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जबलपुर में ₹20,000 इनामी बदमाश छोटू चौबे गिरफ्तार, NSA के तहत कार्रवाई; अवैध पिस्तौल बरामद

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जबलपुर में ₹20,000 इनामी बदमाश छोटू चौबे गिरफ्तार, NSA के तहत कार्रवाई; अवैध पिस्तौल बरामद

सारांश

जबलपुर पुलिस ने ₹20,000 इनामी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर छोटू चौबे को गिरफ्तार कर NSA के तहत कार्रवाई की। जेल से रिहाई के बाद फिर सक्रिय हुए इस अपराधी के पास से अवैध पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए। इलाके में उसके खौफ के कारण लोग शिकायत दर्ज कराने से डर रहे थे।

मुख्य बातें

जबलपुर पुलिस ने 12 जून को ₹20,000 इनामी हिस्ट्रीशीटर छोटू चौबे को गिरफ्तार किया।
आरोपी के पास से एक अवैध पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने उसके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई की।
आरोपी हाल ही में जेल से रिहा होकर फिर से संगठित गैंग चला रहा था।
एसपी सम्पत उपाध्याय के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीमों ने लगातार निगरानी के बाद गिरफ्तारी को अंजाम दिया।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने 12 जून को बड़ी सफलता हासिल करते हुए ₹20,000 के इनामी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर छोटू चौबे को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से एक अवैध पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उसकी लगातार आपराधिक गतिविधियों और इलाके में भय का माहौल बनाने की कोशिशों के मद्देनज़र उसके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कड़ी कार्रवाई की है।

मुख्य घटनाक्रम

जबलपुर के पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने बताया कि छोटू चौबे जिले का एक कुख्यात अपराधी है, जिसका लंबा आपराधिक इतिहास है। वह एक संगठित गैंग का संचालन करता था और फिरौती वसूली, हत्या तथा अवैध हथियारों के कारोबार सहित कई संगीन अपराधों में उसकी संलिप्तता सामने आई है।

उपाध्याय के अनुसार, छोटू चौबे हाल ही में जेल से रिहा हुआ था और बाहर आते ही उसने फिर से आपराधिक गतिविधियाँ शुरू कर दी थीं। क्षेत्र में उसके खौफ के कारण कई पीड़ित औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से बच रहे थे।

गिरफ्तारी कैसे हुई

एसपी सम्पत उपाध्याय ने बताया कि आरोपी का नाम हाल के दो मामलों में सामने आने के बाद पुलिस ने उसे प्राथमिकता के आधार पर पकड़ने की योजना बनाई। विशेष पुलिस टीमों को उसकी तलाश में लगाया गया। लगातार निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर उसे दबोचा गया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक अवैध पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुए, जिनकी विस्तृत जाँच जारी है।

NSA के तहत कार्रवाई क्यों

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) एक निवारक निरोध कानून है जो किसी व्यक्ति को सार्वजनिक व्यवस्था या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानने पर बिना तत्काल मुकदमे के हिरासत में रखने की अनुमति देता है। पुलिस के अनुसार, छोटू चौबे की आपराधिक गतिविधियाँ और इलाके में उसके द्वारा फैलाया गया भय इस कानून के प्रयोग को उचित ठहराता है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश पुलिस संगठित अपराध पर नकेल कसने के लिए NSA का उपयोग बढ़ा रही है।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि छोटू चौबे के खौफ के कारण क्षेत्र के कई लोग एफआईआर दर्ज कराने से डर रहे थे। इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय निवासियों में राहत का माहौल है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि उसके गैंग के अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।

क्या होगा आगे

अवैध हथियारों और कारतूसों को लेकर अलग से मामला दर्ज किया जा रहा है। NSA के तहत हिरासत में लिए जाने के बाद छोटू चौबे को अधिकतम 12 महीने तक बिना मुकदमे के हिरासत में रखा जा सकता है। पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने के लिए पूछताछ कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नागरिक स्वतंत्रता के नज़रिए से सवाल भी उठाता है। यह ध्यान देने योग्य है कि जेल से रिहाई के बाद अपराधी का फिर सक्रिय होना पुनर्वास और निगरानी तंत्र की खामियों की ओर इशारा करता है। क्षेत्र में गवाहों का डर के कारण शिकायत न करना दर्शाता है कि संगठित अपराध का मनोवैज्ञानिक प्रभाव कानूनी प्रक्रिया से कहीं गहरा होता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छोटू चौबे कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
छोटू चौबे जबलपुर का एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर ₹20,000 का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, वह फिरौती वसूली, हत्या और अवैध हथियारों के कारोबार सहित कई संगीन अपराधों में संलिप्त रहा है और जेल से रिहाई के बाद फिर से सक्रिय हो गया था।
NSA के तहत कार्रवाई का क्या मतलब है?
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत किसी व्यक्ति को सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा मानने पर बिना तत्काल मुकदमे के अधिकतम 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है। पुलिस ने छोटू चौबे की आपराधिक गतिविधियों और इलाके में फैलाए गए भय के आधार पर यह कदम उठाया।
गिरफ्तारी के दौरान क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने छोटू चौबे के पास से एक अवैध पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए। इन हथियारों को लेकर अलग से जाँच जारी है।
गिरफ्तारी में देरी क्यों हुई?
एसपी सम्पत उपाध्याय के अनुसार, क्षेत्र में छोटू चौबे के खौफ के कारण कई पीड़ित औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से डर रहे थे। इसके बावजूद पुलिस उसकी गतिविधियों पर नज़र रखे हुए थी और पर्याप्त खुफिया जानकारी एकत्र करने के बाद उसे दबोचा गया।
राष्ट्र प्रेस
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