जालंधर पुलिस ने विदेशी हैंडलर्स से जुड़े गैंग के 4 सदस्य पकड़े, 3 पिस्तौल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने 20 जून 2025 को जबरन वसूली और फायरिंग की घटनाओं में संलिप्त विदेश में बैठे हैंडलर्स से संचालित एक गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन आधुनिक पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए हैं। पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे। कथित तौर पर इन्होंने जालंधर और एसबीएस नगर ज़िलों में फायरिंग की कई घटनाओं की योजना बनाई और उन्हें अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस स्टेशन भार्गव कैंप में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली गई है।
सीमा पार हथियार तस्करी पर भी बड़ी सफलता
इससे पूर्व पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट एक संयुक्त अभियान चलाया था। इस अभियान में सुरक्षा एजेंसियों ने एक एके-47 राइफल, 25 पिस्तौल और 368 जिंदा कारतूस बरामद किए तथा एक आरोपी को गिरफ्तार किया। यह संयुक्त कार्रवाई बीएसएफ पंजाब और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) अमृतसर की टीम ने मिलकर की।
जाँच में पता चला है कि उस मामले में गिरफ्तार आरोपी ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक सहयोगी के निर्देशों पर काम कर रहा था, जिसने कथित तौर पर सोशल मीडिया ऐप्स के ज़रिए हथियार गिराने की जगह की जानकारी दी थी।
डीजीपी की प्रतिक्रिया
डीजीपी गौरव यादव ने एक्स पर लिखा, "सीमा पार हथियारों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी में बीएसएफ पंजाब ने एसएसओसी अमृतसर के साथ मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन में 1 एके-47 राइफल, 25 पिस्तौल और 368 जिंदा कारतूस बरामद किए और भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर के पास एक आरोपी को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले एक साथी के कहने पर काम कर रहा था, जिसने कथित तौर पर सोशल मीडिया ऐप्स के ज़रिए हथियार गिराने की जगह की जानकारी दी थी।"
उन्होंने आगे कहा, "पंजाब पुलिस संगठित अपराध सिंडिकेट को खत्म करने, सीमा पार तस्करी नेटवर्क से निपटने और पंजाब की सुरक्षा और सलामती सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
जाँच की दिशा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क के पिछले और आगे के कनेक्शन का पता लगाने तथा इसमें शामिल अन्य साथियों की पहचान करने के लिए जाँच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सीमा पार संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार अभियान चला रही हैं। गौरतलब है कि विदेशी हैंडलर्स द्वारा सोशल मीडिया के ज़रिए स्थानीय गुर्गों को निर्देशित करने का यह तरीका पंजाब में संगठित अपराध का एक उभरता हुआ पैटर्न बन चुका है।