इटारसी–भोपाल–बीना के बीच चौथी रेल लाइन को मंजूरी, ₹4,329 करोड़ की परियोजना, 237 किमी होगी लंबाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इटारसी–भोपाल–बीना के बीच चौथी रेल लाइन को मंजूरी, ₹4,329 करोड़ की परियोजना, 237 किमी होगी लंबाई

सारांश

देश के सबसे व्यस्त रेल गलियारों में शामिल इटारसी–भोपाल–बीना रेलखंड पर ₹4,329 करोड़ की चौथी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिल गई है। 237 किमी लंबी इस लाइन से मध्यप्रदेश को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा।

मुख्य बातें

पश्चिम मध्य रेलवे के इटारसी–भोपाल–बीना रेलखंड पर चौथी नई रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति दी गई है।
परियोजना की अनुमानित लागत ₹4,329 करोड़ ; कुल रेल लंबाई 237 किलोमीटर , ट्रैक लंबाई 264 किलोमीटर ।
चालू वित्तीय वर्ष में ₹100 करोड़ की बजट राशि आवंटित; टेंडर और भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाधीन।
परियोजना में 9 सुरंगें , 4 प्रमुख पुल , 39 बड़े पुल , 151 छोटे पुल , 43 रोड ओवर ब्रिज और 39 रोड अंडरब्रिज शामिल।
रेल मंत्रालय ने परियोजना पूर्ण करने की समय-सीमा चार वर्ष निर्धारित की है।

पश्चिम मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त इटारसी–भोपाल–बीना रेलखंड पर चौथी नई रेल लाइन बिछाने की परियोजना को औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। ₹4,329 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लंबाई 237 किलोमीटर और ट्रैक की कुल लंबाई 264 किलोमीटर निर्धारित की गई है। रेल मंत्रालय ने इस परियोजना को चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

परियोजना की पृष्ठभूमि और आवश्यकता

इटारसी–भोपाल–बीना रेलखंड देश के सर्वाधिक व्यस्त रेल मार्गों में गिना जाता है। यहाँ यात्री और मालगाड़ियों की संख्या इतनी अधिक है कि मौजूदा तीन लाइनें यातायात का दबाव संभालने में कठिनाई महसूस करती हैं। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए चौथी रेल लाइन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

गौरतलब है कि यह रेलखंड मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ने के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण भारत के बीच माल एवं यात्री परिवहन की एक प्रमुख धुरी भी है। चौथी लाइन से इस पूरे गलियारे पर रेल परिचालन की क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार होगा।

सर्वे और वित्तीय स्थिति

अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है। अब टेंडर प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। चालू वित्तीय वर्ष में इस परियोजना के लिए ₹100 करोड़ की बजट राशि आवंटित की गई है, जो प्रारंभिक निर्माण कार्यों को गति देने में सहायक होगी।

बुनियादी ढाँचे का विवरण

परियोजना के अंतर्गत व्यापक बुनियादी ढाँचे का निर्माण किया जाएगा। इसमें 9 सुरंगें, 4 प्रमुख पुल, 39 बड़े पुल, 151 छोटे पुल, 43 रोड ओवर ब्रिज और 39 रोड अंडरब्रिज शामिल हैं। इन संरचनाओं के निर्माण से रेल नेटवर्क अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सक्षम बनेगा।

आम जनता और मध्यप्रदेश पर असर

चौथी रेल लाइन चालू होने के बाद यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा और मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी। इससे मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। व्यापारिक दृष्टि से भी यह परियोजना क्षेत्र में माल ढुलाई की लागत और समय दोनों घटाने में सहायक होगी।

आगे की राह

रेल मंत्रालय के अनुसार, भूमि अधिग्रहण और टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। परियोजना की समय-सीमा चार वर्ष निर्धारित की गई है। यह परियोजना भारतीय रेलवे के उस व्यापक विस्तार अभियान का हिस्सा है जिसके तहत देश के सर्वाधिक व्यस्त रेल गलियारों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — भारतीय रेलवे की कई बड़ी परियोजनाएँ भूमि अधिग्रहण और टेंडर प्रक्रिया में वर्षों उलझी रही हैं। चालू वित्त वर्ष में मात्र ₹100 करोड़ का आवंटन, कुल ₹4,329 करोड़ की परियोजना के सापेक्ष, यह संकेत देता है कि वास्तविक निर्माण गति अभी धीमी रहेगी। चार वर्ष की समय-सीमा तभी यथार्थवादी होगी जब भूमि अधिग्रहण बिना विवाद के आगे बढ़े — जो इस क्षेत्र में ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इटारसी–भोपाल–बीना चौथी रेल लाइन परियोजना क्या है?
यह पश्चिम मध्य रेलवे के सबसे व्यस्त इटारसी–भोपाल–बीना रेलखंड पर चौथी नई रेल लाइन बिछाने की परियोजना है। इसकी कुल लंबाई 237 किलोमीटर और अनुमानित लागत ₹4,329 करोड़ है।
इस परियोजना की लागत और बजट आवंटन कितना है?
परियोजना की अनुमानित लागत ₹4,329 करोड़ है। चालू वित्तीय वर्ष में प्रारंभिक कार्यों के लिए ₹100 करोड़ की बजट राशि आवंटित की गई है।
यह परियोजना कब तक पूरी होगी?
रेल मंत्रालय ने इस परियोजना को पूरा करने की समय-सीमा चार वर्ष निर्धारित की है। फिलहाल टेंडर प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही जारी है।
इस रेल लाइन से किसे फायदा होगा?
मध्यप्रदेश के यात्रियों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी, मालगाड़ियों की आवाजाही सुचारु होगी और उत्तर-दक्षिण भारत के बीच माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी।
परियोजना में किस बुनियादी ढाँचे का निर्माण होगा?
परियोजना के तहत 9 सुरंगें, 4 प्रमुख पुल, 39 बड़े पुल, 151 छोटे पुल, 43 रोड ओवर ब्रिज और 39 रोड अंडरब्रिज बनाए जाएंगे। ट्रैक की कुल लंबाई 264 किलोमीटर होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले