास के दौरान पोत पर उच्च-स्तरीय नौसैनिक और राजनयिक गतिविधियाँ संपन्न हुईं।

लोकायन 2026 अभियान और सुदर्शिनी की भूमिका

आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का एक प्रतिष्ठित पारंपरिक पाल पोत है, जिसका उपयोग प्रशिक्षण, समुद्री जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय सद्भावना यात्राओं के लिए किया जाता है। लोकायन 2026 अभियान के अंतर्गत यह पोत विश्व के अनेक बंदरगाहों का दौरा कर रहा है। प्रत्येक पड़ाव पर पेशेवर आदान-प्रदान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और द्विपक्षीय नौसैनिक संवाद आयोजित किए जाते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी समुद्री कूटनीति को भूमध्य सागर क्षेत्र में भी सुदृढ़ कर रहा है। गौरतलब है कि लोकायन अभियान की श्रृंखला वर्षों से भारत के नौसैनिक प्रशिक्षुओं को वैश्विक समुद्री अनुभव देने का एक सशक्त माध्यम रही है।

इटली नौसेना के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात

लिवोर्नो प्रवास के दौरान इटली की नौसेना के प्रमुख एडमिरल ज्यूसेपे बेरुत्ती बर्गोत्तो ने आईएनएस सुदर्शिनी का औपचारिक दौरा किया। उन्होंने चालक दल और प्रशिक्षु नौसैनिकों से सीधी बातचीत की तथा पोत की यात्रा एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली।

इसके अतिरिक्त, सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने इटली की नौसेना अकादमी के कमांडेंट रियर एडमिरल अल्बेर्तो ताराबोत्तो से भेंट की। दोनों पक्षों ने समुद्री अभियानों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। लिवोर्नो के मेयर लुका सालवेत्ती और उप प्रीफेक्ट एदोआर्दो लोम्बार्दी के साथ भी औपचारिक बातचीत हुई, जो इस यात्रा के राजनयिक आयाम को रेखांकित करती है।

प्रशिक्षण गतिविधियाँ और आपसी आदान-प्रदान

प्रशिक्षण के स्तर पर भी यह प्रवास उल्लेखनीय रहा। भारतीय प्रशिक्षु नौसैनिकों ने इटली के नौसैनिक पोत आईटीएस विर्जिनियो फासन और इटली की नौसेना अकादमी का दौरा किया। वहीं, इटली के नौसैनिक कर्मी आईएनएस सुदर्शिनी पर आए और दोनों देशों के जवानों ने एक-दूसरे की प्रशिक्षण पद्धतियों और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर पाया।

पोत पर एक विशेष स्वागत समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें इटली के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि, राजनयिक और अन्य विशिष्ट अतिथि सम्मिलित हुए।

भारत-इटली समुद्री संबंधों पर असर

इस यात्रा ने भारत और इटली के बीच समुद्री मित्रता और सहयोग को एक नया आयाम दिया है। दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच सीधे संपर्क से परस्पर विश्वास और समझ को बल मिला है। यह अभियान महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, विकास और पारस्परिक सहयोग की भावना को भी मूर्त रूप देता है।

आगे की यात्रा

लिवोर्नो से रवाना होने के बाद आईएनएस सुदर्शिनी लोकायन 2026 के अगले पड़ाव की ओर बढ़ चुका है। अभियान के शेष चरण में अन्य देशों के बंदरगाहों पर भी इसी प्रकार की सद्भावना और प्रशिक्षण गतिविधियाँ आयोजित होने की संभावना है, जो भारत की वैश्विक नौसैनिक उपस्थिति को और सुदृढ़ करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब लोकायन जैसे अभियान 'सॉफ्ट पावर' से आगे 'रणनीतिक परिचितता' का काम करते हैं। इटली के नौसेना प्रमुख का सीधे पोत पर आना इस यात्रा को प्रोटोकॉल से ऊपर उठाता है। सवाल यह है कि इन सांस्कृतिक-नौसैनिक संपर्कों को दीर्घकालिक रक्षा सहयोग में कितनी कुशलता से तब्दील किया जाता है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस सुदर्शिनी क्या है और इसका उपयोग किस लिए होता है?
आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का एक प्रतिष्ठित पारंपरिक पाल पोत है, जिसका उपयोग प्रशिक्षण, समुद्री जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय सद्भावना यात्राओं के लिए किया जाता है। यह पोत भारत की नौसैनिक परंपराओं और समुद्री विरासत का प्रतीक है।
लोकायन 2026 अभियान क्या है?
लोकायन 2026 भारतीय नौसेना का एक वैश्विक समुद्री अभियान है, जिसके तहत आईएनएस सुदर्शिनी विश्व के विभिन्न देशों के बंदरगाहों का दौरा करता है। इस अभियान का उद्देश्य भारत की समुद्री विरासत, संस्कृति और नौसैनिक परंपराओं का प्रचार-प्रसार करना तथा द्विपक्षीय नौसैनिक संबंधों को मज़बूत करना है।
लिवोर्नो प्रवास के दौरान कौन-सी प्रमुख गतिविधियाँ हुईं?
लिवोर्नो प्रवास के दौरान इटली के नौसेना प्रमुख एडमिरल ज्यूसेपे बेरुत्ती बर्गोत्तो ने पोत का दौरा किया। भारतीय प्रशिक्षु नौसैनिकों ने इटली के पोत आईटीएस विर्जिनियो फासन और इटली की नौसेना अकादमी का दौरा किया, जबकि इटली के नौसैनिक सुदर्शिनी पर आए। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन और राजनयिकों के साथ भी औपचारिक बैठकें हुईं।
इस यात्रा से भारत-इटली संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
इस यात्रा ने दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच सीधे संपर्क और आपसी समझ को बल दिया है। इटली के नौसेना प्रमुख के पोत दौरे से द्विपक्षीय नौसैनिक सहयोग को नई दिशा मिली है। यह यात्रा भारत की भूमध्यसागरीय क्षेत्र में समुद्री कूटनीति को मज़बूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
लिवोर्नो के बाद आईएनएस सुदर्शिनी कहाँ जाएगा?
लिवोर्नो से रवाना होने के बाद आईएनएस सुदर्शिनी लोकायन 2026 के अगले पड़ाव की ओर बढ़ चुका है। अभियान के शेष चरण में अन्य देशों के बंदरगाहों पर भी सद्भावना और प्रशिक्षण गतिविधियाँ आयोजित होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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