जमशेदपुर डबल डाउन पब हत्याकांड: बिष्टुपुर थाना प्रभारी समेत 4 पुलिसकर्मी निलंबित, बार सील
सारांश
मुख्य बातें
जमशेदपुर के डबल डाउन पब एंड बार में हुए हत्याकांड में मंगलवार, 30 जून को प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही जिला प्रशासन ने विवादित प्रतिष्ठान को सील कर उसके लाइसेंस और संचालन की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की सोमवार देर शाम मौत के बाद शहर में भड़के जनआक्रोश और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
यह मामला 27 जून की देर रात डबल डाउन पब एंड बार में हुए विवाद से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, पब के भीतर कुछ युवकों द्वारा युवतियों के साथ कथित छेड़खानी का हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्युष आनंद ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और पब से बाहर निकलते ही स्थिति हिंसक हो गई।
जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, पुलिस की पीसीआर वैन मौके पर पहुंचने के बाद हिमांशु और प्रत्युष सुरक्षा के लिए उसमें बैठ गए थे। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही दोनों को वाहन से बाहर खींचकर चाकू और चापड़ जैसे धारदार हथियारों से हमला किया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।
गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार को इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई। प्रत्युष आनंद का इलाज अभी भी जारी है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। इससे पहले पीसीआर वैन में तैनात दो एएसआई और एक कांस्टेबल को भी निलंबित किया जा चुका था। पुलिस निरीक्षक निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर डबल डाउन पब एंड बार को सील कर दिया गया है। बार के लाइसेंस, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों की भूमिका और आबकारी नियमों के अनुपालन की जांच के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस ने बार संचालक एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता नीरज सिंह समेत 10-11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। अब तक सोनू राम सरदार और राज लोहार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि शेष की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
विधि-व्यवस्था के एडीजी मनोज कौशिक मंगलवार को जमशेदपुर पहुंचे और मामले की समीक्षा कर जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जनआक्रोश और विरोध प्रदर्शन
हिमांशु सिंह की मौत की खबर फैलते ही सोमवार शाम शहर में व्यापक विरोध प्रदर्शन भड़क उठा। करणी सेना के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने बिष्टुपुर गोलचक्कर को करीब छह घंटे तक जाम रखा। प्रदर्शन के दौरान सिटी एसपी ललित मीणा के सरकारी वाहन पर भी हमला हुआ, जिसमें वाहन के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया। पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि यदि अपराधी पुलिस वाहन के सामने इस तरह हमला कर सकते हैं, तो यह आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब झारखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है।
आगे क्या होगा
जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान कर छापेमारी कर रही हैं। डबल डाउन पब एंड बार के लाइसेंस रद्द होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।