24 सितंबर 2026
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पंजाब में BJP की नशा-विरोधी यात्रा: जयराम ठाकुर ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में टेका मत्था, AAP सरकार पर साधा निशाना

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पंजाब में BJP की नशा-विरोधी यात्रा: जयराम ठाकुर ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में टेका मत्था, AAP सरकार पर साधा निशाना

सारांश

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पंजाब में BJP की नशा-विरोधी यात्रा में शामिल हुए और तख्त श्री केसगढ़ साहिब में मत्था टेका। उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सभी राज्यों को मिलकर काम करना होगा।

मुख्य बातें

जयराम ठाकुर ने 24 सितंबर 2026 को श्री आनंदपुर साहिब में BJP की नशा-विरोधी यात्रा में भाग लिया।
उन्होंने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में मत्था टेका और पंजाब सरकार को नशे की रोकथाम पर आड़े हाथों लिया।
ठाकुर ने कहा कि अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में उत्तर भारत के राज्यों के बीच चंडीगढ़ और शिमला में नशे के खिलाफ समन्वित कार्रवाई को लेकर बैठकें हुई थीं।
SIR पर विपक्ष के सवालों को उन्होंने बेबुनियाद करार दिया और चुनाव आयोग को संवैधानिक संस्था बताया।
उन्होंने वादा किया कि हिमाचल में BJP सरकार बनने पर पंजाब-हिमाचल सीमा के टोल बैरियर विवाद का समाधान निकाला जाएगा।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को पंजाब के श्री आनंदपुर साहिब पहुँचे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नशा-विरोधी यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने ऐतिहासिक तख्त श्री केसगढ़ साहिब में मत्था टेकने के बाद पंजाब की सत्तारूढ़ सरकार पर नशे की समस्या को नियंत्रित करने में विफलता का आरोप लगाया।

यात्रा का उद्देश्य और BJP का संदेश

जयराम ठाकुर ने कहा कि नशा किसी एक प्रदेश की समस्या नहीं, बल्कि यह पूरे उत्तर भारत को प्रभावित करने वाला गंभीर मुद्दा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी उद्देश्य से BJP की ओर से पंजाब में यह नशा-विरोधी यात्रा आयोजित की जा रही है, ताकि आम जनता को इस संकट के प्रति जागरूक किया जा सके।

ठाकुर ने अपने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में नशे की रोकथाम के लिए उत्तर भारत के राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वार्ता की गई थी और चंडीगढ़ तथा शिमला में बैठकें भी आयोजित की गई थीं। उन्होंने बताया कि तब यह सहमति बनी थी कि यदि किसी एक राज्य में सख्त कार्रवाई हो, तो सीमावर्ती राज्य भी उसी दिशा में कदम उठाएँ।

चुनाव आयोग और SIR पर प्रतिक्रिया

विभिन्न विपक्षी दलों द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर जयराम ठाकुर ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े रहे लोग भी चुनाव आयोग का हिस्सा रहे हैं, इसलिए इस संस्था की निष्पक्षता पर उठाए जा रहे सवाल बेबुनियाद हैं।

ED और CBI के कथित दुरुपयोग पर जवाब

ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग के आरोपों पर ठाकुर ने कहा कि इन जाँच एजेंसियों की कार्रवाई केवल उन्हीं लोगों के विरुद्ध होती है जो गलत काम करते हैं। उनके अनुसार, जिसका दामन साफ है उसे इन एजेंसियों से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं।

पंजाब-हिमाचल टोल विवाद पर बड़ा बयान

जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में भविष्य में BJP की सरकार बनती है, तो पंजाब-हिमाचल सीमा पर लगाए गए टोल बैरियरों को लेकर बड़ा फैसला लिया जाएगा और लोगों को राहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा हिमाचल सरकार द्वारा बढ़ाए गए टोल रेटों के कारण दोनों राज्यों के लोगों के आपसी संबंध प्रभावित हो रहे हैं।

आगे क्या

BJP की यह नशा-विरोधी यात्रा पंजाब में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) पर दबाव बनाने के व्यापक रणनीतिक प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि इस यात्रा का पंजाब की राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि AAP सरकार को उसकी सबसे बड़ी कमज़ोरी पर घेरने की कोशिश है। गौरतलब है कि नशे का मुद्दा पंजाब में वर्षों से हर चुनाव की धुरी रहा है, फिर भी ठोस परिणाम अब तक अधूरे हैं — यह आलोचना सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों पर समान रूप से लागू होती है। जयराम ठाकुर का टोल बैरियर वाला बयान हिमाचल के चुनावी गणित को भी ध्यान में रखकर दिया गया प्रतीत होता है। असली सवाल यह है कि यात्राओं और बयानबाज़ी से आगे BJP पंजाब में कोई ठोस नीतिगत विकल्प सामने रखती है या नहीं।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब में BJP की नशा-विरोधी यात्रा क्या है?
यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा पंजाब में नशे की समस्या के विरुद्ध जन-जागरूकता और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आयोजित एक अभियान है। इस यात्रा के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता पंजाब के विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर पहुँचकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने श्री आनंदपुर साहिब में क्या किया?
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 24 सितंबर 2026 को तख्त श्री केसगढ़ साहिब में मत्था टेका और BJP की नशा-विरोधी यात्रा में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने पंजाब सरकार पर नशे की रोकथाम में विफल रहने का आरोप लगाया।
नशे की समस्या पर जयराम ठाकुर का क्या रुख है?
ठाकुर का कहना है कि नशा किसी एक राज्य की समस्या नहीं है और इससे निपटने के लिए सभी राज्यों को समन्वित प्रयास करने होंगे। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में चंडीगढ़ और शिमला में उत्तर भारत के राज्यों की बैठकें आयोजित करने का उल्लेख किया।
पंजाब-हिमाचल टोल विवाद पर जयराम ठाकुर ने क्या कहा?
ठाकुर ने कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश में BJP की सरकार बनती है तो पंजाब-हिमाचल सीमा के टोल बैरियरों को लेकर बड़ा फैसला लिया जाएगा। उनके अनुसार, मौजूदा सरकार द्वारा बढ़ाए गए टोल रेटों से दोनों राज्यों के लोगों के संबंध प्रभावित हो रहे हैं।
SIR और चुनाव आयोग पर BJP का क्या कहना है?
जयराम ठाकुर ने चुनाव आयोग को पूरी तरह संवैधानिक और स्वायत्त संस्था बताया। उन्होंने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों को बेबुनियाद करार दिया।
राष्ट्र प्रेस
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