ऐतिहासिक! शांभवी-दिव्यांशु ने 499.9 के वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर से जीता गोल्ड, भारत के 12 मेडल

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ऐतिहासिक! शांभवी-दिव्यांशु ने 499.9 के वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर से जीता गोल्ड, भारत के 12 मेडल

सारांश

काहिरा आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में शांभवी क्षीरसागर और दिव्यांशु देवांगन ने 499.9 के वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर से गोल्ड जीता। भारत के कुल 12 मेडल के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान। टूर्नामेंट में दो दिन शेष, और पदकों की उम्मीद।

Key Takeaways

  • शांभवी क्षीरसागर और दिव्यांशु देवांगन ने 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम इवेंट में 499.9 के जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता।
  • इस जोड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में 632.0 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था।
  • काहिरा जूनियर वर्ल्ड कप में भारत के कुल 12 मेडल4 गोल्ड, 5 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज — हो गए हैं।
  • भारत समग्र पदक तालिका में पहले स्थान पर है; टूर्नामेंट में अभी दो दिन शेष हैं।
  • प्राची गायकवाड़ (50 मीटर राइफल 3पी) और शिव नरवाल (10 मीटर एयर पिस्टल) ने भी इस टूर्नामेंट में भारत के लिए गोल्ड जीते।
  • फ्रांस के अर्नोद गामालेरी ने 589 के स्कोर से जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए 25 मीटर रैपिड-फायर पिस्टल का गोल्ड जीता।

वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ भारत को चौथा गोल्ड

काहिरा (मिस्र), 24 अप्रैल। मिस्र की राजधानी काहिरा में जारी इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) जूनियर वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल/शॉटगन 2025 में भारत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शांभवी क्षीरसागर और दिव्यांशु देवांगन की जोड़ी ने 499.9 के जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह इस टूर्नामेंट में भारत का चौथा गोल्ड मेडल है।

इस शानदार जोड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में भी दमदार प्रदर्शन करते हुए 632.0 के कुल स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था, जिससे फाइनल में उनका आत्मविश्वास और भी बढ़ा। भारतीय जोड़ी के इस प्रदर्शन ने दुनियाभर के निशानेबाजी प्रेमियों का ध्यान खींचा।

पदक तालिका में भारत का दबदबा

चीनी ताइपे की जोड़ी त्साई चीह-यिंग और चेन यू-एन ने 498.3 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता। वहीं, फ्रांस के टिफेन पोम्स और गैसपार्ड लेसीयर की जोड़ी ने 434.4 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

इस जीत के साथ काहिरा जूनियर वर्ल्ड कप में भारत के कुल पदकों की संख्या 12 हो गई है — जिसमें 4 गोल्ड, 5 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। भारतीय दल फिलहाल समग्र पदक तालिका में पहले स्थान पर काबिज है, जो देश की उभरती निशानेबाजी प्रतिभाओं का प्रमाण है।

रैपिड-फायर पिस्टल में समीर का संघर्ष

जूनियर पुरुषों के 25 मीटर रैपिड-फायर पिस्टल इवेंट में भारत के समीर ने क्वालिफाइंग राउंड में 573 के स्कोर के साथ फाइनल में प्रवेश किया और दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि, फाइनल में उनका प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहा और वे सातवें स्थान पर रहे।

आठ-सीरीज के फाइनल की पहली तीन पांच-शॉट सीरीज में समीर ने सात हिट किए। इस इवेंट में फ्रांस के अर्नोद गामालेरी ने 589 का स्कोर पोस्ट करते हुए जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की और 29 हिट के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

भारत के अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शन

इससे पहले गुरुवार को प्राची गायकवाड़ ने जूनियर महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन (3पी) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को दूसरा गोल्ड दिलाया था। ओलंपिक इंटरनेशनल सिटी शूटिंग रेंज में आयोजित इस फाइनल में प्राची अकेली भारतीय प्रतिभागी थीं।

21 अप्रैल को शिव नरवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया था। वहीं, नारायण प्रणव ने फाइनल में 229.5 के स्कोर के साथ जूनियर पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक हासिल किया था।

भारतीय निशानेबाजी का उज्ज्वल भविष्य

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शांभवी क्षीरसागर और दिव्यांशु देवांगन जैसे युवा खिलाड़ी आने वाले वर्षों में भारत की ओलंपिक उम्मीदों की रीढ़ बन सकते हैं। भारतीय निशानेबाजी ने 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद से जूनियर स्तर पर लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, जो भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) की दीर्घकालिक प्रतिभा विकास नीति का परिणाम माना जा रहा है।

टूर्नामेंट के समापन में अभी दो दिन शेष हैं और भारतीय दल से और पदकों की उम्मीद है। यदि भारत यह बढ़त बनाए रखता है तो यह जूनियर वर्ल्ड कप में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा।

Point of View

बल्कि भारतीय जूनियर निशानेबाजी की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। जहां एक दशक पहले भारत ओलंपिक में पदक के लिए संघर्ष करता था, आज जूनियर स्तर पर विश्व रिकॉर्ड तोड़े जा रहे हैं — यह एनआरएआई की व्यवस्थित प्रतिभा पाइपलाइन का नतीजा है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या ये युवा खिलाड़ी सीनियर स्तर पर भी इसी ऊंचाई को बनाए रख पाएंगे, जहां अक्सर सिस्टम की कमियां प्रतिभाओं को पीछे धकेल देती हैं। भारत को अब इन चैंपियनों के लिए दीर्घकालिक सपोर्ट स्ट्रक्चर सुनिश्चित करना होगा।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

शांभवी क्षीरसागर और दिव्यांशु देवांगन ने आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में क्या उपलब्धि हासिल की?
शांभवी क्षीरसागर और दिव्यांशु देवांगन ने काहिरा में आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम इवेंट में 499.9 के जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता। यह भारत का इस टूर्नामेंट में चौथा स्वर्ण पदक था।
काहिरा आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2025 में भारत के कुल कितने मेडल हैं?
काहिरा जूनियर वर्ल्ड कप में भारत के कुल 12 मेडल हो गए हैं, जिनमें 4 गोल्ड, 5 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं। भारत इस समय समग्र पदक तालिका में पहले स्थान पर है।
25 मीटर रैपिड-फायर पिस्टल इवेंट में भारत के समीर का प्रदर्शन कैसा रहा?
भारत के समीर ने क्वालिफाइंग राउंड में 573 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई, लेकिन फाइनल में वे सातवें स्थान पर रहे। इस इवेंट में फ्रांस के अर्नोद गामालेरी ने 589 के स्कोर से जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए गोल्ड जीता।
आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में भारत को पहला गोल्ड किसने दिलाया?
भारत को आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप में पहला गोल्ड मेडल 21 अप्रैल को शिव नरवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट जीतकर दिलाया था। इसके बाद प्राची गायकवाड़ ने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में दूसरा गोल्ड जीता।
आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2025 कहाँ आयोजित हो रहा है और कब तक चलेगा?
आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2025 मिस्र की राजधानी काहिरा में आयोजित हो रहा है। 24 अप्रैल तक टूर्नामेंट के समापन में दो दिन शेष थे, यानी यह लगभग 26 अप्रैल तक चलेगा।
Nation Press