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मध्य प्रदेश सरकारी बुकलेट में स्कूली शिक्षा डेटा पर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने उठाए सवाल

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मध्य प्रदेश सरकारी बुकलेट में स्कूली शिक्षा डेटा पर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने उठाए सवाल

सारांश

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार की बुकलेट में छपे स्कूली शिक्षा के आंकड़ों पर तीखे सवाल उठाए हैं — खासकर यह कि 12वीं के परिणाम घोषित होने से पहले ही लैपटॉप-स्कूटर योजना के लाभार्थियों की संख्या कैसे दर्ज हो गई। सरकार की चुप्पी से विवाद और गहरा हो गया है।

मुख्य बातें

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने 1 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश सरकार की बुकलेट 'विकास और सेवा के 2 साल' के आंकड़ों पर सवाल उठाए।
पुस्तिका 30-31 मार्च 2026 को युवा विधायक सम्मेलन में बांटी गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपलब्धियों का उल्लेख है।
मुख्य आपत्ति: 12वीं परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले लैपटॉप और स्कूटर योजना के 2025-26 के लाभार्थी आंकड़े पुस्तिका में कैसे दर्ज हुए।
जयवर्धन सिंह ने 2023-24 बनाम 2024-25 के परीक्षा परिणाम सुधार के दावे का आधार भी माँगा।
शिक्षकविहीन या एकल-शिक्षक स्कूलों की समस्या को भी उन्होंने उजागर किया।
मध्य प्रदेश सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कांग्रेस विधायक और मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने राज्य सरकार की पुस्तिका 'विकास और सेवा के 2 साल' में प्रकाशित स्कूली शिक्षा के आंकड़ों की सटीकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने 1 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और विधानसभा सचिवालय को पत्र लिखकर इन आंकड़ों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

विवाद का केंद्र: क्या है पुस्तिका और कब बांटी गई

यह पुस्तिका 30 और 31 मार्च 2026 को मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन के दौरान वितरित की गई थी। इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव के भाषण का विवरण और राज्य सरकार की कथित उपलब्धियों का ब्यौरा दिया गया है।

मुख्य आपत्ति: परीक्षा परिणाम से पहले लाभार्थियों के आंकड़े कैसे

जयवर्धन सिंह ने खास तौर पर 2025-26 के दौरान लैपटॉप और स्कूटर योजनाओं से लाभान्वित छात्रों की संख्या पर सवाल उठाया है। उनका तर्क है कि 30-31 मार्च 2026 तक 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए थे, ऐसे में विभाग के पास लाभार्थियों की सटीक जानकारी होना संभव नहीं था। उन्होंने पूछा, 'विभाग के पास 2025-26 के लिए इन योजनाओं से लाभान्वित होने वाले छात्रों की जानकारी कैसे हो सकती है जबकि 30-31 मार्च तक 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए गए थे।'

शिक्षकों की कमी और परीक्षा परिणामों पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने पुस्तिका में इस दावे का आधार भी मांगा कि 2024-25 में परीक्षा परिणाम 2023-24 की तुलना में बेहतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार आंकड़ों को उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है, तो साल-दर-साल परीक्षा परिणाम, पास प्रतिशत, छात्र संख्या और संबंधित विभागीय रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने ऐसे स्कूलों की ओर ध्यान दिलाया जो बिना किसी शिक्षक या मात्र एक शिक्षक के साथ संचालित हो रहे हैं। उनके अनुसार शिक्षकों की कमी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जिसे राज्य की शिक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन करते समय नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

जवाबदेही की मांग: अधिकारियों पर कार्रवाई का आग्रह

जयवर्धन सिंह ने मांग की है कि आंकड़ों के स्रोत और आधार का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाए और संबंधित सत्यापन रिपोर्ट भी जारी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के भाषण और सरकारी उपलब्धियों से जुड़े किसी भी प्रकाशन में गलत या बिना पुष्टि वाली जानकारी का होना गंभीर मामला है। यदि जांच में डेटा गलत पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए — यह उनकी स्पष्ट मांग है।

सरकार की प्रतिक्रिया

अभी तक मध्य प्रदेश सरकार ने जयवर्धन सिंह के इन आरोपों और मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह देखना होगा कि सरकार आंकड़ों की पारदर्शिता को लेकर उठे इन सवालों का जवाब देती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो लाभार्थी संख्या का उसी तारीख को वितरित पुस्तिका में होना डेटा की विश्वसनीयता पर सीधा प्रश्नचिह्न लगाता है। यह महज़ विपक्षी राजनीति नहीं, बल्कि सरकारी प्रकाशनों में जवाबदेही की व्यापक समस्या को उजागर करता है। मध्य प्रदेश में शिक्षक रिक्तियों और एकल-शिक्षक स्कूलों की स्थिति पहले से दस्तावेज़ीकृत है, इसलिए उपलब्धि-केंद्रित आंकड़ों को बिना संदर्भ के पेश करना भ्रामक हो सकता है। सरकार की चुप्पी इस विवाद को और लंबा खींचेगी।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयवर्धन सिंह ने किस पुस्तिका के आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं?
उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार की पुस्तिका 'विकास और सेवा के 2 साल' पर सवाल उठाए हैं, जो 30-31 मार्च 2026 को युवा विधायक सम्मेलन में बांटी गई थी। इस पुस्तिका में मुख्यमंत्री मोहन यादव के भाषण और सरकार की कथित उपलब्धियों का विवरण है।
लैपटॉप और स्कूटर योजना के आंकड़ों पर विवाद क्यों है?
जयवर्धन सिंह का कहना है कि 30-31 मार्च 2026 तक 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए थे, जबकि पुस्तिका में 2025-26 के लाभार्थियों की संख्या दर्ज है। उनके अनुसार परिणाम घोषित हुए बिना लाभार्थियों की सटीक संख्या जानना संभव नहीं था।
कांग्रेस विधायक ने किन अधिकारियों को पत्र लिखा है?
जयवर्धन सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यालय, मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और विधानसभा सचिवालय को पत्र लिखकर आंकड़ों की जांच और सत्यापन रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
मध्य प्रदेश सरकार ने इस पर क्या कहा है?
अभी तक मध्य प्रदेश सरकार ने जयवर्धन सिंह के आरोपों और मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जयवर्धन सिंह ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी और कौन-सी समस्याएं उठाई हैं?
उन्होंने बिना शिक्षक या केवल एक शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या उजागर की और कहा कि शिक्षकों की कमी को राज्य की शिक्षा व्यवस्था के मूल्यांकन में शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने 2023-24 की तुलना में 2024-25 में परीक्षा परिणाम सुधार के दावे का भी आधार माँगा है।
राष्ट्र प्रेस
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